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दो हत्यारों को आजीवन कारावास
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मुरादाबाद। संभल में छह साल पहले हुई दुकानदार की हत्या के मामले में अदालत ने दो सगे भाइयों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। तीसरे आरोपी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया है, जबकि एक आरोपी की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है।
संभल जनपद के नखासा थानाक्षेत्र के मोहल्ला ख्वाजा खां सराय निवासी दबीर ने 28 अगस्त 2016 को संभल कोतवाली में केस दर्ज कराया था। दबीर ने बताया था कि उनके छोटे भाई फहीम की दोस्ती संभल के दीपा सराय निवासी जहांगीर से थी। जहांगीर का प्रेम प्रसंग मियां सराय निवासी भूरा कुंजा की बहन से था। जहांगीर भूरा कुंजा की बहन को लेकर फरार हो गया, जिसका शक वादी के भाई पर था। 28 अगस्त 2016 की शाम वादी का एक अन्य छोटा भाई जुबैर कोतवाली क्षेत्र में चमन सराय स्थित अपनी परचून की दुकान पर बैठा हुआ था। शाम के वक्त भूरा कुंजा, उसका भाई आसिफ, अय्यूब और मुमताज तमंचे लेकर दुकान पर पहुंच गए। दुकान पर आसिफ ने जुबैर की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने चारों को गिरफ्तार करने के बाद जेल भेज दिया था। मुकदमे के दौरान मुमताज की मौत हो गई। उक्त मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज (सप्तम) ज्ञानेंद्र सिंह यादव की अदालत में हुई। जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता महेंद्र सिंह कश्यप ने बताया कि अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी भूरा उर्फ कुंजा और आसिफ को हत्या का दोषी करार देते हुए उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक पर दस दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। वहीं, मुकदमे के तीसरे आरोपी अय्यूब को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया है।
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संभल जनपद के नखासा थानाक्षेत्र के मोहल्ला ख्वाजा खां सराय निवासी दबीर ने 28 अगस्त 2016 को संभल कोतवाली में केस दर्ज कराया था। दबीर ने बताया था कि उनके छोटे भाई फहीम की दोस्ती संभल के दीपा सराय निवासी जहांगीर से थी। जहांगीर का प्रेम प्रसंग मियां सराय निवासी भूरा कुंजा की बहन से था। जहांगीर भूरा कुंजा की बहन को लेकर फरार हो गया, जिसका शक वादी के भाई पर था। 28 अगस्त 2016 की शाम वादी का एक अन्य छोटा भाई जुबैर कोतवाली क्षेत्र में चमन सराय स्थित अपनी परचून की दुकान पर बैठा हुआ था। शाम के वक्त भूरा कुंजा, उसका भाई आसिफ, अय्यूब और मुमताज तमंचे लेकर दुकान पर पहुंच गए। दुकान पर आसिफ ने जुबैर की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने चारों को गिरफ्तार करने के बाद जेल भेज दिया था। मुकदमे के दौरान मुमताज की मौत हो गई। उक्त मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज (सप्तम) ज्ञानेंद्र सिंह यादव की अदालत में हुई। जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता महेंद्र सिंह कश्यप ने बताया कि अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी भूरा उर्फ कुंजा और आसिफ को हत्या का दोषी करार देते हुए उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक पर दस दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। वहीं, मुकदमे के तीसरे आरोपी अय्यूब को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया है।
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