फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   jainacharya told

कल्प सूत्र ग्रंथ का जीवन में अनुसरण करने से होती है आत्म शुद्धि

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 26 Aug 2022 11:31 PM IST
विज्ञापन
jainacharya told
मुरादाबाद। श्वेतांबर जैन समाज मंदिर में पर्याषूण पर्व के तीसरे दिन जैनाचार्य श्रीमद् विजय धर्मधुरंदर सूरीश्वर महाराज ने कल्प सूत्र ग्रंथ के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहां कि जीवन में शुद्धि के लिए कल्प सूत्र का अत्यधिक महत्व है। हमें प्रमाद- आलस्य में समय व्यर्थ नहीं करना चाहिए। आजकल हवा, जल, वायु सब कुछ प्रदूषित है, लेकिन उससे भी ज्यादा प्रदूषित मानवीय मन हैं। जो हर समय तुलना, स्पर्द्धा, ईर्ष्या, खेद, उद्वेग के प्रदूषण से ग्रसित रहता है। इसकी शुद्धि के लिए मनुष्य को पर्व में उपवास रखकर अपनी आत्मा की शुद्धि करनी चाहिए। नम्र बनकर सरल स्वभाव धारण करके शुद्ध होकर दूसरों के दोषों को क्षमा करने के साथ अपने अनुचित व्यवहारों के लिए दूसरों से क्षमा मांग लेनी चाहिए। वह सच्चे अर्थों में वीर है।
विज्ञापन

जागरण में आरती जैन, भमिता जैन, जयरानी, अदिति, उर्मिल जैन ने मधुर गीतों से परिसर का माहौल भक्तिमय कर दिया। कल्पसूत्र जागरण कराने का लाभ सुरदारी लाल, मदनलाल, अशोक कुमार, राकेश जैन परिवार ने लिया। इस दौरान चंद्रमोहन, कोमल, विनय, सुभाष, रवि जैन, राजीव जैन, प्रफुल्ल जैन मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजेंद्र जैन ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed