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साथी की मौत पर कोबरा नाग ने दम तोड़ा
ब्यूरो/ अमर उजाला मुरादाबाद
Updated Wed, 10 Feb 2016 02:04 AM IST
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मोबब्बत सिर्फ इंसानों में ही नहीं होती है बल्कि जानवर भी अपने साथी से अगाध प्यार करते हैं। इसका जीता जागता उदाहरण आज गांव रतुपुरा में देखने को मिला। जहां कुछ दिन पहले जेसीबी से कटकर हुई साथी की मौत के बाद मंगलवार को उसके साथी नाग ने भी दम तोड़ दिया।
बताते हैं कि नाग इसी जगह कई दिनों से बैठा था। ना तो कुछ खा रहा था और ना ही कुछ पी रहा था। नागों के इस प्यार को देखते हुए स्थआनीय सांसद ने वहां मदिर बनाने कीघोषणा की है। रतुपुरा में 15 दिन से एक कोबरा निकला हुआ था। बताया जाता है कि उसके साथी कोबरा की जेसीबी से कटने से मौत हो गई थी। उसी के गम में बैठा हुआ था। ग्रामीणों ने इसे धार्मिक आस्था से जोड़कर वहां पूजा अर्चना शुरू कर दी। मंगलवार को सुबह कोबरा ने भी प्राण त्याग दिए।
जिसे देखने के लिए लोगों की भीड़ जुटी। बाद में कोबरा को झांकी के रूप में ढोल नगाड़ों के साथ गांव रतुपुरा में घुमाया गया। इसके बाद कोबरा को साथी नाग के पास लाकर रख दिया। सांसद कुंवर सर्वेश कुमार सिंह ने उस स्थान पर मंदिर निर्माण की बात कही। उधर कालेवाला गांव में भी 10 दिन से दिखाई दे रहे कोबरा नाग ने भी दम तोड़ दिया। ग्रामीणों ने नाग को उसकी स्थान पर मिट्टी खोदकर पूजा-अर्चना के बाद दबा दिया।
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बताते हैं कि नाग इसी जगह कई दिनों से बैठा था। ना तो कुछ खा रहा था और ना ही कुछ पी रहा था। नागों के इस प्यार को देखते हुए स्थआनीय सांसद ने वहां मदिर बनाने कीघोषणा की है। रतुपुरा में 15 दिन से एक कोबरा निकला हुआ था। बताया जाता है कि उसके साथी कोबरा की जेसीबी से कटने से मौत हो गई थी। उसी के गम में बैठा हुआ था। ग्रामीणों ने इसे धार्मिक आस्था से जोड़कर वहां पूजा अर्चना शुरू कर दी। मंगलवार को सुबह कोबरा ने भी प्राण त्याग दिए।
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जिसे देखने के लिए लोगों की भीड़ जुटी। बाद में कोबरा को झांकी के रूप में ढोल नगाड़ों के साथ गांव रतुपुरा में घुमाया गया। इसके बाद कोबरा को साथी नाग के पास लाकर रख दिया। सांसद कुंवर सर्वेश कुमार सिंह ने उस स्थान पर मंदिर निर्माण की बात कही। उधर कालेवाला गांव में भी 10 दिन से दिखाई दे रहे कोबरा नाग ने भी दम तोड़ दिया। ग्रामीणों ने नाग को उसकी स्थान पर मिट्टी खोदकर पूजा-अर्चना के बाद दबा दिया।
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