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मुरादाबादः दरोगा की बेटी बनी एक घंटे की थानेदार, बिना हेलमेट के स्कूटी चालक का काटा चालान
Fri, 20 Nov 2020 09:12 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद
Published by: Vikas Kumar
Updated Fri, 20 Nov 2020 09:12 PM IST
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पुलिस कार्य प्रणाली समझते हुए लावन्या
- फोटो : amar ujala
मुरादाबाद शहर कोतवाली का नजारा शुक्रवार को बदला बदला नजर आया। कोतवाल की कुर्सी पर दरोगा की बेटी दसवीं की छात्रा बैठी थी। यहां आने वाले फरियादियों की शिकायतें सुन रही थीं और अधीनस्थों को निस्तारण के लिए दिशा-निर्देश भी दे रही थीं। एक घंटे की थानेदार बनीं लावन्या ने कोतवाली का निरीक्षण करने के बाद शहर का भ्रमण किया और अतिक्रमण करने वालों को सख्त हिदायत देने के साथ ही बिना हेलमेट के स्कूटी चलाने पर चालान भी काट दिया।
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जनता की नजरों में पुलिस की छवि को सुधारने के लिए एक और पहल की शुरुआत की गई है।
शुक्रवार को प्रदेश के प्रत्येक जिले में बच्चों को एक घंटे थाना संभालने का मौका दिया गया। ताकी बच्चे पुलिस की कार्यप्रणाली को देखें और अपने स्कूल और परिवार के बीच जाकर साझा करें। ये कार्यक्रम यूनीसेफ की पहल पर आयोजित कराया गया। मुरादाबाद में शहर कोतवाली में कार्यक्रम आयोजित कराने का निर्णय लिया गया। जिसके लिए कांशीराम नगर स्थित सेंट मीरा अकादमी के बच्चों को चुना गया।
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शुक्रवार सुबह स्कूल की शिक्षिकाएं और शिक्षक 48 बच्चों को लेकर कोतवाली पहुंचे। यहां बच्चों से पूछताछ की गई कि कौन कोतवाल बनना चाहेगा। तब खुशहालपुर निवासी दसवीं की छात्रा लावन्या ने कोतवाल बनने की इच्छा जाहिर की। कार्यक्रम शुरू होने पर पुलिस अधीक्षक नगर अमित आनंद, सीओ कोतवाली इंदु सिद्धार्थ और कोतवाल अशोक कुमार ने पुलिस के कार्य की बारीकियां बच्चों के साथ साझा कीं। कोतवाली प्रभारी अशोक कुमार ने लावन्या को कोतवाली प्रभारी का चार्ज सौंपा।
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इसके बाद कुर्सी पर बैठकर कोतवाली आने वाले फरियादियों की शिकायतें सुनीं। इस दौरान कंजरी सराय निवासी समर अंसारी मोबाइल खोने की शिकायत लेकर कोतवाली पहुंचे। उसकी शिकायत सुनने के बाद लावन्या ने सूचना दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई का निर्देश चौकी प्रभारी को दिया है। इसके बाद कोतवाल बनीं लावन्या ने दस छात्रों की टीम बनाकर टाउन हाल चौराहे पर वाहन चेकिंग के लिए अभियान चलाया। इस दौरान बिना हेलमेट पहने वहां से गुजर रहे स्कूटी सवार को रोक कर जांच किया। कोतवाली क्षेत्र के मंडी चौक निवासी स्कूटी सवार राजन की स्कूटी का चालान किया गया।
वायरलेस सेट पर एसएसपी से की बात
कोतवाली का चार्ज संभालने के बाद लावन्या ने पुलिस की कार्यप्रणाली समझी। लावन्या और दूसरी छात्रा हर्षिता ने वायरलेस सेट पर एसएसपी प्रभाकर चौधरी से बात की। एसएसपी से मिले निर्देश के अनुपालन में लावन्या ने शस्त्रागार, कंट्रोल रूम, मालखाना, हवालात, का निरीक्षण किया। अन्य छात्र-छात्राओं ने भी पुलिस की कार्यशैली और जीवन शैली के बारे में विस्तार से जानकारियां कीं।
लखनऊ में तैनात हैं लावन्या के पिता
यूनिसेफ की ओर से आयोजित कराए गए कार्यक्रम में कोतवाल बनीं लावन्या ने बताया कि पुलिस कर्मियों की मेहनत और कार्य को वह बचपन से देखती आ रही हैं। उसने बताया कि मेरे पिता सत्यपाल सिंह यूपी पुलिस में एसआई हैं। वह वर्तमान में लखनऊ में डीसीपी महिला अपराध कार्यालय में तैनात हैं। इस कार्यक्रम से काफी जानकारी मिली है। वह आगे चलकर पुलिस अधिकारी बनकर देश सेवा करना चाहती हैं।