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जौहर विवि गेट प्रकरण: सांसद आजम खां को जमा करना होगा 49.14 लाख रुपये का जुर्माना, जौहर ट्रस्ट ने शुरू की प्रक्रिया
Wed, 15 Sep 2021 09:59 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 15 Sep 2021 09:59 PM IST
सार
जौहर विश्वविद्यालय के मुख्य गेट के मामले में जौहर ट्रस्ट को 49.14 लाख रुपये का जुर्माना देना होगा। ट्रस्ट की ओर से जुर्माने की एक तिहाई धनराशि जमा की जाएगी। हाईकोर्ट के आदेश पर अब जौहर ट्रस्ट ने जुर्माने की एक तिहाई राशि को जमा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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सांसद आजम खां की जौहर यूनिवर्सिटी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
रामपुर सेशन कोर्ट ने जौहर विश्वविद्यालय के मुख्य गेट को अवैध मानते हुए 1.63 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। हाईकोर्ट के आदेश पर अब जौहर ट्रस्ट ने जुर्माने की एक तिहाई राशि को जमा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए उनके अधिवक्ता की ओर से एसडीएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया गया है।
जौहर विश्वविद्यालय के मुख्य गेट को तोड़े जाने के मामले में पिछले माह सेशन कोर्ट ने एसडीएम सदर कोर्ट के आदेश को बहाल रखते हुए विश्वविद्यालय के मुख्य गेट को अवैध मानते हुए इसे तोड़ने के आदेश जारी किए थे। साथ ही कोर्ट ने 1.63 करोड़ रुपये का जुर्माना भी डाला था, जिसके बाद जौहर ट्रस्ट की ओर से इस मामले में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी।
हाईकोर्ट ने इस मामले में सेशन कोर्ट के गेट तोड़ने के आदेश पर तो रोक लगा दी थी,लेकिन सेशन कोर्ट द्वारा लगाए गए जुर्माना राशि के आधार पर जुर्माना धनराशि जमा करने के आदेश दिए थे।
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हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब जौहर ट्रस्ट के अधिवक्ता ने एसडीएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया है, जिस पर उन्होंने कुल जुर्माना धनराशि की एक तिहाई धनराशि को जमा करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है। साथ ही पूछा है कि यह धनराशि किस मद में जमा की जाएगी।
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जौहर विश्वविद्यालय के मुख्य गेट को तोड़े जाने के मामले में पिछले माह सेशन कोर्ट ने एसडीएम सदर कोर्ट के आदेश को बहाल रखते हुए विश्वविद्यालय के मुख्य गेट को अवैध मानते हुए इसे तोड़ने के आदेश जारी किए थे। साथ ही कोर्ट ने 1.63 करोड़ रुपये का जुर्माना भी डाला था, जिसके बाद जौहर ट्रस्ट की ओर से इस मामले में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी।
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हाईकोर्ट ने इस मामले में सेशन कोर्ट के गेट तोड़ने के आदेश पर तो रोक लगा दी थी,लेकिन सेशन कोर्ट द्वारा लगाए गए जुर्माना राशि के आधार पर जुर्माना धनराशि जमा करने के आदेश दिए थे।
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हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब जौहर ट्रस्ट के अधिवक्ता ने एसडीएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया है, जिस पर उन्होंने कुल जुर्माना धनराशि की एक तिहाई धनराशि को जमा करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है। साथ ही पूछा है कि यह धनराशि किस मद में जमा की जाएगी।
क्या है मामला
एसडीएम कोर्ट ने करीब दो साल पहले जौहर विवि के मुख्य गेट को 15 दिन के भीतर हटाने के आदेश जारी किए थे। साथ ही एसडीएम कोर्ट ने इस मामले में क्षतिपूर्ति के तौर पर भी धनराशि जमा करने के आदेश आदेश दिए थे। एसडीएम कोर्ट के इस आदेश के खिलाफ सेशन कोर्ट मामला पहुंचा, जहां से सेशन कोर्ट से भी राहत नहीं मिली।
अब यह मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। हाईकोर्ट ने गेट तोड़ने के आदेश पर रोक लगा दी है । साथ ही जुर्माने की धनराशि 1.63 करोड़ रुपये की एक तिहाई धनराशि जमा करने को कहा है।
हाईकोर्ट के आदेश पर जुर्माना धनराशि की एक तिहाई धनराशि जमा करने के लिए जौहर ट्रस्ट की ओर से प्रार्थना पत्र दिया गया है। ट्रस्ट की ओर से करीब 49.14 लाख रुपये की धनराशि जमा कराई जानी है। -अजय तिवारी, जिला शासकीय अधिवक्ता (राजस्व)
अब यह मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। हाईकोर्ट ने गेट तोड़ने के आदेश पर रोक लगा दी है । साथ ही जुर्माने की धनराशि 1.63 करोड़ रुपये की एक तिहाई धनराशि जमा करने को कहा है।
हाईकोर्ट के आदेश पर जुर्माना धनराशि की एक तिहाई धनराशि जमा करने के लिए जौहर ट्रस्ट की ओर से प्रार्थना पत्र दिया गया है। ट्रस्ट की ओर से करीब 49.14 लाख रुपये की धनराशि जमा कराई जानी है। -अजय तिवारी, जिला शासकीय अधिवक्ता (राजस्व)