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तीन केसों में सराफ दोषमुक्त, चेन के टुकड़े में फंसी रिहाई
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मुरादाबाद। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने सराफ सोनू वर्मा को तीन केसों से दोषमुक्त कर दिया है। जबकि चौथे केस से लूट की धारा 392 भी हटा दी गई। बावजूद इसके अभी वह जेल से बाहर नहीं आ सकेगा। चेन के एक टुकड़े में सराफ की रिहाई फंस गई। पुलिस ने चेन का टुकड़ा सराफ से बरामद करने का दावा कर रिमांड मांगी है। इस चेन के टुकड़े की तस्दीक केस के वादी ने की थी। जिस कारण अदालत ने सोनू वर्मा के जमानती प्रार्थना पत्र को निरस्त कर दिया।
मझोला पुलिस ने 21 नवंबर को सराफ सोनू वर्मा निवासी भदौड़ा डबल फाटक थाना कटघर, विपिन और अरुण को गिरफ्तार किया था। जिसमें पुलिस ने लूट के चार केसों का खुलासा किया था। इसमें दो केस सिविल लाइंस और दो केस मझोला थाने के हैं। सोनू वर्मा की मां ललिता वर्मा ने इस संबंध में एसएसपी प्रभाकर चौधरी से शिकायत की थी और अपने बेटे को बेगुनाह बताया था। एसएसपी के आदेश पर मामले की जांच की गई। जांच में सोनू वर्मा की लूट में कोई संलिप्तता नहीं पाई गई। पुलिस ने चौथे केस में सोनू को चेन बरामद होने का आरोपी बताया है। पुलिस की ओर से कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया गया। जिसमें तीन केस से सोनू का नाम निकाल दिया गया है। इसके अलावा पुलिस ने सीआरपीसी की धारा 169 की रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल की। सीजेएम ने रिपोर्ट स्वीकार कर ली गई है।
साथ ही कोर्ट ने तीनों केसों में आदेश दिया कि यदि सोने वर्मा किसी अन्य केस में वांछित न हो तो उसे 50-50 हजार रुपये के निजी बंध पत्र दाखिल करने पर जेल से रिहा किया जाएगा। जबकि चौथे केस में सोनू वर्मा की रिहाई चेन के एक टुकड़े की वजह से रुक गई। पुलिस ने चौथे केस में से लूट की धारा तो हटा दी, लेकिन सोनू वर्मा को माल बरामदगी की धारा 411 का आरोपी पाया है। जिस पर मंगलवार को बहस चली। बचाव पक्ष के अधिवक्ता की ओर से तर्क रखा गया कि सोनू वर्मा को मझोला पुलिस ने झूठे केस में फंसा दिया है। अदालत ने सोनू को तीन केसों में संदेह मुक्त किया है। जबकि माल बरामदगी का पुलिस के पास कोई साक्ष्य नहीं है। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क रखा कि पुलिस ने सोनू वर्मा से चेन का जो टुकड़ा बरामद किया था। उसकी तस्दीक केस के वादी गिरीश वर्मा से कराई गई है। वादी ने उसे अपनी चेन का टुकड़ा बताया है। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद सोनू वर्मा के जमानती प्रार्थना पत्र को निरस्त कर दिया है।
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मझोला पुलिस ने 21 नवंबर को सराफ सोनू वर्मा निवासी भदौड़ा डबल फाटक थाना कटघर, विपिन और अरुण को गिरफ्तार किया था। जिसमें पुलिस ने लूट के चार केसों का खुलासा किया था। इसमें दो केस सिविल लाइंस और दो केस मझोला थाने के हैं। सोनू वर्मा की मां ललिता वर्मा ने इस संबंध में एसएसपी प्रभाकर चौधरी से शिकायत की थी और अपने बेटे को बेगुनाह बताया था। एसएसपी के आदेश पर मामले की जांच की गई। जांच में सोनू वर्मा की लूट में कोई संलिप्तता नहीं पाई गई। पुलिस ने चौथे केस में सोनू को चेन बरामद होने का आरोपी बताया है। पुलिस की ओर से कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया गया। जिसमें तीन केस से सोनू का नाम निकाल दिया गया है। इसके अलावा पुलिस ने सीआरपीसी की धारा 169 की रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल की। सीजेएम ने रिपोर्ट स्वीकार कर ली गई है।
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साथ ही कोर्ट ने तीनों केसों में आदेश दिया कि यदि सोने वर्मा किसी अन्य केस में वांछित न हो तो उसे 50-50 हजार रुपये के निजी बंध पत्र दाखिल करने पर जेल से रिहा किया जाएगा। जबकि चौथे केस में सोनू वर्मा की रिहाई चेन के एक टुकड़े की वजह से रुक गई। पुलिस ने चौथे केस में से लूट की धारा तो हटा दी, लेकिन सोनू वर्मा को माल बरामदगी की धारा 411 का आरोपी पाया है। जिस पर मंगलवार को बहस चली। बचाव पक्ष के अधिवक्ता की ओर से तर्क रखा गया कि सोनू वर्मा को मझोला पुलिस ने झूठे केस में फंसा दिया है। अदालत ने सोनू को तीन केसों में संदेह मुक्त किया है। जबकि माल बरामदगी का पुलिस के पास कोई साक्ष्य नहीं है। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क रखा कि पुलिस ने सोनू वर्मा से चेन का जो टुकड़ा बरामद किया था। उसकी तस्दीक केस के वादी गिरीश वर्मा से कराई गई है। वादी ने उसे अपनी चेन का टुकड़ा बताया है। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद सोनू वर्मा के जमानती प्रार्थना पत्र को निरस्त कर दिया है।
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