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जिले में लंपी डिजीज की दस्तक, छह गोवंश के खून के सैंपल भोपाल भेजे
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लंपी स्किन डिजीज से पीड़ित पशु
मुरादाबाद। पंजाब, हरियाणा समेत कई प्रदेशों के गोवंशों में फैली लंपी स्किन डिजीज ने मुरादाबाद के छजलैट ब्लॉक में भी दस्तक दे दी है। यहां के 13 पशुओं में इस रोग के लक्षण पाए गए हैं। जिसके बाद पशु चिकित्सा विभाग ने जिले में अलर्ट जारी कर दिया है। सात गोवंशों का उपचार कर स्वस्थ कर लिया है, शेष छह गोवंशों के खून के सैंपल लेकर परीक्षण के लिए भोपाल स्थित लैब भेजा गया है।
छजलैट विकास खंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत रसूलपुर गुज्जर में कुछ गोवंशों के शरीर पर चकत्ते पड़ने व बुखार आने की सूचना पर पशु चिकित्सकों की टीम ने वहां पहुंच कर जायजा लिया। जिला पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अनिल कुमार कंछल ने बताया कि संबंधित गांवों के 13 गोवंशों में इस रोग के लक्षण पाए गए।
गांव निवासी चंद्र कुमार, उदयराज सिंह, गंगाराम, यशवीर सिंह, ओमवीर सिंह तथा जाहिद अली के एक-एक गोवंश भी इस रोग से पीड़ित प्रतीत हुए। उनके खून के सैंपल भोपाल स्थित हाई सिक्योरिटी लैब भेजे गए हैं। उन्होंने बताया कि तीन-चार दिन में इस लैब की रिपोर्ट आने की उम्मीद है।
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पशुओं को कर दिया गया है अलग
सीवीओ अनिल कंछल ने बताया कि जिन छह गोवंश में वर्तमान में लंपी रोग के लक्षण पाए गए हैं, उन्हें अन्य गोवंशों से अलग कर दिया गया है। उनकी देखरेख करने वाले पशु पालकों के माध्यम से भी दूसरे पशुओं को यह रोग फैल सकता है लिहाजा उन्हें भी अन्य गोवंशों से दूरी बना कर रखने को कहा गया है।
जिले भर में अलर्ट जारी
सीवीओ ने बताया कि लंपी रोग के लक्षण कुछ पशुओं में मिलने के बाद जिले में अलर्ट जारी कर दिया गया है। जिले की सभी गोशालाओं में डीडीटी समेत अन्य कीटनाशक दवाओं का छिड़काव मच्छर और मक्खी से बचाव के लिए करा दिया गया है। ब्लाक स्तर पर पशु चिकित्सकों व पशु सहायकों की टीम गठित कर सतत निगरानी करने तथा रिपोर्ट प्रतिदिन शाम को तीन बजे तक देने के निर्देश दिए गए हैं।
ये हैं लक्षण
सीवीओ ने बताया कि पशु को तेज बुखार आता है। शरीर पर चकत्ते पड़ जाते हैं। पशु चारा खाना छोड़ देता है। पशु को तेज बुखार आता है।
ये करें बचाव
सीवीओ डॉ. अनिल कंछल ने बताया कि लंपी रोग का लक्षण दिखाई देने पर सबसे पहले संबंधित पशु को अन्य पशुओं से अलग कर लें। मच्छर, मक्खी से बचाव करें। ऑवला पाउडर, सनाय पत्ती, अंबा हल्दी, काली जीरी का बराबर मिश्रण 500 ग्राम (प्रत्येक 125 ग्राम) पीस लें और 50-50 ग्राम मिश्रण गुण में मिलाकर सुबह शाम पशु को देने से पशु स्वस्थ हो जाएंगे।
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छजलैट विकास खंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत रसूलपुर गुज्जर में कुछ गोवंशों के शरीर पर चकत्ते पड़ने व बुखार आने की सूचना पर पशु चिकित्सकों की टीम ने वहां पहुंच कर जायजा लिया। जिला पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अनिल कुमार कंछल ने बताया कि संबंधित गांवों के 13 गोवंशों में इस रोग के लक्षण पाए गए।
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गांव निवासी चंद्र कुमार, उदयराज सिंह, गंगाराम, यशवीर सिंह, ओमवीर सिंह तथा जाहिद अली के एक-एक गोवंश भी इस रोग से पीड़ित प्रतीत हुए। उनके खून के सैंपल भोपाल स्थित हाई सिक्योरिटी लैब भेजे गए हैं। उन्होंने बताया कि तीन-चार दिन में इस लैब की रिपोर्ट आने की उम्मीद है।
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पशुओं को कर दिया गया है अलग
सीवीओ अनिल कंछल ने बताया कि जिन छह गोवंश में वर्तमान में लंपी रोग के लक्षण पाए गए हैं, उन्हें अन्य गोवंशों से अलग कर दिया गया है। उनकी देखरेख करने वाले पशु पालकों के माध्यम से भी दूसरे पशुओं को यह रोग फैल सकता है लिहाजा उन्हें भी अन्य गोवंशों से दूरी बना कर रखने को कहा गया है।
जिले भर में अलर्ट जारी
सीवीओ ने बताया कि लंपी रोग के लक्षण कुछ पशुओं में मिलने के बाद जिले में अलर्ट जारी कर दिया गया है। जिले की सभी गोशालाओं में डीडीटी समेत अन्य कीटनाशक दवाओं का छिड़काव मच्छर और मक्खी से बचाव के लिए करा दिया गया है। ब्लाक स्तर पर पशु चिकित्सकों व पशु सहायकों की टीम गठित कर सतत निगरानी करने तथा रिपोर्ट प्रतिदिन शाम को तीन बजे तक देने के निर्देश दिए गए हैं।
ये हैं लक्षण
सीवीओ ने बताया कि पशु को तेज बुखार आता है। शरीर पर चकत्ते पड़ जाते हैं। पशु चारा खाना छोड़ देता है। पशु को तेज बुखार आता है।
ये करें बचाव
सीवीओ डॉ. अनिल कंछल ने बताया कि लंपी रोग का लक्षण दिखाई देने पर सबसे पहले संबंधित पशु को अन्य पशुओं से अलग कर लें। मच्छर, मक्खी से बचाव करें। ऑवला पाउडर, सनाय पत्ती, अंबा हल्दी, काली जीरी का बराबर मिश्रण 500 ग्राम (प्रत्येक 125 ग्राम) पीस लें और 50-50 ग्राम मिश्रण गुण में मिलाकर सुबह शाम पशु को देने से पशु स्वस्थ हो जाएंगे।