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डिलारी के दो गांवों में तेंदुए ने सो रहे ग्रामीणों पर किया हमला, तीन मासूम समेत सात घायल
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तेंदुए द्वारा बच्चे पर हमला होने के बाद जिला अस्पताल में उपचार कराने के बाद वार्ड में भर्ती बच्ची
- फोटो : CITY
मुरादाबाद। डिलारी थानाक्षेत्र के दो गांवों में मंगलवार देर रात तेेंदुए ने सो रहे ग्रामीणों पर हमला कर दिया। इस हमले में तीन मासूम समेत सात लोग घायल हो गए। घटना से गांव में चीख पुकार मच गई। सूचना मिलने पर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के कर्मी एंबुलेंस लेकर गांव पहुंच गए और घायलों को अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। इस हमले की वजह से आस पड़ोस के कई गांवों में दहशत का माहौल बना है।
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार रात करीब दो बजे डिलारी थानाक्षेत्र के धींगरपुर गांव में मुनाजिर के परिजन घर में सो रहे थे। लोगों का कहना है कि इसी दौरान घर में तेंदुआ घुस गया। उसने बकरी पर हमला किया। इसी बीच परिवार के लोग जाग और उन्होंने शोर मचा दिया। जिससे अन्य ग्रामीण भी जाग गए। उन्होंने तेेंदुए को दौड़ा लिया। कुछ ही देर बाद तेंदुआ पड़ोसी गांव मूलावान गांव पहुंच गया। तेंदुए ने यहां एक के बाद एक दस से ज्यादा घरों में हमला किया। इस हमले उजमा (05), मोहम्मद शाकिब (05), अंजुम (40), आसिफ (11), मोहम्मद इरफान (45), सायरा (25) छोटे (38) घायल हो गए। इस घटना से गांव में चीख पुकार मच गई। पूरे गांव में जाग हो गए।
ग्रामीण हाथों में डंडे और अन्य हथियार लेकर अपने घरों से बाहर निकल आए और उन्होंने तेंदुए को जंगल की ओर दौड़ा लिया। इसके बाद पुलिस, वन विभाग और स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई और एंबुलेंस के जरिये घायलों को डिलारी के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां घायलों को जिला अस्पताल भिजवा दिया गया है। इस घटना के बाद से मूलावान गांव के अलावा आस पड़ोस के गांव के लोग भी दहशत में हैं। वन विभाग की टीम गांव में पहुंच गई और तेंदुए की तलाश शुरू कर दी गई है। डिलारी थाना प्रभारी सुरेश कुमार ने बताया कि घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वन विभाग की टीम ने जंगल में पिंजरा लगा दिया है।
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ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम को
दी थी सूचना, नहीं दिखाई गंभीरता
मुरादाबाद। मूलावान गांव के ग्रामीणों का कहना है कि पहले भी जंगल में तेेंदुआ देखा गया था। इसकी सूचना वन विभाग को दी गई थी। कई बार सूचना देने के बाद वन विभाग की टीम एक बार मौके पर पहुंची थी और एक दिन पिंजरा भी लगाया गया। इसके बाद टीम पिंजरा लेकर वापस लौट गई थी। तेंदुए लगातार क्षेत्र में ही घूम रहा था। ब्यूरो
तीमारदारों ने उपचार में लापरवाही का लगाया आरोप
मुरादाबाद। जिला अस्पताल में भर्ती कराए गए घायलों का परिवारों का आरोप है कि देर रात करीब तीन बजे घायलों को भर्ती करा दिया गया था, लेकिन अस्पताल में घायलों के उपचार में लापरवाही बरती जा रही है। घायल शाकिब की मां छोटी ने बताया कि कई घंटे बाद उनके बेटे को देखने डाक्टर आए। ब्यूरो
ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर जानवर की पकड़ने की मांग
डिलारी। मूलावाहन व धींगरपुर गांव के ग्रामीणों ने बुधवार की सुबह प्रदर्शन किया। उन्होंने वन विभाग की टीम से जंगली जानवर को पकड़ने की मांग की। ग्रामीणों ने वनकर्मियों को बताया कि वह जंगली जानवर भूरे रंग के कुत्ते की तरह था। प्रदर्शन करने वालों में गुलजारी, प्यारे खां, चुन्नी खां, पूर्व प्रधान भन्नू, कलुआ, मोबीन, कसमुद्दीन आदि शामिल रहे। संवाद
तेंदुआ इतने घरों में नहीं करता हमला
