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परिणाम की चिंता छोड़, परीक्षार्थी पूरे मनोयोग से करें पढ़ाई
Wed, 01 Mar 2023 01:53 PM IST
ranjeett ranjeett
अमर उजाला ब्यूरो मुरादाबाद
अमर उजाला ब्यूरो मुरादाबाद
Published by: ranjeett ranjeett
Updated Wed, 01 Mar 2023 01:53 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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मुरादाबाद। बोर्ड परीक्षा दे रहे विद्यार्थियों को परिणाम की चिंता नहीं करनी चाहिए, बल्कि पढ़ाई पूरी तन्मयता और मनोयोग से करनी है। अंकों के फेर में उलझने के बजाय सबसे ज्यादा हमें अपनी मेहनत पर भरोसा रखना है। पूरे आत्मविश्वास के साथ शेष परीक्षाओं को देना है। ये बातें मंडलीय मनोवैज्ञानिक डॉ. कुमार मंगलम सारस्वत ने विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान करते हुए कहीं।
केस : अमरोहा के गांव निजामपुर गर्वी की कक्षा 10 कि छात्रा ने बताया कि उसकी गणित और विज्ञान विषय की परीक्षाएं बहुत अच्छी नहीं हुई है। अब उसको लग रहा है कि उसके 90 फीसदी अंक नहीं आ पाएंगे। इसकी वजह से उसे चिंता होती है और रात को नींद भी नहीं आ रही है।
सुझाव : किसी भी तरह के तनाव या निराशा को अपने ऊपर बिल्कुल हावी न होने दें
पढ़ाई पूरी तन्मयता और मनोयोग के साथ करें
अपनी पूर्ण क्षमता का प्रदर्शन करें और श्रेष्ठ देने का प्रयास करें
बोर्ड परीक्षा के अंक केवल उसके तत्कालीन शैक्षिक स्तर का मूल्यांकन करते हैं।
केस : बिलारी के गांव ग्वार खेड़ा निवासी कक्षा 10 के छात्र ने बताया कि परीक्षा में हल किए सवालों को शिक्षक को बताया तो उनका कहना है कि ज्यादा अच्छे अंक नहीं मिल पाएंगे। अब मेरे दिमाग में परीक्षा में फेल हो जाने का डर बैठ गया है।
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सुझाव : परीक्षा देने के बाद उसका आकलन करने के बजाय आने वाले पेपर की तैयारी करनी चाहिए
जो प्रश्नपत्र हो चुका है, उसके बारे में सोचना बंद कर दीजिए g खुश रहने का प्रयास करें, निराशा को कभी भी खुद पर हावी न होने दें।
केस : रामपुर के मसवासी निवासी कक्षा 12 के छात्र ने बताया कि परीक्षाओं के दौरान भी वह मोबाइल फोन की लत से छुटकारा नहीं पा रहा है। जब तक एक से दो घंटे फोन नहीं चला लेता तो उसे बेचैनी होती है।
सुझाव : परिजन आपके भविष्य के लिए चिंतित हैं, इसलिए वह डांटते हैं
जब भी पढ़ाई करने बैठे तब मोबाइल को अपने से दूर रखें
जिस कमरे में वह पढ़ाई कर रहे हों, वह अध्ययन कक्ष मोबाइल फ्री रखें।
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केस : अमरोहा के गांव निजामपुर गर्वी की कक्षा 10 कि छात्रा ने बताया कि उसकी गणित और विज्ञान विषय की परीक्षाएं बहुत अच्छी नहीं हुई है। अब उसको लग रहा है कि उसके 90 फीसदी अंक नहीं आ पाएंगे। इसकी वजह से उसे चिंता होती है और रात को नींद भी नहीं आ रही है।
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सुझाव : किसी भी तरह के तनाव या निराशा को अपने ऊपर बिल्कुल हावी न होने दें
पढ़ाई पूरी तन्मयता और मनोयोग के साथ करें
अपनी पूर्ण क्षमता का प्रदर्शन करें और श्रेष्ठ देने का प्रयास करें
बोर्ड परीक्षा के अंक केवल उसके तत्कालीन शैक्षिक स्तर का मूल्यांकन करते हैं।
केस : बिलारी के गांव ग्वार खेड़ा निवासी कक्षा 10 के छात्र ने बताया कि परीक्षा में हल किए सवालों को शिक्षक को बताया तो उनका कहना है कि ज्यादा अच्छे अंक नहीं मिल पाएंगे। अब मेरे दिमाग में परीक्षा में फेल हो जाने का डर बैठ गया है।
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सुझाव : परीक्षा देने के बाद उसका आकलन करने के बजाय आने वाले पेपर की तैयारी करनी चाहिए
जो प्रश्नपत्र हो चुका है, उसके बारे में सोचना बंद कर दीजिए g खुश रहने का प्रयास करें, निराशा को कभी भी खुद पर हावी न होने दें।
केस : रामपुर के मसवासी निवासी कक्षा 12 के छात्र ने बताया कि परीक्षाओं के दौरान भी वह मोबाइल फोन की लत से छुटकारा नहीं पा रहा है। जब तक एक से दो घंटे फोन नहीं चला लेता तो उसे बेचैनी होती है।
सुझाव : परिजन आपके भविष्य के लिए चिंतित हैं, इसलिए वह डांटते हैं
जब भी पढ़ाई करने बैठे तब मोबाइल को अपने से दूर रखें
जिस कमरे में वह पढ़ाई कर रहे हों, वह अध्ययन कक्ष मोबाइल फ्री रखें।