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चुनावी रंजिश में पूर्व प्रधान की हत्या करने में दो को उम्रकैद
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चुनावी रंजिश के चलते पूर्व प्रधान की गोली मारकर हत्या करने के मामले में अदालत ने दो लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 51 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। गिरफ्तारी के बाद से मुख्य आरोपी जेल में ही है, जबकि दूसरे को जमानत मिल गई थी। फैसला आने के बाद उसे भी हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया।
ये घटना बछरायूं थानाक्षेत्र में 24 जनवरी 2019 को हुई थी। मूलरूप से क्षेत्र के मुसल्लेपुर गांव निवासी पूर्व प्रधान सुनील शर्मा अपने परिवार के साथ मंडी धनौरा में रहते थे। उनके परिजन गांव में ही रहते हैं। मोहल्ला हीरानगर निवासी जितेंद्र सिंह उर्फ टोपी और सुनील शर्मा के बीच प्रधानी के चुनाव को लेकर रंजिश थी।
इस मामले में दर्ज हुई रिपोर्ट के मुताबिक सुनील शर्मा अपने बेटे यशी शर्मा के साथ 24 जनवरी 2019 को स्कूटी पर सवार होकर मंडी धनौरा से पूजन का समान पहुंचाने गांव जा रहे थे। जैसे ही वह कमालपुर काजी गांव के पास पहुंचे, तभी रास्ते में जितेंद्र सिंह उर्फ टोपी ने अपने साथी भूदेव सिंह निवासी गांव हसनपुर कलां थाना डिडौली के साथ मिलकर उन्हें रास्ते में रोक लिया और सुनील शर्मा को गोली मार दी थी। घटना को अंजाम देकर दोनों आरोपी फरार हो गए थे। परिजन घायल सुनील शर्मा को इलाज के लिए मेरठ ले जा रहे थे। रास्ते में उनकी मौत हो गई थी।
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सुनील शर्मा के जीजा मुकेश शर्मा ने दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मुख्य आरोपी जितेंद्र सिंह उर्फ टोपी को जमानत नहीं मिली सकी थी। जमानत मंजूर होने पर भूदेव सिंह जेल से बाहर आ गया था।
यह मुकदमा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजय कुमार चतुर्थ की अदालत में विचाराधीन था। अभियोजन पक्ष की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता संजीव चौधरी ने मुकदमे में पैरवी की, जबकि बछरायूं थाने के पैरोकार राजवीर सिंह ने साक्ष्य जुटाने में अहम भूमिका निभाई। सोमवार को सुनवाई के दौरान अदालत ने साक्ष्य और सबूतों के आधार पर आरोपी जितेंद्र सिंह उर्फ टोपी और भूदेव सिंह को दोषी करार दिया था। मंगलवार को दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाते हुए 51 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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ये घटना बछरायूं थानाक्षेत्र में 24 जनवरी 2019 को हुई थी। मूलरूप से क्षेत्र के मुसल्लेपुर गांव निवासी पूर्व प्रधान सुनील शर्मा अपने परिवार के साथ मंडी धनौरा में रहते थे। उनके परिजन गांव में ही रहते हैं। मोहल्ला हीरानगर निवासी जितेंद्र सिंह उर्फ टोपी और सुनील शर्मा के बीच प्रधानी के चुनाव को लेकर रंजिश थी।
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इस मामले में दर्ज हुई रिपोर्ट के मुताबिक सुनील शर्मा अपने बेटे यशी शर्मा के साथ 24 जनवरी 2019 को स्कूटी पर सवार होकर मंडी धनौरा से पूजन का समान पहुंचाने गांव जा रहे थे। जैसे ही वह कमालपुर काजी गांव के पास पहुंचे, तभी रास्ते में जितेंद्र सिंह उर्फ टोपी ने अपने साथी भूदेव सिंह निवासी गांव हसनपुर कलां थाना डिडौली के साथ मिलकर उन्हें रास्ते में रोक लिया और सुनील शर्मा को गोली मार दी थी। घटना को अंजाम देकर दोनों आरोपी फरार हो गए थे। परिजन घायल सुनील शर्मा को इलाज के लिए मेरठ ले जा रहे थे। रास्ते में उनकी मौत हो गई थी।
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सुनील शर्मा के जीजा मुकेश शर्मा ने दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मुख्य आरोपी जितेंद्र सिंह उर्फ टोपी को जमानत नहीं मिली सकी थी। जमानत मंजूर होने पर भूदेव सिंह जेल से बाहर आ गया था।
यह मुकदमा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजय कुमार चतुर्थ की अदालत में विचाराधीन था। अभियोजन पक्ष की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता संजीव चौधरी ने मुकदमे में पैरवी की, जबकि बछरायूं थाने के पैरोकार राजवीर सिंह ने साक्ष्य जुटाने में अहम भूमिका निभाई। सोमवार को सुनवाई के दौरान अदालत ने साक्ष्य और सबूतों के आधार पर आरोपी जितेंद्र सिंह उर्फ टोपी और भूदेव सिंह को दोषी करार दिया था। मंगलवार को दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाते हुए 51 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।