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मुरादाबाद: मंदिर में नशा करने से रोकने पर पुजारी की हत्या, दो दोषियों को आजीवन कारावास, कुल्हाड़ी-डंडे से किया था हमला

Sat, 07 May 2022 04:14 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद Published by: आकाश दुबे Updated Sat, 07 May 2022 04:14 PM IST
सार

ठाकुरद्वारा के गांव रतुपुरा में 26 जून 2012 की रात मंदिर में नशा करने से रोकने पर कुल्हाड़ी से हमलाकर पुजारी की हत्या के मामले में कोर्ट ने दो आरोपियों को आजावीन कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों पर दो-दो हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

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Life imprisonment for two accused in murder of a temple priest in Moradabad
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मुरादाबाद में मंदिर के पुजारी की हत्या के मामले में अदालत ने दो आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, जबकि इसी मुकदमे के तीसरे आरोपी की पत्रावली पृथक कर दी गई है। दोषियों पर दो-दो हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

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यह था मामला 
मुरादाबाद ठाकुरद्वारा थाना क्षेत्र में दस साल पहले गांव रतुपुरा में 26 जून 2012 की रात करीब दो बजे कुंवर दत्त शर्मा नामक पुजारी की मंदिर में हत्या कर दी गई थी। पुजारी के बेटे अजय कुमार शर्मा निवासी रतुपुरा ने थाना ठाकुरद्वारा में मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें उसने कहा था कि रात करीब दो बजे मेरे पिता मंदिर में सो रहे थे, तभी गांव के ही देवेंद्र, जसवंत और  लोकेश निवासी गांव रतुपुरा ने पिता के ऊपर कुल्हाड़ी और लाठी से हमला कर दिया। शोर शराबा सुनकर जब वह बाहर आया तो उसने देखा कि तीनों उसके पिता को मार रहे थे। उसके शोर मचाने पर पास के ही रहने वाले ब्रह्मपाल पुत्र राम किशोर, इंदिरा सिंह पुत्र मोहन आ गए। जिन्हें देख कर यह तीनों भाग गए। इसके बाद वह घायल पिता को किसी तरह अस्पताल ले गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई थी। इन तीनों आरोपियों को पुजारी मंदिर में नशा करने से रोकते थे। इसी रंजिश के कारण इस घटना को अंजाम दिया गया। 
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इस मामले की सुनवाई अपर जिला जज एवं सत्र न्यायाधीश ग्यारह मोहित शर्मा की अदालत में की गई। जिला शासकीय अधिवक्ता नितिन गुप्ता ने बताया कि सरकार की ओर से एडीजीसी मधु रानी चौहान ने पैरवी की। पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी देवेंद्र और जसवंत को पुजारी की हत्या का दोषी करार देते हुए उन्हें आजीवन कारावास की सजा के साथ साथ प्रत्येक पर दो-दो हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। इस मुकदमे के तीसरे आरोपी लोकेश की पत्रावली उसके उपस्थिति न होने के कारण पृथक कर दी गई है।

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