अस्पताल में नर्स से दरिंदगी: आरोपी शाहनवाज और उसके सहयोगी डॉक्टरों के रद्द होंगे लाइसेंस, सभी पर केस दर्ज
एबीएम अस्पताल मामले में स्वास्थ्य विभाग ने अपनी जांच पूरी कर ली है। इसके साथ ही प्रशासन ने अस्पताल में तैनात चिकित्सकों के खिलाफ केस दर्ज करवाया है। सीएमओ ने उत्तराखंड सरकार को पत्र लिखकर नियम विरुद्ध कार्य करने वाले चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है।
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ठाकुरद्वारा के एबीएम अस्पताल में नर्स से दुष्कर्म के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने जांच पूरी कर ली है। सीएमओ से रिपोर्ट मिलने के बाद डीएम अनुज सिंह ने आरोपी डॉ. शाहनवाज और उसके साथी डॉक्टरों के लाइसेंस रद्द करने की संस्तुति की है।
साथ ही अस्पताल संचालन में लिप्त लोगों के खिलाफ एक और मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। डीएम अनुज सिंह ने बताया कि सीएमओ ने बुधवार की शाम को रिपोर्ट दी है। इस मामले में मुख्य आरोपी डॉक्टर शहनवाज की डिग्री लखनऊ में बीयूएमएस की पाई गई है, लेकिन उसने यहां पंजीकरण नहीं कराया था।
इसलिए उसे मरीज देखने का कोई अधिकारी नहीं है। इसके बावजूद वह अपने अस्पताल में मरीजों को देखता और एलोपैथिक दवाएं लिखता था। आरोपी डॉक्टर के सहयोगी सर्जन डॉ. सरताज आलम ने बिना एनेस्थेटिस्ट के ऑपरेशन किया और इसके बाद वह मरीज को छोड़कर भाग गए।
पोस्ट ऑपरेटिव केयर में लापरवाही पर उनके खिलाफ यूपी एमसीआई, एनएमसी को लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति की गई है। अस्पताल अवैध ढंग से संचालित होता था इसलिए सभी लोगों के खिलाफ एक और केस दर्ज होगा। वहीं जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने भी डीएम को अपनी रिपोर्ट दी है।
रिपोर्ट के आधार पर मदरसों के लाइसेंस रद्द करने की संस्तुति कर शासन को भेजी जा रही है। मदरसों का संचालन आरोपी शाहनवाज के पिता करते थे। दुष्कर्म का आरोपी डॉ. शाहनवाज जेल में बंद है।
उत्तराखंड के महानिदेशक स्वास्थ्य को लिखा पत्र
एबीएम अस्पताल में ओपीडी करने वाले एमबीबीएस डॉ. हिमांशु चौधरी के खिलाफ उत्तराखंड महानिदेशक स्वास्थ्य को पत्र लिखा गया है। उनसे अपील की गई है कि यदि डॉ. चौधरी नियम विरुद्ध तरीके से ड्यूटी कर रहे थे तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
साथ ही विभाग ने ठाकुरद्वारा सीएचसी के प्रभारी समेत स्टाफ को सख्त निर्देश दिए हैं कि क्षेत्र में चल रहे झोलाछाप अस्पतालों की रिपोर्ट विभाग को दी जाए। इसके बाद अभियान चलाकर इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।