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Moradabad News: संभल में निरस्त होंगे पट्टे, अमरोहा की चारों तहसीलों में जांच को बनी कमेटी
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मुरादाबाद। कागजों में हेरफेर और पट्टों की आड़ में निजी हाथों के हवाले की गई चरागाह, नदी व अन्य सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर अमर उजाला में छपी खबरों के अभियान से सख्ती शुरू हो गई है। बृहस्पतिवार को मुरादाबाद में रामगंगा की 93 हेक्टेयर भूमि कब्जा मुक्त करा ली गई। इसकी कीमत 70 से 80 करोड़ रुपये आंकी गई है। संभल में प्रशासन ने गंगा की जमीन पर हुए 140 पट्टे निरस्त करने का फैसला लिया है। वहीं अमरोहा में सभी तहसीलों में एसडीएम की अध्यक्षता में जांच समितियों का गठन किया गया है। जांच के बाद तत्कालीन अफसरों और कर्मचारियों में से कई पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।
संभल जनपद में गंगा की 850 बीघा जमीन पर 145 पट्टों का खेल संवाद न्यूज एजेंसी की खबर से प्रकाश में आने के बाद डीएम अंकित खंडेलवाल ने तत्काल जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए। मौजूदा दरों के हिसाब से इस जमीन की कीमत करीब 18 करोड़ रुपये है। इस बीच असदपुर और दिल्लीपुरा में गंगा की एक हजार बीघा जमीन पर 140 पट्टे और सामने आने पर इन सभी को बिना देरी निरस्त करने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने बताया कि जांच शुरू कराई जा चुकी है। जल्द ही सभी पट्टे निरस्त करने के साथ सरकारी जमीनें कब्जा मुक्त कराई जाएंगी। इसी तरह अमरोहा जिले में हसनपुर और मंडी धनौरा तहसीलों में चरागाह, नदी, तालाब, झील, खादर और सैंक्चुरी (अभ्यारण्य) क्षेत्र की करीब 7780 बीघा सरकारी भूमि पर 1300 से अधिक नियम विरुद्ध पट्टों का खेल सिलसिलेवार प्रकाशित खबरों से उजागर होने पर सख्ती शुरू हो गई। डीएम डॉ. नितिन गौड़ ने जिले की सभी चारों तहसीलों में पट्टों की जांच के लिए एसडीएम की अध्यक्षता में जांच समितियां गठित की हैं। हर समिति में तहसीलदार, कानूनगो और लेखपाल शामिल रहेंगे। डीएम का कहना है कि जांच रिपोर्ट मिलते ही संबंधित अफसरों और कर्मचारियों पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। अमरोहा की हसनपुर तहसील में सबसे बड़ा खेल चार गांवों (गंगेश्वरी, रहरा, आदमपुर और दढ़ियाल) में सामने आया था। इन गांवों में सरकारी भूमि की श्रेणी बदलकर 500 से अधिक पट्टे काटे थे। पट्टों के जरिये करीब 2880 बीघा सरकारी भूमि निजी हाथों में सौंप दी गई थी, जिसकी मौजूदा कीमत 1.44 अरब के आसपास आंकी गई है। मंडी धनौरा में सैंक्चुरी क्षेत्र के लिए आरक्षित 4900 बीघा भूमि पर लगभग 800 पट्टे आवंटित किए जाने का खुलासा हुआ। इस जमीन की मौजूदा कीमत भी एक अरब से अधिक बताई जा रही है।
संभल जनपद में गंगा की 850 बीघा जमीन पर 145 पट्टों का खेल संवाद न्यूज एजेंसी की खबर से प्रकाश में आने के बाद डीएम अंकित खंडेलवाल ने तत्काल जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए। मौजूदा दरों के हिसाब से इस जमीन की कीमत करीब 18 करोड़ रुपये है। इस बीच असदपुर और दिल्लीपुरा में गंगा की एक हजार बीघा जमीन पर 140 पट्टे और सामने आने पर इन सभी को बिना देरी निरस्त करने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने बताया कि जांच शुरू कराई जा चुकी है। जल्द ही सभी पट्टे निरस्त करने के साथ सरकारी जमीनें कब्जा मुक्त कराई जाएंगी। इसी तरह अमरोहा जिले में हसनपुर और मंडी धनौरा तहसीलों में चरागाह, नदी, तालाब, झील, खादर और सैंक्चुरी (अभ्यारण्य) क्षेत्र की करीब 7780 बीघा सरकारी भूमि पर 1300 से अधिक नियम विरुद्ध पट्टों का खेल सिलसिलेवार प्रकाशित खबरों से उजागर होने पर सख्ती शुरू हो गई। डीएम डॉ. नितिन गौड़ ने जिले की सभी चारों तहसीलों में पट्टों की जांच के लिए एसडीएम की अध्यक्षता में जांच समितियां गठित की हैं। हर समिति में तहसीलदार, कानूनगो और लेखपाल शामिल रहेंगे। डीएम का कहना है कि जांच रिपोर्ट मिलते ही संबंधित अफसरों और कर्मचारियों पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। अमरोहा की हसनपुर तहसील में सबसे बड़ा खेल चार गांवों (गंगेश्वरी, रहरा, आदमपुर और दढ़ियाल) में सामने आया था। इन गांवों में सरकारी भूमि की श्रेणी बदलकर 500 से अधिक पट्टे काटे थे। पट्टों के जरिये करीब 2880 बीघा सरकारी भूमि निजी हाथों में सौंप दी गई थी, जिसकी मौजूदा कीमत 1.44 अरब के आसपास आंकी गई है। मंडी धनौरा में सैंक्चुरी क्षेत्र के लिए आरक्षित 4900 बीघा भूमि पर लगभग 800 पट्टे आवंटित किए जाने का खुलासा हुआ। इस जमीन की मौजूदा कीमत भी एक अरब से अधिक बताई जा रही है।
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