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Moradabad News: तेंदुआ पिंजरे में कैद, डर से आजाद हुए लोग
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रामपुर। एक साल से क्षेत्र के लोगों में दहशत का पर्याय बना तेंदुआ आखिरकार शनिवार रात को वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में फंस गया। तेंदुआ लगातार जौहर यूनिवर्सिटी के आसपास दिखाई दे रहा था। तेंदुआ पकड़े जाने से बाद लोगों को डर से आजादी मिली। वन विभाग ने तेंदुए को बिजनाैर के अमानगढ़ के जंगल में छोड़ दिया।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जाैहर यूनिवर्सिटी के आसपास तेंदुआ रात के अंधेरे में खरगोश और कुत्तों का शिकार कर रहा था, जबकि दिन में यूनिवर्सिटी के निर्माणाधीन भवनों में छुप जाता था। यूनिवर्सिटी कैंपस में बने हॉकी मैदान के करीब कई बीघा जमीन पर अभी निर्माण कार्य रुका हुआ है। पास में घना जंगल भी है।
तेंदुए के कारण क्षेत्र के आलिया गंज, रवन्ना, हशमत गंज, सींगनखेड़ा, शौकतनगर, बेनजीर सहित 50 से ज्यादा गांवों के लोग एक साल से दहशत में थे। अक्सर लोगों को तेंदुआ दिखाई देता था। कुछ दिन पहले ही जाैहर यूनिवर्सिटी के निर्माणाधीन भवन की रेलिंग पर तेंदुआ दिखाई दिया था। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
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कई महीनों से वन विभाग की टीम पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ने का प्रयास कर रही थी। वन विभाग की टीम ने स्टेडियम के कैंपस में पिंजरा लगाया और उसमें बकरी बांधी थी। शनिवार रात जैसे ही बकरी का शिकार करने के लिए तेंदुआ आया, तुरंत पिंजरे में फंस गया। जिला वन अधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि जौहर यूनिवर्सिटी के पास से पकड़ा गया तेंदुआ कड़ी सुरक्षा के बीच बिजनौर के अमानगढ़ वन रेंज ले जाया गया, जहां उसे जंगल में छोड़ दिया गया।
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दहशत के कारण बंद था स्टेडियम
जौहर यूनिवर्सिटी और उसके आसपास के इलाकों में तेंदुए को लेकर इतनी दहशत थी कि यूनिवर्सिटी के पास सींगनखेड़ा में बने स्टेडियम के ताले भी नहीं खुल रहे थे। यहां पर भी कई बार तेंदुआ देखा गया था, जिसके बाद डर के कारण खिलाड़ी भी स्टेडियम नहीं जा रहे थे। लोगों ने कहा कि कई बार तेंदुआ स्टेडियम में भी देखा गया था।
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सेंसरयुक्त कैमरों से हो रही थी निगरानी
तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग लंबे समय से कवायद कर रहा था। डीएफओ राजीव कुमार, रेस्क्यू अधिकारी धर्मेंद्र कोली, रेंजर विनयतोष शर्मा के नेतृत्व में तेंदुआ के मूवमेंट पर नजर रख रही थी। तेंदुए को पकड़ने के लिए 15 थर्मो सेंसर कैमरे भी लगाए गए थे, लेकिन उससे भी सफलता नहीं मिल पा रही थी। शनिवार रात तेंदुआ शिकार के लिए स्टेडियम की ओर आया। वहीं पिंजरे में बंधी बकरी के शिकार के लालच में कैद हो गया। गश्त कर रही वन विभाग की टीम को तेंदुए के गुर्राने की आवाज सुनाई पड़ी। माैके पर जाकर देखा तो तेंदुआ पिंजरे में था। सूचना पाकर वन क्षेत्राधिकारी भी मौके पर पहुंचे और तेंदुआ को पिंजरा सहित वन रेंज कार्यालय ले आए।
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वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जाैहर यूनिवर्सिटी के आसपास तेंदुआ रात के अंधेरे में खरगोश और कुत्तों का शिकार कर रहा था, जबकि दिन में यूनिवर्सिटी के निर्माणाधीन भवनों में छुप जाता था। यूनिवर्सिटी कैंपस में बने हॉकी मैदान के करीब कई बीघा जमीन पर अभी निर्माण कार्य रुका हुआ है। पास में घना जंगल भी है।
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तेंदुए के कारण क्षेत्र के आलिया गंज, रवन्ना, हशमत गंज, सींगनखेड़ा, शौकतनगर, बेनजीर सहित 50 से ज्यादा गांवों के लोग एक साल से दहशत में थे। अक्सर लोगों को तेंदुआ दिखाई देता था। कुछ दिन पहले ही जाैहर यूनिवर्सिटी के निर्माणाधीन भवन की रेलिंग पर तेंदुआ दिखाई दिया था। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
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कई महीनों से वन विभाग की टीम पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ने का प्रयास कर रही थी। वन विभाग की टीम ने स्टेडियम के कैंपस में पिंजरा लगाया और उसमें बकरी बांधी थी। शनिवार रात जैसे ही बकरी का शिकार करने के लिए तेंदुआ आया, तुरंत पिंजरे में फंस गया। जिला वन अधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि जौहर यूनिवर्सिटी के पास से पकड़ा गया तेंदुआ कड़ी सुरक्षा के बीच बिजनौर के अमानगढ़ वन रेंज ले जाया गया, जहां उसे जंगल में छोड़ दिया गया।
दहशत के कारण बंद था स्टेडियम
जौहर यूनिवर्सिटी और उसके आसपास के इलाकों में तेंदुए को लेकर इतनी दहशत थी कि यूनिवर्सिटी के पास सींगनखेड़ा में बने स्टेडियम के ताले भी नहीं खुल रहे थे। यहां पर भी कई बार तेंदुआ देखा गया था, जिसके बाद डर के कारण खिलाड़ी भी स्टेडियम नहीं जा रहे थे। लोगों ने कहा कि कई बार तेंदुआ स्टेडियम में भी देखा गया था।
सेंसरयुक्त कैमरों से हो रही थी निगरानी
तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग लंबे समय से कवायद कर रहा था। डीएफओ राजीव कुमार, रेस्क्यू अधिकारी धर्मेंद्र कोली, रेंजर विनयतोष शर्मा के नेतृत्व में तेंदुआ के मूवमेंट पर नजर रख रही थी। तेंदुए को पकड़ने के लिए 15 थर्मो सेंसर कैमरे भी लगाए गए थे, लेकिन उससे भी सफलता नहीं मिल पा रही थी। शनिवार रात तेंदुआ शिकार के लिए स्टेडियम की ओर आया। वहीं पिंजरे में बंधी बकरी के शिकार के लालच में कैद हो गया। गश्त कर रही वन विभाग की टीम को तेंदुए के गुर्राने की आवाज सुनाई पड़ी। माैके पर जाकर देखा तो तेंदुआ पिंजरे में था। सूचना पाकर वन क्षेत्राधिकारी भी मौके पर पहुंचे और तेंदुआ को पिंजरा सहित वन रेंज कार्यालय ले आए।