डिलारी। क्षेत्र मूलावान गांव में सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने घायल लोगों से बात की। वन विभाग की टीम में शामिल वन दरोगा पीयूष जोशी ने बताया कि तेंदुआ इतने घरों में हमला नहीं करता। यह पागल कुत्ता या पागल गीदड़ हो सकता है। किसी जानवर के पंजों के निशान भी नहीं मिले जिससे अनुमान लगाया जा सके। जंगली जानवर ने जितने घरों में हमला किया है उन घरों में बाउंड्री नहीं है। कोई भी जानवर आसानी से आ सकता है। संवाद
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जानकारी के मुताबिक, मंगलवार रात करीब दो बजे डिलारी थानाक्षेत्र के धींगरपुर गांव में मुनाजिर के परिजन घर में सो रहे थे। लोगों का कहना है कि इसी दौरान घर में तेंदुआ घुस गया। उसने बकरी पर हमला किया। इसी बीच परिवार के लोग जाग और उन्होंने शोर मचा दिया। जिससे अन्य ग्रामीण भी जाग गए। उन्होंने तेेंदुए को दौड़ा लिया। कुछ ही देर बाद तेंदुआ पड़ोसी गांव मूलावान गांव पहुंच गया। तेंदुए ने यहां एक के बाद एक दस से ज्यादा घरों में हमला किया। इस हमले उजमा (05), मोहम्मद शाकिब (05), अंजुम (40), आसिफ (11), मोहम्मद इरफान (45), सायरा (25) छोटे (38) घायल हो गए। इस घटना से गांव में चीख पुकार मच गई। पूरे गांव में जाग हो गए।
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ग्रामीण हाथों में डंडे और अन्य हथियार लेकर अपने घरों से बाहर निकल आए और उन्होंने तेंदुए को जंगल की ओर दौड़ा लिया। इसके बाद पुलिस, वन विभाग और स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई और एंबुलेंस के जरिये घायलों को डिलारी के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां घायलों को जिला अस्पताल भिजवा दिया गया है। इस घटना के बाद से मूलावान गांव के अलावा आस पड़ोस के गांव के लोग भी दहशत में हैं। वन विभाग की टीम गांव में पहुंच गई और तेंदुए की तलाश शुरू कर दी गई है। डिलारी थाना प्रभारी सुरेश कुमार ने बताया कि घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वन विभाग की टीम ने जंगल में पिंजरा लगा दिया है।
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ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम को
दी थी सूचना, नहीं दिखाई गंभीरता
मुरादाबाद। मूलावान गांव के ग्रामीणों का कहना है कि पहले भी जंगल में तेेंदुआ देखा गया था। इसकी सूचना वन विभाग को दी गई थी। कई बार सूचना देने के बाद वन विभाग की टीम एक बार मौके पर पहुंची थी और एक दिन पिंजरा भी लगाया गया। इसके बाद टीम पिंजरा लेकर वापस लौट गई थी। तेंदुए लगातार क्षेत्र में ही घूम रहा था। ब्यूरो
तीमारदारों ने उपचार में लापरवाही का लगाया आरोप
मुरादाबाद। जिला अस्पताल में भर्ती कराए गए घायलों का परिवारों का आरोप है कि देर रात करीब तीन बजे घायलों को भर्ती करा दिया गया था, लेकिन अस्पताल में घायलों के उपचार में लापरवाही बरती जा रही है। घायल शाकिब की मां छोटी ने बताया कि कई घंटे बाद उनके बेटे को देखने डाक्टर आए। ब्यूरो
ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर जानवर की पकड़ने की मांग
डिलारी। मूलावाहन व धींगरपुर गांव के ग्रामीणों ने बुधवार की सुबह प्रदर्शन किया। उन्होंने वन विभाग की टीम से जंगली जानवर को पकड़ने की मांग की। ग्रामीणों ने वनकर्मियों को बताया कि वह जंगली जानवर भूरे रंग के कुत्ते की तरह था। प्रदर्शन करने वालों में गुलजारी, प्यारे खां, चुन्नी खां, पूर्व प्रधान भन्नू, कलुआ, मोबीन, कसमुद्दीन आदि शामिल रहे। संवाद
तेंदुआ इतने घरों में नहीं करता हमला
डिलारी। क्षेत्र मूलावान गांव में सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने घायल लोगों से बात की। वन विभाग की टीम में शामिल वन दरोगा पीयूष जोशी ने बताया कि तेंदुआ इतने घरों में हमला नहीं करता। यह पागल कुत्ता या पागल गीदड़ हो सकता है। किसी जानवर के पंजों के निशान भी नहीं मिले जिससे अनुमान लगाया जा सके। जंगली जानवर ने जितने घरों में हमला किया है उन घरों में बाउंड्री नहीं है। कोई भी जानवर आसानी से आ सकता है। संवाद

तेंदुए द्वारा बच्चे पर हमला होने के बाद जिला अस्पताल में उपचार कराने के बाद वार्ड में भर्ती मरीज।- फोटो : CITY