अखिलेश की सुरक्षा में सेंध, बेकाबू समर्थकों पर बरसीं लाठियां
महागठबंधन की चुनावी जनसभा को संबोधित करने आए पूर्व सीएम अखिलेश की सुरक्षा को लेकर पुलिस गंभीर नहीं दिखाईं दी। जनसभा खत्म होने के बाद पूर्व सीएम के मंच से उतरते ही समर्थक बैरिकेडिंग से कूदकर उनकी कार के पास पहुंच गए। सेल्फी का दौर शुरू हुआ तो अफरा-तफरी मच गई। एनएसजी कमांडो ने अखिलेश को किसी तरह वहां से निकाला। काफिला हैलीपैड की ओर बढ़ा तो भीड़ भी उधर पहुंच गई। जिस पर पुलिस ने लाठियां भांजनी शुरू कर दी। जिससे भगदड़ मच गई। बैरिकेडिंग टूट गई। कुर्सियां तितर-बितर हो गईं। इस दौरान एक निजी चैनल के पत्रकार समेत कई समर्थक घायल हो गए।
गुरुवार को नौगांवा विधानसभा क्षेत्र के श्रीराम किसान इंटर कालेज बादशाहपुर में महागठबंधन प्रत्याशी कुंवर दानिश अली के समर्थन में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जनसभा को संबोधित किया। उनका हेलीकाप्टर पौने दो बजे उतरा। एक बजकर 52 मिनट पर वह मंच पर पहुंचे। करीब 25 मिनट रैली को संबोधित किया। जनसभा खत्म होने पर वह मंच से उतरने लगे। तभी अव्यवस्था हावी हो गई। समर्थकों की भीड़ बैरिकेडिंग से कूदकर उनके पास तक पहुंच गई। पुलिस कर्मी मूकदर्शक बनकर खड़े रहे। समर्थकों की भीड़ ने पूर्व सीएम को चारों ओर से घेर लिया। हालांकि अखिलेश यादव के करीब तक पहुंचना संभव नहीं हुआ तो समर्थक दूर से सेल्फी लेने लगे।
पूर्व सीएम की सुरक्षा में सेंध से हड़कंप मच गया। अखिलेश यादव की सुरक्षा में तैनात एनएसजी कमांडो ने उन्हें गाड़ी में बैठाकर वहां से निकाला। अखिलेश यादव की गाड़ी के पहुंचने से पहले ही समर्थकों की भीड़ हेलीपैड की बैरिकेडिंग पर पहुंच गई और अखिलेश यादव जिंदाबाद के नारेबाजी लगाने लगी। यह देखकर अखिलेश यादव भी गाड़ी से उतरकर समर्थकों के पास तक पहुंच गए। कुछ लोगों से हाथ भी मिलाया। जैसे ही वह हेलीकाप्टर में बैठने के लिए बढ़े तो समर्थकों के बीच आपाधापी और धक्कामुक्की शुरू हो गई। बैरीकेडिंग टूटने के डर से पुलिस ने भीड़ को काबू करने का प्रयास किया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। इसके बाद पुलिस ने लाठी भांजनी शुरू कर दी। जिससे भीड़ में अफरातफरी मच गई। कई समर्थक जमीन पर गिर पड़े। जबकि कई लोग पुलिस की लाठी से घायल हो गए।
तलाशी में लापरवाही, मेटल डिटेक्टर फ्रेम भी हटाया
पूर्व मुख्यमंत्री की जनसभा के दौरान सुरक्षा-व्यवस्था में पुलिस प्रशासन की लापरवाही इस कदर हावी रही है, पुलिस कर्मियों ने लोगों की तलाशी लेने तक की जहमत न उठाई। जबकि अखिलेश यादव के पहुंचने से पहले ही मेटल डिटेक्टर फ्रेम को भी हटा दिया गया था।
लाठी चार्ज की निंदा, पत्रकार से पूछा नाम
जनसभा के बाद पुलिस द्वारा लाठी चार्ज की घटना को लेकर पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कड़ी निंदा की। लहूलुहान पत्रकार ने पूर्व सीएम अखिलेश यादव से शिकायत दर्ज कराई। पूर्व सीएम ने पत्रकार से उसका नाम पूछा और इलाज कराने के लिए कहा। उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। कहा कि मुझे दुख है, पत्रकार को देखते और जानते हुए भी उसके सिर पर लाठी मार दी। हमारे कार्यक्रम दो-चार सिपाही लगा लेते हैं और मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में लगाएंगे हजारों सिपाही। सुरक्षा सबकी बराबर है। अगर सुरक्षा-व्यवस्था ठीक होती तो पुलिस को लाठी बरसाने की जरूरत नहीं पड़ती। इसके लिए पुलिस जिम्मेदार है।