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Moradabad News: घर से बच्ची को उठाकर ले जा रहा था तेंदुआ, शोर पर छोड़कर भागा
Tue, 31 Mar 2026 02:31 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
Updated Tue, 31 Mar 2026 02:31 AM IST
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कांठ (मुरादाबाद)। क्षेत्र के गांव महदूद कलमी में एक किसान के घर में सोमवार रात घुसे तेंदुए ने दो साल की बच्ची को जबड़े में जकड़ लिया। बच्ची को उठाकर ले जा रहे तेंदुए को परिजनों ने शोर मचाकर छुड़ाया। तेंदुए के जबड़े में जकड़े जाने से मासूम बच्ची बुरी तरह घायल हो गई। उसे कांठ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। बच्ची को छोड़कर भागे तेंदुए की तलाश में ग्रामीण डंडे लेकर देर रात तक जुटे रहे।
यह घटना गांव महदूद कलमी निवासी अकरम के घर की है। उन्होंने बताया कि सोमवार रात दो साल की बिटिया सिदरा घर के आंगन में खेल रही थी। घर का मेन गेट बंद था।
गेट ऊंचा होने से नीचे के खाली स्थान से तेंदुआ घर में घुस आया। काम में लगे परिजनों में से किसी की निगाह उधर नहीं गई। तेंदुए ने झपट्टा मारकर बच्ची को अपने मुंह में दबा लिया और गेट के नीचे से निकल भागने की कोशिश करने लगा।
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बच्ची की चीख पर परिवार के लोग शोर मचाते हुए उधर दौड़े तो तेंदुआ बच्ची को छोड़कर भाग गया। तब तक शरीर पर तेंदुए के पैने दांत और नाखून गढ़ जाने से सिदरा बुरी तरह घायल हो चुकी थी।
लहूलुहान बच्ची को कांठ के निजी चिकित्सक के पास ले गए। इस बीच डंडे लेकर जुटे ग्रामीणों ने खेतों में काफी देर तेंदुए की तलाश की लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। कांठ थाने के दरोगा कुलदीप कुमार मौके पर पहुंचे।
उन्होंने कहा कि वन विभाग को सूचना दी है, ताकि तेंदुआ पकड़ने के लिए पिंजरे आदि की व्यवस्था की जा सके। घटना से दहशत में आए ग्रामीणों ने बच्चों के घर से बाहर निकलने पर रोक लगा दी है।
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यह घटना गांव महदूद कलमी निवासी अकरम के घर की है। उन्होंने बताया कि सोमवार रात दो साल की बिटिया सिदरा घर के आंगन में खेल रही थी। घर का मेन गेट बंद था।
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गेट ऊंचा होने से नीचे के खाली स्थान से तेंदुआ घर में घुस आया। काम में लगे परिजनों में से किसी की निगाह उधर नहीं गई। तेंदुए ने झपट्टा मारकर बच्ची को अपने मुंह में दबा लिया और गेट के नीचे से निकल भागने की कोशिश करने लगा।
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बच्ची की चीख पर परिवार के लोग शोर मचाते हुए उधर दौड़े तो तेंदुआ बच्ची को छोड़कर भाग गया। तब तक शरीर पर तेंदुए के पैने दांत और नाखून गढ़ जाने से सिदरा बुरी तरह घायल हो चुकी थी।
लहूलुहान बच्ची को कांठ के निजी चिकित्सक के पास ले गए। इस बीच डंडे लेकर जुटे ग्रामीणों ने खेतों में काफी देर तेंदुए की तलाश की लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। कांठ थाने के दरोगा कुलदीप कुमार मौके पर पहुंचे।
उन्होंने कहा कि वन विभाग को सूचना दी है, ताकि तेंदुआ पकड़ने के लिए पिंजरे आदि की व्यवस्था की जा सके। घटना से दहशत में आए ग्रामीणों ने बच्चों के घर से बाहर निकलने पर रोक लगा दी है।