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जननी सुरक्षा योजना: प्रसव के बाद छह हजार माताओं को नहीं मिली सहायता राशि

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 18 Jul 2026 02:43 AM IST
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Janani Suraksha Yojana: 6,000 mothers did not receive financial assistance after delivery.
- सरकारी अस्पतालों में प्रसव के बाद भी इंतजार, संभल जिले की स्थिति सबसे खराब
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अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। सरकारी अस्पतालों में प्रसव कराने वालीं हजारों महिलाओं को जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) की सहायता राशि का इंतजार है। प्रसव हो चुके हैं, लाभार्थियों का रिकॉर्ड भी पोर्टल पर दर्ज है, लेकिन भुगतान अब तक पूरा नहीं हो सका। पांच जुलाई 2026 तक के मंत्रा पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार मुरादाबाद मंडल में 6110 माताओं का भुगतान लंबित है।
जननी सुरक्षा योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रसव के बाद ग्रामीण क्षेत्र में 1400 रुपये और शहरी क्षेत्र में 1000 रुपये की सहायता राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। इसका उद्देश्य संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना और गरीब परिवारों को आर्थिक सहारा देना है। लेकिन भुगतान में देरी के कारण हजारों महिलाएं योजना का लाभ नहीं ले सकी हैं। मंडल में 20412 संस्थागत प्रसव हुए, लेकिन इनमें से केवल 14302 महिलाओं को ही भुगतान मिल सका। यानी करीब 30 प्रतिशत लाभार्थी अब भी भुगतान का इंतजार कर रही हैं। मंडल का भुगतान प्रतिशत 70.07 है लेकिन लंबित मामलों की संख्या व्यवस्था की सुस्ती उजागर कर रही है। सबसे खराब स्थिति संभल की है, जहां 1705 महिलाओं का भुगतान अटका है। इसके बाद बिजनौर में 1355, अमरोहा में 1338, रामपुर में 909 और मुरादाबाद में 803 महिलाओं को सहायता राशि नहीं मिली है। अमरोहा का भुगतान प्रतिशत केवल 56.56 है, जिससे जिला प्रदेश में 59वें स्थान पर पहुंच गया है।
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विभागीय जानकारों का कहना है कि जननी सुरक्षा योजना का उद्देश्य यह तय करना है कि आर्थिक तंगी के कारण कोई महिला घर पर असुरक्षित प्रसव न कराए। लेकिन जब प्रसव के बाद मिलने वाली सहायता राशि ही समय पर न मिले तो योजना का उद्देश्य कमजोर पड़ जाता है। स्वास्थ्य विभाग को लंबित भुगतान जल्द पूरा करने की जरूरत है, ताकि जरूरतमंद महिलाओं को समय पर आर्थिक सहायता मिल सके।
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जिलेवार लंबित भुगतान

संभल: 1705 माताएं
बिजनौर: 1355 माताएं

अमरोहा: 1338 माताएं
रामपुर: 909 माताएं
मुरादाबाद: 803 माताएं
कुल लंबित भुगतान: 6110 माताएं

वर्जन
भुगतान की स्थिति में लगातार सुधार किया जा रहा है। जननी सुरक्षा योजना के तहत अब ज्यादा पेंडेंसी नहीं है। हमारी टीम काम कर रही है।
- डॉ. कुलदीप सिंह, सीएमओ
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