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बच्चों के लिए पर्यटन स्थल बनेगा कान्हा गोशाला

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 14 Sep 2022 01:30 AM IST
सार

मैनाठेर स्थित कान्हा गोशाला बच्चों के लिए पर्यटन स्थल का केंद्र बनेगा।इसके अलावा बच्चों के लिए खेलने के उपकरण और झूले लगाए जाएंगे।आरटीओ रोड की सड़क से 500 मीटर दूर स्थित कान्हा गोशाला 7070 वर्ग मीटर में फैला है।यहां गो वंश के उपचार के लिए गो चिकित्सा केंद्र भी बनाया गया है।

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Kanha Gaushala will become a tourist destination for children

विस्तार

मुरादाबाद। मैनाठेर स्थित कान्हा गोशाला बच्चों के लिए पर्यटन स्थल का केंद्र बनेगा। शहरी चकाचौंध से दूर ग्रामीण परिवेश का अनुभव का ज्ञान कराने के साथ गोबर गैस प्लांट, पंचगव्य, गोवर्धन वाटिका, गाय के बछडे़ काफी प्रभावित करेंगे। इसके अलावा बच्चों के लिए खेलने के उपकरण और झूले लगाए जाएंगे।
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आरटीओ रोड की सड़क से 500 मीटर दूर स्थित कान्हा गोशाला 7070 वर्ग मीटर में फैला है। नगर आयुक्त संजय चौहान का दावा है कि यह प्रदेश की नंबर वन गोशाला है। इसमें गोवंश के साथ बच्चों को आकर्षित करने के लिए काफी सुविधाएं मौजूद हैं। यहां बच्चे आने के बाद सीढ़ियों और अन्य खेल खेलने लगते हैं। गाय के बछड़े और बछिया को देखने के बाद बच्चे खुश हो जाते हैं। नगर आयुक्त ने गोशाला की समीक्षा करते हुए अधीनस्थों को बच्चों को आकर्षित करने वाले अन्य कार्य और सुझाव देने के निर्देश दिए।
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पंचगव्य का ज्ञान और लाभ
गोशाला की देखरेख करनेवाली सहायक नगर आयुक्त द्वितीय दीप शिखा पांडेय ने बताया कि पंचगव्य के रूप में गोमूत्र, गोदधि, गो दुग्ध, गो घृत (घी) और गोमय को सभी लोग जानते हैं, लेकिन इनके सेवन विधि के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। यहां बच्चों को पंचगव्य के लाभ और सेवन विधि के बारे में बताया जाएगा। बच्चे उनका सेवन कर स्वस्थ रह सकते हैं। बच्चों का झुकाव पिज्जा, बर्गर की तरफ कम जाएगा।
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गोवर्धन वाटिका
बच्चों को बैठने के लिए गोवर्धन वाटिका बनाई गई है। ऊपर घास फूस है। बच्चों को खेलने के लिए यहां काफी सामान मौजूद है। इसके चारों तरह फूल और पौधे लगाए गए हैं।
बायो गैस प्लांट से संचालित है स्ट्रीट लाइट
नगर आयुक्त ने बताया कि हाईस्कूल तक के बच्चों को प्रेक्टिकल के लिए गोबर से संचालित बायो गैस प्लांट देखना अच्छा होगा। इस प्लांट की बिजली से 30 से अधिक स्ट्रीट लाइट रात में जगमगा जाती है। गोशाला से प्रतिदिन 25 क्विंटल गोबर निकलता है। प्लांट से निकले गोबर को 42.48 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बेचा जाता है। गोशाला को बनाने के लिए आर्किटेक्ट का सहयोग लिया गया है।
गो चेतना केंद्र
गो चेतना केंद्र में गोबर से लकड़ी, दिये, हवन की सामग्री बनाना सिखाया जाता है। स्वयंसेवी संस्था की मदद से मूर्तियां, अगरबत्ती, ओम लिखा आकर्षक डिजाइन बनाया जाता है।

मिल्क पार्लर की तैयारी
गोशाला में मिल्क पार्लर के लिए कार्यालय तैयार बनाया गया है। यहां से पहले 21 बछिया किसानों को दे दी गई थी, लेकिन नगर आयुक्त ने छह बछिया रोक ली है। उनके बड़े होने पर दूध मिलेगा, जो पार्लर खोलने में सहायक होगा। यहां गो वंश के उपचार के लिए गो चिकित्सा केंद्र भी बनाया गया है।
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