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रेलवे की भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए गरजी जेसीबी
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मुरादाबाद। शहर में कपूर कंपनी पुल के नीचे रेलवे की भूमि पर वर्षों से चल रही सब्जी मंडी को हटाने के लिए बुधवार को खूब हंगामा हुआ। दो दिन पहले अतिक्रमण हटाने का नोटिस देने के बाद बुधवार को रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी आरपीएफ के साथ मौके पर पहुंचे। टीम के समझाने के बाद भी जब सब्जी, फल विक्रेता वहां से हटने को राजी नहीं हुए। इस पर टीम ने अतिक्रमण वाले स्थान पर जेसीबी चला दी। इस पर लोग जेसीबी के सामने बैठकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। इस मामले की सूचना पर शहर विधायक रितेश गुप्ता मौके पर पहुंच गए। उन्होंने रेलवे और आरपीएफ के अधिकारियों से वार्ता कर मामले को शांत कराया। साथ ही लोगों को समय देने के लिए कहा। सब्जी मंडी के लिए दूसरी जगह निर्धारित करने पर भी चर्चा की।
सब्जी और फल विक्रेताओं का दावा है कि कपूर कंपनी पुल के नीचे सब्जी, फल की मंडी 50 वर्ष से भी अधिक समय से लग रही है। रेलवे ने एक दिन पहले नोटिस जारी कर अचानक जगह खाली करने के लिए कह दिया। लोगों का कहना था कि वर्षों से उनके परिवार की गुजर बसर उक्त स्थान पर फल और सब्जियां बेचकर हो रही है। यदि रेलवे उन्हें यहां से हटाता है तो वे कहां जाकर व्यवसाय करेंगे। उनके सामने रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न हो जाएगा। बहरहाल विधायक के हस्तक्षेप के बाद रेलवे ने अतिक्रमण हटाने का काम रोक दिया और डीआरएम की उपस्थिति में लोगों के साथ वार्ता के बाद आगे की कार्रवाई के लिए आश्वासन दिया गया। मौके पर सीओ सिविल लाइंस सागर जैन, सिविल लाइंस थाना प्रभारी आरपी सिंह, आरपीएफ असिस्टेंट कमांडेंट टीएस रावत, कंपनी कमांडर धर्मेंद्र सिंह राणा, भागीरथ नेहरा आदि मौजूद रहे।
दोपहर 12 बजे से तीन घंटे तक चला बवाल
मुरादाबाद। दोपहर तकरीबन 12 बजे रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी और आरपीएफ ने मौके पर पहुंचकर लोगों से जगह खाली करने के लिए कहा। इसके बाद कुछ दुकानदार तो अपना सामान लेकर चले गए। जबकि अधिकांश वहीं डटे रहे और कार्रवाई न करने की गुहार लगाते रहे। यह खींचतान दो घंटे तक चली। इसके बाद आरपीएफ ने अतिक्रमण हटाने के लिए जेसीबी चलाई। इससे लोगों का विरोध और मुखर हो गया। लोग अपनी सब्जी की फड़ो की जगह पर जेसीबी के सामने बैठ गए। इसी बीच शहर विधायक व अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और कार्रवाई को रुकवाया। यह बवाल दोपहर तीन बजे के बाद तक चला।
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50 सालों से रेलवे को नहीं दिखा अतिक्रमण
मुरादाबाद। लोगों ने आरोप लगाया है कि पिछले 50 वर्षों से अधिक समय में रेलवे को कभी यह अतिक्रमण दिखाई नहीं दिया। सब्जी मंडी के पास ही कुछ लोगों ने पक्की दुकानें बना रखी हैं। इन पर कभी कोई कार्रवाई नहीं होती। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देकर रेलवे 100 से अधिक परिवारों से उनकी रोजी-रोटी छीनना चाहता है। इस पर आरपीएफ का कहना था कि पक्के निर्माण के मामले में कोर्ट में मामला विचाराधीन है।
दशकों से चल रहे लोगों के रोजगार के स्त्रोत को खत्म करना जायज नहीं है। सरकार रेहड़ी, पटरी वालों को उचित स्थान देकर उनके व्यवसाय को स्थापित कर रही है। ऐसे में रेलवे द्वारा अचानक की गई यह कार्रवाई बिल्कुल गलत है। फिलहाल कार्रवाई रुकवा दी गई है। जिलाधिकारी और मंडल रेल प्रबंधक के साथ लोगों की मौजूदगी में वार्ता की जाएगी।
