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एंटीकरप्शन टीम ने लेखपाल को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा
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बिलारी। मंगलवार की दोपहर बिलारी आई मुरादाबाद की एंटीकरप्शन टीम ने बिलारी तहसील के एक लेखपाल को तहसील कार्यालय के सामने चाय के होटल में सफीलपुर गांव के एक किसान से पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।
बिलारी तहसील के सफीलपुर गांव निवासी इशहाक हुसैन ने बीती छह अगस्त को तहसील बिलारी मेें आयोजित तहसील दिवस में शिकायती पत्र संख्या 837 देकर कहा था कि गाटा संख्या 306 राजस्व रिकार्ड में खाद के गड्ढों के रूप में दर्ज है जिस पर अवैध कब्जा करने वालों को बेदखल किया जाना जरूरी है। इसके अलावा सफीलपुर गांव के ही दो सगे भाईयों दूल्हाजान और सरदार अहमद ने एसडीएम और तहसीलदार से लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक को इस आशय के शिकायती पत्र भेजे कि सार्वजनिक चकमार्ग संख्या 313 को पड़ोसी कृषकों ने तोड़कर अपने खेत में मिला लिया है तथा घूरे के गड्ढों के रकबे पर भी अवैध कब्जा कर लिया है।
शिकायतकर्ता किसान अपनी समस्या का कोई समाधान न होने पर व्यक्तिगत रूप से हलका लेखपाल कुलदीप सक्सेना से मिले। किसान इशहाक का आरोप है कि उसने शुरूआती वार्ता में ही लेखपाल के मांगने पर उसे सुविधा शुल्क के रूप में दो हजार रुपये दे दिए। लेखपाल ने कहा कि उसे खर्चे के पांच हजार रुपये और देने पड़ेंगे तभी मौके पर जाकर खाद के गड्ढों और चकरोड से अवैध कब्जा हटवाएगा। परेशान किसान ने सफीलपुर के पूर्व प्रधान शमशुल कमर का सहयोग लेकर मुरादाबाद जाकर भ्रष्टाचार निवारण संगठन कार्यालय में अधिकारियों से संपर्क किया। पीड़ित किसान और एंटीकरप्शन टीम द्वारा बनाई गई योजना के तहत ही लेखपाल कुलदीप सक्सेना को मंगलवार की दोपहर को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया।
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एंटीकरप्शन टीम के मुरादाबाद इकाई के निरीक्षक अब्दुल रज्जाक और राखी चौधरी तथा मेरठ इकाई के निरीक्षक शिवराज सिंह और सिपाही रामनिवास मंगलवार की सुबह बिलारी आ गए और शिकायत करने वाले किसान को भी बुला लिया। टीम के सदस्य दोपहर लगभग डेढ़ बजे बिलारी तहसील मुख्यालय के ठीक सामने स्थित एक चाय के होटल में बैठ गए। यहां किसान और पूर्व प्रधान के बुलावे पर लेखपाल कुलदीप सक्सेना चाय के होटल में आ गया। जैसे ही किसान ने उसे दो दो हजार रुपये के दो नोट और पांच पांच सौ रुपये के दो नोट दिए तभी एंटीकरप्शन टीम के दल ने उसे दबोच लिया और तत्काल कोतवाली बिलारी ले गए।
एंटीकरप्शन टीम ने खंगाला आरोपी लेखपाल का रिकार्ड
बिलारी। तहसील के सफीलपुर हलके पर तैनात लेखपाल कुलदीप सक्सेना को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद एंटीकरप्शन की टीम बिलारी तहसील में राजस्व निरीक्षक स्योंडारा के कक्ष में पहुंची। यहां टीम ने लेखपाल के हलकों से संबंधित रिकार्ड खंगाला। सफीलपुर के पीड़ित किसानों की शिकायतों के निस्तारण की जानकारी जुटाई तथा यह भी पता लगाया कि आरोपी लेखपाल के स्तर पर कौन कौन सी शिकायतें जांच के लिए लंबित चल रही हैं।
तीन हलकों का चार्ज दे रखा है आरोपी लेखपाल को
बिलारी। एंटीकरप्शन की टीम ने जिस लेखपाल कुलदीप सक्सेना को खाद के गड्ढों से कब्जा हटवाने के बदले पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है वही लेखपाल तहसील अधिकारियों की नजर में अनुभवी समझा जा रहा है। तहसील कार्यालय से जानकारी करने पर पता चला कि राजस्व निरीक्षक स्योंडारा क्षेत्र में आने वाले इस लेखपाल पर सफीलपुर के अलावा बनियाठेर और स्योंडारा समेत तीन हल्कों का चार्ज है।
सात वर्ष पहले कांठ तहसील में रिश्वत लेते पकड़ा गया था आरोपी लेखपाल
बिलारी। राजस्व विभाग के सूत्रों से जानकारी करने पर पता चला है कि लेखपाल कुलदीप सक्सेना सात वर्ष पहले तहसील कांठ में तैनाती के दौरान छजलैट क्षेत्र के एक लेखपाल से चकरोड की पैमाइश करने के बदले दस हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में एंटीकरप्शन की टीम ने रंगे हाथों पकड़ा था। इस घटना में थाना छजलैट में आरोपी लेखपाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। यह मुकदमा अब भी बरेली स्थित विशेष न्यायालय में विचाराधीन है। यह भी पता चला है कि कांठ तहसील में ही एक राजस्व अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर बनाने के मामले में भी इसी लेखपाल के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई थी।
