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Moradabad News: केजीके कॉलेज के छात्र ने जांच समिति पर उठाए सवाल
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मुरादाबाद। केजीके कॉलेज के छात्र ने प्रोफेसर की जांच के लिए बनाई गई समिति पर सवाल उठाए हैं। प्राचार्य का कहना है कि दोनों अधिकारी छात्रों से संबंधित हैं। शिकायतकर्ता तय नहीं करेगा कि जांच कौन करेगा।
लॉ छात्र सचिन चौधरी ने विभाग के शिक्षक प्रो. राजकुमार सोनकर पर आरोप लगाया था कि उन पर दो विषयों को पढ़ाने की जिम्मेदारी है लेकिन उन्होंने पूरे सेमेस्टर में एक ही विषय पढ़ाया था। शिकायत के आधार पर प्राचार्य प्रो. जितेंद्र सिंह ने मामले की जांच डीन छात्र कल्याण और मुख्य नियंता काे सौंपी है। सचिन चौधरी का आरोप है कि जांच समिति में शामिल दोनों प्रोफेसर उनके समकक्ष हैं, जिससे जांच प्रभावित होने की आशंका है। साथ ही जांच समिति में छात्र प्रतिनिधि को शामिल करने और जांच पूरी होने तक प्रो. राजकुमार सोनकर के कॉलेज आने पर रोक लगाने की मांग की है। प्राचार्य प्रो. जितेंद्र सिंह का कहना है कि दोनों अधिकारी छात्राें से संबंधित हैं। छात्र कल्याण निदेशक का काम छात्रों की समस्याओं के समाधान का है, जबकि मुख्य नियंता पर अनुशासन बनाए रखने की जिम्मेदारी है। ऐसे में शिकायतकर्ता तय नहीं कर सकता कि जांच समिति में किसे शामिल किया जाए।
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लॉ छात्र सचिन चौधरी ने विभाग के शिक्षक प्रो. राजकुमार सोनकर पर आरोप लगाया था कि उन पर दो विषयों को पढ़ाने की जिम्मेदारी है लेकिन उन्होंने पूरे सेमेस्टर में एक ही विषय पढ़ाया था। शिकायत के आधार पर प्राचार्य प्रो. जितेंद्र सिंह ने मामले की जांच डीन छात्र कल्याण और मुख्य नियंता काे सौंपी है। सचिन चौधरी का आरोप है कि जांच समिति में शामिल दोनों प्रोफेसर उनके समकक्ष हैं, जिससे जांच प्रभावित होने की आशंका है। साथ ही जांच समिति में छात्र प्रतिनिधि को शामिल करने और जांच पूरी होने तक प्रो. राजकुमार सोनकर के कॉलेज आने पर रोक लगाने की मांग की है। प्राचार्य प्रो. जितेंद्र सिंह का कहना है कि दोनों अधिकारी छात्राें से संबंधित हैं। छात्र कल्याण निदेशक का काम छात्रों की समस्याओं के समाधान का है, जबकि मुख्य नियंता पर अनुशासन बनाए रखने की जिम्मेदारी है। ऐसे में शिकायतकर्ता तय नहीं कर सकता कि जांच समिति में किसे शामिल किया जाए।
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