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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   Maulana Azad from Rampur, Mayawati from Bijnor and Mulayam Singh from Sambhal have contested elections

UP: दिग्गजों की पसंद रही यहां की चुनावी जमीन, मौलाना आजाद, मायावती और मुलायम से लेकर ये दिग्गज लड़ चुके चुनाव

Thu, 04 Apr 2024 02:40 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद Published by: शाहरुख खान Updated Thu, 04 Apr 2024 02:40 PM IST
सार

रामपुर से मौलाना आजाद, मुख्तार अब्बास नकवी, बिजनौर से मायावती और संभल से मुलायम सिंह यादव चुनाव लड़ चुके हैं। 1952 में मौलाना आजाद को 59.57 प्रतिशत वोट मिले थे। 1998 में मुलायम सिंह यादव ने 50.04 प्रतिशत मत पाए थे।

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Maulana Azad from Rampur, Mayawati from Bijnor and Mulayam Singh from Sambhal have contested elections
Lok sabha election - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मंडल की जमीन सियासी दिग्गजों की पसंद रही है। यहां से चुनाव लड़ने के बाद कई नेताओं ने अपने राजनीतिक सफर में बुलंदियां हासिल कीं तो कुछ ने बुलंदियों पर रहते हुए मुरादाबाद मंडल से चुनाव लड़ा। इनमें भाजपा, सपा, बसपा व कांग्रेस चारों प्रमुख दलों के बड़े चेहरे शामिल रहे हैं।
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मुरादाबाद मंडल की संभल लोकसभा सीट से सपा के संस्थापक व पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव दो बार चुनाव लड़ चुके हैं। उन्होंने 1998 व 1999 में इस सीट से बड़े अंतर से जीत हासिल की थी। संभल लोकसभा सीट से ही भाजपा के वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह 1999 में मुलायम सिंह के खिलाफ चुनाव लड़े थे। इसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
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मंडल की बिजनौर लोकसभा सीट से 1989 में बहुजन समाज पार्टी की वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती चुनाव लड़ चुकी हैं। इसमें उन्हें बड़े अंतर से जीत मिली थी। इसके अलावा 2019 में मुरादाबाद लोकसभा सीट से कांग्रेस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष शायर इमरान प्रतापगढ़ी चुनाव लड़ चुके हैं। 
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यहां उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा था। इन चारों दलों के नेताओं में यदि मुलायम सिंह यादव को छोड़ दिया जाए तो चुनाव के समय किसी के पास पार्टी में बहुत बड़ा पद नहीं था। जबकि मुरादाबाद मंडल से चुनाव लड़ने के बाद इनके राजनीतिक कद में बढ़ोतरी होती चली गई।
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अबुल कलाम आजाद
अबुल कलाम आजाद ने पहला लोकसभा चुनाव रामपुर से लड़ा। उन्होंने पहली लोकसभा के चुनाव में 108180 वोट पाए थे, जोकि 59.57 प्रतिशत थे। आजाद कांग्रेस के बड़े नेता थे।  1923 में वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सबसे कम उम्र के अध्यक्ष बने। 1940 और 1945 के बीच कांग्रेस के अध्यक्ष रहे।
  • रामपुर जिले से 1952 में सांसद चुने गए और भारत के पहले शिक्षा मंत्री बने। पहले लोकसभा चुनाव में बहुत कम प्रत्याशियों ने इतने बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी।

 

मुलायम सिंह यादव
मुलायम सिंह यादव इन प्रत्याशियों में अकेले ऐसे नेता हैं, जो सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व दो बार मुख्यमंत्री रहते हुए संभल से चुनाव लड़े। 1998 में संभल लोकसभा सीट से उन्हें 376828 वोट मिले, जोकि 50.04 प्रतिशत थे। 1999 में फिर संभल लोकसभा से उन्हें सांसद चुना गया।
  • इस बार 259403 वोटों पर उन्होंने कब्जा किया, जोकि 41.85 प्रतिशत थे। मुलायम सिंह यादव 1996 में एचडी देवगौड़ा की सरकार में देश के रक्षा मंत्री भी रह चुके हैं। 

मायावती
चार बार उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रह चुकीं मायावती के पास 1989 में बसपा में बड़ा पद नहीं था। उस समय कांशीराम पार्टी के अध्यक्ष थे। मायावती ने 1989 में बिजनौर सीट से लोकसभा चुनाव लड़ा। उन्होंने 183189 वोट पाए  और जनता दल के मंगलराम प्रेमी को हराया।
  • मायावती को इस चुनाव में 37.96 प्रतिशत वोट मिले थे। इसके बाद उनका कद पार्टी में बढ़ता चला गया। आज वह बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।

चौधरी भूपेंद्र सिंह
मुरादाबाद से ही ताल्लुक रखने वाले चौधरी भूपेंद्र सिंह ने 1999 में संभल लोकसभा सीट से सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के खिलाफ चुनाव लड़ा था। उस समय उनके पास भाजपा में बड़ा पद नहीं था। वह जीत नहीं सके लेकिन पार्टी में उनका कद बढ़ता गया। 
  • चौधरी भूपेंद्र सिंह योगी सरकार के दोनों कार्यकाल में कैबिनेट मंत्री रहे। पंचायती राज विभाग संभाला। बाद में पार्टी ने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी। 

इमरान प्रतापगढ़ी
शायर इमरान प्रतापगढ़ी 2019 में कांग्रेस के लिए मुरादाबाद लोकसभा सीट से चुनाव लड़े थे। उस समय पार्टी में उनके पास कोई पद नहीं था। इमरान को चुनाव में 59198 वोट मिले थे, जोकि 4.62 प्रतिशत थे। इमरान ने 2019 के चुनाव में भावुक होकर कहा था कि मैं बाहरी नहीं हूं।
  • करारी हार के बावजूद कांग्रेस में उनका कद तेजी से बढ़ता    चला गया।  आज वह राज्यसभा सांसद हैं और कांग्रेस के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। 

मुख्तार अब्बास नकवी
मुख्तार अब्बास नकवी ने अपना पहला लोकसभा चुनाव 1998 में रामपुर से लड़ा और 265116 वोट पाकर जीत गए। ऐसा पहली बार हुआ था कि कोई मुस्लिम चेहरा भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी के रूप में चुनकर संसद पहुंचा हो। इसके बाद मुख्तार अटल बिहारी वाजपेई की सरकार में केंद्रीय सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री बन गए। नकवी 2010 से 2016 तक उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सदस्य रहे।
  • 2014 की मोदी सरकार में अल्पसंख्यक मामलों और संसदीय मामलों के राज्य मंत्री बने। 2016 में उन्हें अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय का  स्वतंत्र प्रभार मिला। मई 2019 में मोदी कैबिनेट में शामिल हुए और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री बने।

ये दिग्गज भी मुरादाबाद मंडल से लड़ चुके हैं चुनाव : आचार्य जेबी कृपलानी, मीरा कुमार, रामगोपाल यादव, मोहम्मद अजहरुद्दीन, जयाप्रदा, आजम खां

 
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