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Moradabad News: लाइनपार में सीवर कनेक्शन नहीं, तीन लाख की आबादी अब भी निजी टैंकों पर निर्भर
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मुरादाबाद। शहर में स्मार्ट सिटी और स्वच्छता मिशन के दावे भले जोरों पर हों लेकिन जमीनी हकीकत तो यह ही है कि अब भी लाइनपार के कई मोहल्लों में सीवर लाइन तक नहीं बिछाई गई है। यहां करीब तीन लाख से अधिक की आबादी को अब भी निजी टैंकों के सहारे ही रहना पड़ रहा है। प्रभावित इलाकों में प्रकाश नगर, प्रेम नगर, हनुमान नगर, रामेश्वर कॉलोनी, ज्ञानी वाली बस्ती, चाऊ की बस्ती, कुंदनपुर, शिवाजी नगर, गायत्री नगर, लक्ष्मण पुरी, चिड़ियाटोला, कृष्णपुरी, रामलीला मैदान, श्रीराम नगर कॉलोनी, मातामंदिर, लक्ष्मी नगर और शंकर नगर जैसे डेढ़ दर्जन से अधिक इलाके हैं। इन इलाकों में रहने वाले लोगों ने निजी सेप्टिक टैंक बनाए गए हैं जो कुछ सालों बाद भर जाते हैं और उन्हें बार-बार सफाई करानी पड़ती है। बरसात के दिनों में यह समस्या और गंभीर हो जाती है। तब सफाई करवाने में पूरे क्षेत्र को परेशानी उठानी पड़ती है। लाइनपार में कई कॉलोनियां दो दशक पहले ही बस चुकी हैं। लेकिन इसके बावजूद भी यहां अबतक सीवर लाइन बिछाने के लिए कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया गया।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि वह सीवर का टैक्स देने के लिए भी तैयार हैं लेकिन फिर भी लाइन नहीं बिछाई जा रही है। सीवर लाइन के बिछ जाने से क्षेत्र के लोगों को टैंक साफ कराने के लिए मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी। स्थानीय निवासी राकेश सैनी, शिवम अग्रवाल, अनीता और पवन कुमार का कहना है कि सारे काम मुख्य सड़क, अच्छी कॉलोनियों या रिहायशी इलाकों में होता है। यहां टैंक साफ कराने के लिए हजारों रुपये खर्च करने पड़ते हैं जबकि अगर सीवर लाइन डाल दी जाएगी तो हर साल कुछ ही पैसा टैक्स में जाएगा।
- क्या बोले स्थानीय लोग
शहर बदल रहा है लेकिन लाइनपार के इलाके अभी भी मूलभूत सुविधाओं की राह देख रहे हैं। सीवर लाइन बिछाई जानी चाहिए ताकि लोगों को पुरानी व्यवस्था से निजात मिले। अभी भी टैंक की सफाई कराने के लिए लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बरसात के दिनों में काफी परेशानी बढ़ जाती है। - योगेश राघव, रामेश्वर कॉलोनी
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- टैंक पुराने जमाने के बने हुए हैं। अब इसका स्थायी इंतजाम होना चाहिए और लाइन बिछाई जानी चाहिए। लोग हाउस टैक्स और वाटर टैक्स देते ही हैं। कुछ घरों में सीवर के टैक्स भी जुड़कर आते हैं लेकिन उन्हें सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। - सत्यम कुमार, गायत्री नगर
- काफी समय से सुनते आ रहे हैं कि लाइनपार के इलाकों में सीवर लाइन बिछाई जाएगी। लेकिन कभी भी इसपर कोई काम नहीं हुआ। जब पूरे शहर में सीवर की लाइन डाल दी गई है तो इस इलाके में भी सुविधाओं को विकसित करना चाहिए। - गोविंद कुमार, रामतलैया कॉलोनी
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स्थानीय निवासियों का कहना है कि वह सीवर का टैक्स देने के लिए भी तैयार हैं लेकिन फिर भी लाइन नहीं बिछाई जा रही है। सीवर लाइन के बिछ जाने से क्षेत्र के लोगों को टैंक साफ कराने के लिए मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी। स्थानीय निवासी राकेश सैनी, शिवम अग्रवाल, अनीता और पवन कुमार का कहना है कि सारे काम मुख्य सड़क, अच्छी कॉलोनियों या रिहायशी इलाकों में होता है। यहां टैंक साफ कराने के लिए हजारों रुपये खर्च करने पड़ते हैं जबकि अगर सीवर लाइन डाल दी जाएगी तो हर साल कुछ ही पैसा टैक्स में जाएगा।
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- क्या बोले स्थानीय लोग
शहर बदल रहा है लेकिन लाइनपार के इलाके अभी भी मूलभूत सुविधाओं की राह देख रहे हैं। सीवर लाइन बिछाई जानी चाहिए ताकि लोगों को पुरानी व्यवस्था से निजात मिले। अभी भी टैंक की सफाई कराने के लिए लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बरसात के दिनों में काफी परेशानी बढ़ जाती है। - योगेश राघव, रामेश्वर कॉलोनी
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- टैंक पुराने जमाने के बने हुए हैं। अब इसका स्थायी इंतजाम होना चाहिए और लाइन बिछाई जानी चाहिए। लोग हाउस टैक्स और वाटर टैक्स देते ही हैं। कुछ घरों में सीवर के टैक्स भी जुड़कर आते हैं लेकिन उन्हें सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। - सत्यम कुमार, गायत्री नगर
- काफी समय से सुनते आ रहे हैं कि लाइनपार के इलाकों में सीवर लाइन बिछाई जाएगी। लेकिन कभी भी इसपर कोई काम नहीं हुआ। जब पूरे शहर में सीवर की लाइन डाल दी गई है तो इस इलाके में भी सुविधाओं को विकसित करना चाहिए। - गोविंद कुमार, रामतलैया कॉलोनी