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बिलारी तहसील के सफीलपुर गांव निवासी इशहाक हुसैन ने बीती छह अगस्त को तहसील बिलारी मेें आयोजित तहसील दिवस में शिकायती पत्र संख्या 837 देकर कहा था कि गाटा संख्या 306 राजस्व रिकार्ड में खाद के गड्ढों के रूप में दर्ज है जिस पर अवैध कब्जा करने वालों को बेदखल किया जाना जरूरी है। इसके अलावा सफीलपुर गांव के ही दो सगे भाईयों दूल्हाजान और सरदार अहमद ने एसडीएम और तहसीलदार से लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक को इस आशय के शिकायती पत्र भेजे कि सार्वजनिक चकमार्ग संख्या 313 को पड़ोसी कृषकों ने तोड़कर अपने खेत में मिला लिया है तथा घूरे के गड्ढों के रकबे पर भी अवैध कब्जा कर लिया है।
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शिकायतकर्ता किसान अपनी समस्या का कोई समाधान न होने पर व्यक्तिगत रूप से हलका लेखपाल कुलदीप सक्सेना से मिले। किसान इशहाक का आरोप है कि उसने शुरूआती वार्ता में ही लेखपाल के मांगने पर उसे सुविधा शुल्क के रूप में दो हजार रुपये दे दिए। लेखपाल ने कहा कि उसे खर्चे के पांच हजार रुपये और देने पड़ेंगे तभी मौके पर जाकर खाद के गड्ढों और चकरोड से अवैध कब्जा हटवाएगा। परेशान किसान ने सफीलपुर के पूर्व प्रधान शमशुल कमर का सहयोग लेकर मुरादाबाद जाकर भ्रष्टाचार निवारण संगठन कार्यालय में अधिकारियों से संपर्क किया। पीड़ित किसान और एंटीकरप्शन टीम द्वारा बनाई गई योजना के तहत ही लेखपाल कुलदीप सक्सेना को मंगलवार की दोपहर को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया।
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एंटीकरप्शन टीम के मुरादाबाद इकाई के निरीक्षक अब्दुल रज्जाक और राखी चौधरी तथा मेरठ इकाई के निरीक्षक शिवराज सिंह और सिपाही रामनिवास मंगलवार की सुबह बिलारी आ गए और शिकायत करने वाले किसान को भी बुला लिया। टीम के सदस्य दोपहर लगभग डेढ़ बजे बिलारी तहसील मुख्यालय के ठीक सामने स्थित एक चाय के होटल में बैठ गए। यहां किसान और पूर्व प्रधान के बुलावे पर लेखपाल कुलदीप सक्सेना चाय के होटल में आ गया। जैसे ही किसान ने उसे दो दो हजार रुपये के दो नोट और पांच पांच सौ रुपये के दो नोट दिए तभी एंटीकरप्शन टीम के दल ने उसे दबोच लिया और तत्काल कोतवाली बिलारी ले गए।
एंटीकरप्शन टीम ने खंगाला आरोपी लेखपाल का रिकार्ड
बिलारी। तहसील के सफीलपुर हलके पर तैनात लेखपाल कुलदीप सक्सेना को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद एंटीकरप्शन की टीम बिलारी तहसील में राजस्व निरीक्षक स्योंडारा के कक्ष में पहुंची। यहां टीम ने लेखपाल के हलकों से संबंधित रिकार्ड खंगाला। सफीलपुर के पीड़ित किसानों की शिकायतों के निस्तारण की जानकारी जुटाई तथा यह भी पता लगाया कि आरोपी लेखपाल के स्तर पर कौन कौन सी शिकायतें जांच के लिए लंबित चल रही हैं।
तीन हलकों का चार्ज दे रखा है आरोपी लेखपाल को
बिलारी। एंटीकरप्शन की टीम ने जिस लेखपाल कुलदीप सक्सेना को खाद के गड्ढों से कब्जा हटवाने के बदले पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है वही लेखपाल तहसील अधिकारियों की नजर में अनुभवी समझा जा रहा है। तहसील कार्यालय से जानकारी करने पर पता चला कि राजस्व निरीक्षक स्योंडारा क्षेत्र में आने वाले इस लेखपाल पर सफीलपुर के अलावा बनियाठेर और स्योंडारा समेत तीन हल्कों का चार्ज है।
सात वर्ष पहले कांठ तहसील में रिश्वत लेते पकड़ा गया था आरोपी लेखपाल
बिलारी। राजस्व विभाग के सूत्रों से जानकारी करने पर पता चला है कि लेखपाल कुलदीप सक्सेना सात वर्ष पहले तहसील कांठ में तैनाती के दौरान छजलैट क्षेत्र के एक लेखपाल से चकरोड की पैमाइश करने के बदले दस हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में एंटीकरप्शन की टीम ने रंगे हाथों पकड़ा था। इस घटना में थाना छजलैट में आरोपी लेखपाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। यह मुकदमा अब भी बरेली स्थित विशेष न्यायालय में विचाराधीन है। यह भी पता चला है कि कांठ तहसील में ही एक राजस्व अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर बनाने के मामले में भी इसी लेखपाल के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई थी।