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इसरो का ‘सोना’ बनेगा पीतलनगरी का रजत
मुरादाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 14 Nov 2017 12:57 AM IST
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इसरो
- फोटो : SELF
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पीतलनगरी का होनहार एमटेक छात्र रजत भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (इसरो) का सोना बनेगा। अपनी चमक इसरो में बिखेरेगा। रजत का चयन इसरो के लिए हुआ है। यही नहीं रजत ने इसरो की परीक्षा में आल इंडिया टापर भी बने हैं। वह महीने भर में इसरो चले जाएंगे। रजत ने ये उपलब्धि देशभर के साढे़ तीन लाख परीक्षार्थियों में हासिल की है।
शहर के बुद्धि विहार निवासी रजत कुमार सिंह आईआईटी दिल्ली से एमटेक कर रहे हैं। देशभर के साढ़े तीन लाख परीक्षार्थियों के साथ रजत भी इसरो की वैज्ञानिक परीक्षा में शामिल हुए थे। रजत ने ये परीक्षा पहली बार दी थी। शनिवार को इस परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया। परीक्षा में रजत ने इंडिया टाप किया।
उनके घर और पैतृक गांव सिताबदियरा जिले छपरा बिहार में जश्न का माहौल है। रजत के पिता अरुण कुमार सिंह एक प्राइवेट कंपनी में कार्यरत हैं। केसीएम से पढ़ाई करने वाले रजत इसरो में बतौर वैज्ञानिक राकेट का डिजाइन करके अंतरिक्ष में भेजने के प्रोजेक्ट पर काम करेंगे। रजत का मानना है कि दृढ़ इच्छाशक्ति से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
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बशर्ते उसे पूरे लगन और मेहनत से किया जाए। लक्ष्य को हासिल करने के लिए एकाग्रता बेहद जरूरी है। रजत की बड़ी बहन पीएनबी बदायूं में कार्यरत है। जबकि छोटी बहन बीटेक कर रही है। छोटा भाई अभी केसीएम में पढ़ाई कर रहा है।
इसरो के लिए चुने गए 35 वैज्ञानिक
मुरादाबाद। इसरो की वैज्ञानिक परीक्षा में देशभर से साढ़े तीन लाख परीक्षार्थी शामिल हुए थे। इसमें से तीन सौ परीक्षार्थियों को इंटरव्यू के लिए बुलाया गया था। जहां बारह सदस्यीय कमेटी ने इन परीक्षार्थियों का साक्षात्कार लिया। बाद में 35 परीक्षार्थियों को वैज्ञानिक के लिए चुना गया है।
शहर के बुद्धि विहार निवासी रजत कुमार सिंह आईआईटी दिल्ली से एमटेक कर रहे हैं। देशभर के साढ़े तीन लाख परीक्षार्थियों के साथ रजत भी इसरो की वैज्ञानिक परीक्षा में शामिल हुए थे। रजत ने ये परीक्षा पहली बार दी थी। शनिवार को इस परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया। परीक्षा में रजत ने इंडिया टाप किया।
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उनके घर और पैतृक गांव सिताबदियरा जिले छपरा बिहार में जश्न का माहौल है। रजत के पिता अरुण कुमार सिंह एक प्राइवेट कंपनी में कार्यरत हैं। केसीएम से पढ़ाई करने वाले रजत इसरो में बतौर वैज्ञानिक राकेट का डिजाइन करके अंतरिक्ष में भेजने के प्रोजेक्ट पर काम करेंगे। रजत का मानना है कि दृढ़ इच्छाशक्ति से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
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बशर्ते उसे पूरे लगन और मेहनत से किया जाए। लक्ष्य को हासिल करने के लिए एकाग्रता बेहद जरूरी है। रजत की बड़ी बहन पीएनबी बदायूं में कार्यरत है। जबकि छोटी बहन बीटेक कर रही है। छोटा भाई अभी केसीएम में पढ़ाई कर रहा है।
इसरो के लिए चुने गए 35 वैज्ञानिक
मुरादाबाद। इसरो की वैज्ञानिक परीक्षा में देशभर से साढ़े तीन लाख परीक्षार्थी शामिल हुए थे। इसमें से तीन सौ परीक्षार्थियों को इंटरव्यू के लिए बुलाया गया था। जहां बारह सदस्यीय कमेटी ने इन परीक्षार्थियों का साक्षात्कार लिया। बाद में 35 परीक्षार्थियों को वैज्ञानिक के लिए चुना गया है।