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UP: यूपी की इन दो सीटों पर न खुल सका बसपा का खाता, तीसरे या चौथे नंबर पर ही रह जाते हैं उम्मीदवार
Sat, 30 Mar 2024 01:42 PM IST
शाहरुख खान
जितेंद्र कुमार, अमर उजाला, मुरादाबाद
जितेंद्र कुमार, अमर उजाला, मुरादाबाद
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 30 Mar 2024 01:42 PM IST
सार
यूपी की मुरादाबाद और रामपुर लोकसभा सीट पर बसपा का खाता भी नहीं खुला है। पार्टी के उम्मीदवार हमेशा तीसरे या चौथे नंबर पर ही सिमटते रहे हैं। हालांकि मंडल की बाकी चारों सीटों पर बसपा ने जीत दर्ज की है।
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बसपा सुप्रीमो मायावती(फाइल फोटो)
- फोटो : amar ujala
विस्तार
मुरादाबाद मंडल की मुरादाबाद और रामपुर लोकसभा सीट पर अब तक बसपा खाता नहीं खोल सकी। दोनों सीटों पर चुनाव दर चुनाव बसपा के वोट प्रतिशत में उतार-चढ़ाव तो देखने को मिलता रहा, लेकिन वह इतना वोट हासिल नहीं कर पाई कि मुख्य मुकाबले में आ सके।
हमेशा तीसरे या चौथे नंबर पर ही पार्टी के प्रत्याशी सिमटते रहे हैं। हालांकि मंडल की बाकी चारों सीटों पर बसपा ने जीत दर्ज की है। इस बार बसपा मंडल की सभी सीटों पर नए समीकरणों के साथ चुनाव मैदान में अकेले ही कूदी है।
मुरादाबाद मंडल की संभल, अमरोहा, और बिजनौर लोकसभा सीटों पर बसपा प्रत्याशी दो-दो बार जीत दर्ज कर चुके हैं, जबकि नगीना सीट पर एक बार ही सफलता मिली है। 1989 में बसपा सु्प्रीमो मायावती बिजनौर लोकसभा सीट से चुनाव जीत दर्ज कर संसद पहुंची थीं।
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मायावती के बाद इस सीट पर बसपा को तीस साल बाद 2019 में जीत मिली। तब सपा से गठबंधन में बसपा के मलूक नागर कामयाब हुए। संभल में 1996 में डीपी यादव और 2009 में डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क बसपा के टिकट पर चुनाव जीत कर संसद पहुंचने में कामयाब हुए। इसी तरह अमरोहा लोकसभा सीट पर भी बसपा दो बार जीत दर्ज कर चुकी है।
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हमेशा तीसरे या चौथे नंबर पर ही पार्टी के प्रत्याशी सिमटते रहे हैं। हालांकि मंडल की बाकी चारों सीटों पर बसपा ने जीत दर्ज की है। इस बार बसपा मंडल की सभी सीटों पर नए समीकरणों के साथ चुनाव मैदान में अकेले ही कूदी है।
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मुरादाबाद मंडल की संभल, अमरोहा, और बिजनौर लोकसभा सीटों पर बसपा प्रत्याशी दो-दो बार जीत दर्ज कर चुके हैं, जबकि नगीना सीट पर एक बार ही सफलता मिली है। 1989 में बसपा सु्प्रीमो मायावती बिजनौर लोकसभा सीट से चुनाव जीत दर्ज कर संसद पहुंची थीं।
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मायावती के बाद इस सीट पर बसपा को तीस साल बाद 2019 में जीत मिली। तब सपा से गठबंधन में बसपा के मलूक नागर कामयाब हुए। संभल में 1996 में डीपी यादव और 2009 में डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क बसपा के टिकट पर चुनाव जीत कर संसद पहुंचने में कामयाब हुए। इसी तरह अमरोहा लोकसभा सीट पर भी बसपा दो बार जीत दर्ज कर चुकी है।
यहां पहले 1999 में राशिद अल्वी और 2019 में दानिश अली बसपा के टिकट जीते। पर, मुरादाबाद और रामपुर सीट पर चेहरे बदलकर उतारने का प्रयोग भी उसे कामयाबी नहीं दिला सका।
मुरादाबाद सीट पर बसपा का प्रदर्शन
| प्रत्याशी | वर्ष | वोट |
| हाजी याकूब कुरैशी | 2014 | 1,60,945 |
| राजीव चन्ना | 2009 | 1,47,594 |
| इफ्तेकार मो. खान | 2004 | 1,50,616 |
| मो. आकिल | 1999 | 1,23,714 |
| राजा राम सैनी | 1998 | 1,36,081 |
| अकबर हुसैन | 1996 | 1,12,254 |
| विसी खान | 1991 | 669 |
| रामचंद्र सैनी | 1989 | 19,135 |
रामपुर सीट पर बसपा का प्रदर्शन
| प्रत्याशी | वर्ष | वोट |
| अकबर हुसैन | 2014 | 81,006 |
| घनश्याम सिंह लोधी | 2009 | 95,132 |
| अफरोज अली खान | 2004 | 1,26,406 |
| घनश्याम सिंह लोधी | 1999 | 1,10,362 |
| अब्दुल सलाम | 1998 | 1,31,441 |
| मुशीर अहमद लारी | 1996 | 79,959 |
| हिफाजत उल्लाह खान | 1991 | 17,237 |
| सुभान हाजी | 1989 | 1,26,382 |