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जीआरपी के निशाने पर अभी और भी रेल अफसर
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Mon, 24 Apr 2017 01:45 AM IST
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रामपुर रेल हादसे में जीआरपी पंद्रह अधिकारियों के बयान ले चुकी है। अब जीआरपी बाकी बचे अधिकारियों की लिस्ट तैयार कर रही है। जल्द ही इन्हें नोटिस भेजकर बयान के लिए एसपी रेल कार्यालय बुलाया जाएगा। इस बार बयान देने वाले सूची में मंडल के आला अधिकारियों के के भी नाम शामिल हो सकते है।
सोमवार को नोटिस की दूसरी सूची जारी की जा सकती है। पंद्रह अप्रैल की सुबह मेरठ से लखनऊ जा रही राज्यरानी एक्सप्रेस रामपुर में पहुंचने से पहले बेपटरी हो गई। ट्रेन की दस बोगी पटरी से उतर गई।
इस मामले में जीआरपी ने रेल अधिकारियों और कर्मचारियों पर लापरवाही का मुकदमा दर्ज कर पंद्रह अधिकारियों को नोटिस भेजकर बयान के लिए बुलाया। इन अधिकारियों के बयान हो चुके हैं। इसके बाद जीआरपी दूसरी सूची तैयार कर रही है। इस सूची में डीआरएम और एडीआरएम के भी नाम शामिल हो सकते हैं।
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अधिकारियों के अलावा घटना से जुड़े विभागीय कर्मचारियों को भी बुलाया जा सकता है। जांच अधिकारी सीओ जीआरपी गाजियाबाद रनवीर सिंह ने बताया कि अभी और अधिकारियों से बयान लिए जाने हैं। इसके लिए सूची बनाई जा रही है। एक दो दिनों में बयान के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को नोटिस जारी किया जाएगा।
अभी नहीं हो पाया गार्ड का बयान
हादसे के दिन भूप सिंह सैनी बतौर गार्ड राज्यरानी एक्सप्रेस में थे। बयान के लिए पंद्रह लोगों में उनका भी नाम शामिल था। लेकिन स्वास्थ्य ठीक न होने से वह एसपी रेल कार्यालय नहीं पहुंचे। अभी उनका बयान नहीं हो सका है। हादसे में गार्ड का बयान अहम हो सकता है। क्योंकि सबसे आखिर में गार्ड का डिब्बे डिरेल हुआ। आगे की स्थिति के बारे में गार्ड बेहतर बता सकते हैं।
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सोमवार को नोटिस की दूसरी सूची जारी की जा सकती है। पंद्रह अप्रैल की सुबह मेरठ से लखनऊ जा रही राज्यरानी एक्सप्रेस रामपुर में पहुंचने से पहले बेपटरी हो गई। ट्रेन की दस बोगी पटरी से उतर गई।
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इस मामले में जीआरपी ने रेल अधिकारियों और कर्मचारियों पर लापरवाही का मुकदमा दर्ज कर पंद्रह अधिकारियों को नोटिस भेजकर बयान के लिए बुलाया। इन अधिकारियों के बयान हो चुके हैं। इसके बाद जीआरपी दूसरी सूची तैयार कर रही है। इस सूची में डीआरएम और एडीआरएम के भी नाम शामिल हो सकते हैं।
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अधिकारियों के अलावा घटना से जुड़े विभागीय कर्मचारियों को भी बुलाया जा सकता है। जांच अधिकारी सीओ जीआरपी गाजियाबाद रनवीर सिंह ने बताया कि अभी और अधिकारियों से बयान लिए जाने हैं। इसके लिए सूची बनाई जा रही है। एक दो दिनों में बयान के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को नोटिस जारी किया जाएगा।
अभी नहीं हो पाया गार्ड का बयान
हादसे के दिन भूप सिंह सैनी बतौर गार्ड राज्यरानी एक्सप्रेस में थे। बयान के लिए पंद्रह लोगों में उनका भी नाम शामिल था। लेकिन स्वास्थ्य ठीक न होने से वह एसपी रेल कार्यालय नहीं पहुंचे। अभी उनका बयान नहीं हो सका है। हादसे में गार्ड का बयान अहम हो सकता है। क्योंकि सबसे आखिर में गार्ड का डिब्बे डिरेल हुआ। आगे की स्थिति के बारे में गार्ड बेहतर बता सकते हैं।