Moradabad: 15 साल से फरार हत्यारोरी गिरफ्तार, दिल्ली में की दूसरी शादी...मौसेरे भाई को बर्थ-डे में बुलाकर फंसा
हत्यारोपी राजीव सिंह 2008 में पेशी पर जाने के दौरान पुलिस अभिरक्षा से मसूरी एक्सप्रेस से फरार हो गया था। पुलिस उसे देहरादून से दिल्ली लेकर जा रही थी। इसके बाद जीआरपी ने केस दर्ज कर लिया था। 15 साल से उसकी तलाश चल रही थी।
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मुरादाबाद कोतवाली थानाक्षेत्र के टाउनहॉल में ओल्ड चर्च के पास रहने वाला हत्यारोपी राजीव सिंह 2008 से फरार था। उस पर पुलिस ने 40 हजार का इनाम रखा था। कई प्रदेशों में छिपने के बाद अब वह कई साल से दिल्ली में नाम बदलकर नौकरी कर रहा था। वहां उसने अपने मौसेरे भाई को बेटी की बर्थ डे पार्टी में बुला लिया।
बस यही कदम उसे भारी पड़ा और जीआरपी ने दिल्ली के छतरपुर पहुंचकर उसे धर दबोजा। यह कहानी मार्च 2008 से शुरू होती है। दहेज उत्पीड़न और हत्या के मुकदमों में अपराधी राजीव सिंह देहरादून जेल में बंद था। उसके खिलाफ दिल्ली के रोहिणी कोर्ट में भी मुकदमा चल रहा था। पेशी के लिए मार्च 2008 में पुलिस अभिरक्षा में वह मसूरी एक्सप्रेस से देहरादून से दिल्ली जा रहा था।
सुबह करीब चार बजे ट्रेन चांदपुर स्टेशन के नजदीक थी। पेशाब के बहाने से अपराधी राजीव पुलिस को चकमा देकर ट्रेन से कूद गया और फरार हो गया। इसके बाद मुजफ्फरनगर में अपने दोस्त के यहां छह महीने रहा। इसके बाद कुछ महीने कानपुर में बिताए फिर रामनगर उत्तराखंड में जूते की फैक्टरी में काम करने लगा।
यहां से 2010 में दिल्ली चला गया। वहां उसने अपना नाम बदलकर विवेक दास पुत्र शंकर दास निवासी मकान नंबर 202, निकट सेंट जॉन पब्लिक स्कूल मैदान गढ़ी थाना महरौली दिल्ली कर लिया। इसी नाम से अपने दस्तावेज बनवाए और 2016 में जीफोरएस कंपनी में गार्ड की नौकरी करने लगा।
उसने दिल्ली में ही कोलकाता निवासी महिला मानसी दास से दूसरी शादी कर ली। जिससे उसे छह साल की बेटी भी है। चूंकि अपराधी राजीव मुरादाबाद जीआरपी क्षेत्र में ट्रेन से कूदकर फरार हुआ था, इसलिए मुकदमा जीआरपी थाने में दर्ज है। पुलिस वर्षों से उसकी तलाश में जुटी थी।
टाउनहॉल निवासी राजीव की बहन से पुलिस ने कई बार सख्ती से पूछताछ की, लेकिन सिर्फ यही क्लू मिला कि वह अपने मौसेरे भाई से बात करता है। पुलिस ने राजीव के मौसेरे भाई का नंबर सर्विलांस पर लगा दिया। दिल्ली के नंबरों पर लगातार बात होने व कई बार लोकेशन दिवाली दिखाने के कारण पुलिस का शक बढ़ गया।
जीआरपी ने उसे हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की और उसने सारा मामला उगल दिया। जीआरपी ने अपराधी के मौसेरे भाई के बताए पते पर जाकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
इसी सप्ताह भाई को बेटी के बर्थ डे पर बुलाया था
अपराधी राजीव के मौसेरे भाई ने जीआरपी को बताया कि वह इसी सप्ताह दिल्ली से लौटा है। राजीव ने उसे अपनी छह साल की बेटी की बर्थ डे पार्टी में बुलाया था। जीआरपी बुधवार देर रात उसे साथ लेकर अपराधी के पते पर पहुंच गई और छतरपुर इलाके से राजीव को गिरफ्तार कर लिया। जीआरपी अपराधी को लेकर मुरादाबाद पहुंची और मामले का खुलासा किया। एसपी जीआरपी आशुतोष शुक्ला ने प्रेसवार्ता मकर इस मामले की जानकारी दी।
हत्या व दहेज उत्पीड़न का अपराधी राजीव 2008 में ट्रेन से कूदकर भाग गया था। दिल्ली में 13 साल से पहचान बदलकर रह रहा था। अपने मौसेरे भाई के संपर्क में था। हमारी सर्विलांस टीम ने उसके मौसेरे भाई की निगरानी की। पूछताछ में उसने अपराधी का पता बता दिया। उसे साथ लेकर टीम दिल्ली पहुंची और अपराधी को गिरफ्तार कर लिया। - आशुतोष शुक्ला, एसपी जीआरपी