- रितेश गुप्ता, शहर विधायक
रेलवे के अधिकारियों के कहने पर और देशभर में लागू कोर्ट के आदेशों के अनुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है। लोगों को पहले ही नोटिस देकर जगह खाली करने के लिए कहा गया था। इसके बावजूद जब लोग नहीं हटे तो सख्ती करनी पड़ी।
- टीएस रावत, एएससी आरपीएफ
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सब्जी और फल विक्रेताओं का दावा है कि कपूर कंपनी पुल के नीचे सब्जी, फल की मंडी 50 वर्ष से भी अधिक समय से लग रही है। रेलवे ने एक दिन पहले नोटिस जारी कर अचानक जगह खाली करने के लिए कह दिया। लोगों का कहना था कि वर्षों से उनके परिवार की गुजर बसर उक्त स्थान पर फल और सब्जियां बेचकर हो रही है। यदि रेलवे उन्हें यहां से हटाता है तो वे कहां जाकर व्यवसाय करेंगे। उनके सामने रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न हो जाएगा। बहरहाल विधायक के हस्तक्षेप के बाद रेलवे ने अतिक्रमण हटाने का काम रोक दिया और डीआरएम की उपस्थिति में लोगों के साथ वार्ता के बाद आगे की कार्रवाई के लिए आश्वासन दिया गया। मौके पर सीओ सिविल लाइंस सागर जैन, सिविल लाइंस थाना प्रभारी आरपी सिंह, आरपीएफ असिस्टेंट कमांडेंट टीएस रावत, कंपनी कमांडर धर्मेंद्र सिंह राणा, भागीरथ नेहरा आदि मौजूद रहे।
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दोपहर 12 बजे से तीन घंटे तक चला बवाल
मुरादाबाद। दोपहर तकरीबन 12 बजे रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी और आरपीएफ ने मौके पर पहुंचकर लोगों से जगह खाली करने के लिए कहा। इसके बाद कुछ दुकानदार तो अपना सामान लेकर चले गए। जबकि अधिकांश वहीं डटे रहे और कार्रवाई न करने की गुहार लगाते रहे। यह खींचतान दो घंटे तक चली। इसके बाद आरपीएफ ने अतिक्रमण हटाने के लिए जेसीबी चलाई। इससे लोगों का विरोध और मुखर हो गया। लोग अपनी सब्जी की फड़ो की जगह पर जेसीबी के सामने बैठ गए। इसी बीच शहर विधायक व अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और कार्रवाई को रुकवाया। यह बवाल दोपहर तीन बजे के बाद तक चला।
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50 सालों से रेलवे को नहीं दिखा अतिक्रमण
मुरादाबाद। लोगों ने आरोप लगाया है कि पिछले 50 वर्षों से अधिक समय में रेलवे को कभी यह अतिक्रमण दिखाई नहीं दिया। सब्जी मंडी के पास ही कुछ लोगों ने पक्की दुकानें बना रखी हैं। इन पर कभी कोई कार्रवाई नहीं होती। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देकर रेलवे 100 से अधिक परिवारों से उनकी रोजी-रोटी छीनना चाहता है। इस पर आरपीएफ का कहना था कि पक्के निर्माण के मामले में कोर्ट में मामला विचाराधीन है।
दशकों से चल रहे लोगों के रोजगार के स्त्रोत को खत्म करना जायज नहीं है। सरकार रेहड़ी, पटरी वालों को उचित स्थान देकर उनके व्यवसाय को स्थापित कर रही है। ऐसे में रेलवे द्वारा अचानक की गई यह कार्रवाई बिल्कुल गलत है। फिलहाल कार्रवाई रुकवा दी गई है। जिलाधिकारी और मंडल रेल प्रबंधक के साथ लोगों की मौजूदगी में वार्ता की जाएगी।
- रितेश गुप्ता, शहर विधायक
रेलवे के अधिकारियों के कहने पर और देशभर में लागू कोर्ट के आदेशों के अनुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है। लोगों को पहले ही नोटिस देकर जगह खाली करने के लिए कहा गया था। इसके बावजूद जब लोग नहीं हटे तो सख्ती करनी पड़ी।
- टीएस रावत, एएससी आरपीएफ