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Moradabad News: छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म में दो को उम्रकैद
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मुरादाबाद। संभल के चंदौसी क्षेत्र से नाबालिग छात्रा का अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने बृहस्पतिवार को दो दोस्तों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर 60-60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
पीड़ित छात्रा के पिता ने 9 जून 2017 को संभल जनपद के चंदौसी थाने में केस दर्ज कराया था। बताया था कि उसकी 13 वर्षीय बेटी नौवीं कक्षा में पढ़ती है। रात करीब साढ़े आठ बजे चंदौसी थानाक्षेत्र के कैथल निवासी अरुण अपने दोस्त बहजोई थाना क्षेत्र के राजपुर निवासी सोनू के साथ डरा-धमकाकर उसकी बेटी को अगवा कर ले गया।
जानकारी होने पर किशोरी के पिता जब आरोपी अरुण के घर पहुंचे तो उसके पिता ने बताया कि उनका बेटा शराबी और जुआरी है। मुझे उसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। उसका दोस्त सोनू ही उसके बारे में बता सकता है। पीड़िता के पिता की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए 10 जून को आरोपी अरुण और सोनू को गिरफ्तार करते हुए पीड़िता को बरामद कर लिया था।
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पुलिस ने पीड़िता के बयान दर्ज करने के साथ मेडिकल परीक्षण कराया। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया था। दोनों के खिलाफ आरोपपत्र अदालत में पेश किए गए। इस मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट संख्या तीन रघुबर सिंह की अदालत में हुई।
सुनवाई के दाैरान अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाह पेश किए गए। जिसमें पीड़िता और उसके पिता के साथ-साथ प्रत्यक्षदर्शी महिला के भी अदालत में बयान कराए गए। अदालत ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों के आधार पर अरुण और सोनू को नाबालिग लड़की के अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक पर 60-60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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पीड़ित छात्रा के पिता ने 9 जून 2017 को संभल जनपद के चंदौसी थाने में केस दर्ज कराया था। बताया था कि उसकी 13 वर्षीय बेटी नौवीं कक्षा में पढ़ती है। रात करीब साढ़े आठ बजे चंदौसी थानाक्षेत्र के कैथल निवासी अरुण अपने दोस्त बहजोई थाना क्षेत्र के राजपुर निवासी सोनू के साथ डरा-धमकाकर उसकी बेटी को अगवा कर ले गया।
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जानकारी होने पर किशोरी के पिता जब आरोपी अरुण के घर पहुंचे तो उसके पिता ने बताया कि उनका बेटा शराबी और जुआरी है। मुझे उसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। उसका दोस्त सोनू ही उसके बारे में बता सकता है। पीड़िता के पिता की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए 10 जून को आरोपी अरुण और सोनू को गिरफ्तार करते हुए पीड़िता को बरामद कर लिया था।
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पुलिस ने पीड़िता के बयान दर्ज करने के साथ मेडिकल परीक्षण कराया। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया था। दोनों के खिलाफ आरोपपत्र अदालत में पेश किए गए। इस मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट संख्या तीन रघुबर सिंह की अदालत में हुई।
सुनवाई के दाैरान अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाह पेश किए गए। जिसमें पीड़िता और उसके पिता के साथ-साथ प्रत्यक्षदर्शी महिला के भी अदालत में बयान कराए गए। अदालत ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों के आधार पर अरुण और सोनू को नाबालिग लड़की के अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक पर 60-60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।