फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   In Moradabad, 49,000 people under the age of 45 are heart patients.

Moradabad News: मुरादाबाद में 45 से कम उम्र वाले 49 हजार लोग दिल के मरीज

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 19 Sep 2026 02:00 AM IST
विज्ञापन
In Moradabad, 49,000 people under the age of 45 are heart patients.
मुरादाबाद। दौड़ते हुए 27 साल का शिवम यादव अचानक मैदान में गिरा और फिर नहीं उठ सका। शिवम की मौत अकेली घटना नहीं है, बल्कि कम उम्र में दिल से जुड़ी समस्याओं के बढ़ते मामले लगातार सामने आ रहे हैं। जिले में 45 साल से कम उम्र के करीब 49 हजार लोग हृदय संबंधी बीमारी से पीड़ित हैं। ये मरीज जिला अस्पताल से लेकर निजी चिकित्सकों की ओपीडी तक पहुंचे हैं। खराब दिनचर्या और गलत खान-पान के कारण ऐसा हो रहा है।
विज्ञापन


डॉक्टरों का कहना है कि इनमें किसी का वजन तेजी से बढ़ा है तो किसी का बीपी और कॉलेस्ट्रॉल कम उम्र में ही बिगड़ गया। 25 साल की उम्र में 100 किलो से अधिक वजन वाले युवा ईसीजी में गड़बड़ी के साथ चिकित्सकों तक पहुंच रहे हैं। 40 साल की उम्र के आसपास कुछ मरीजों को हृदय की नसों में रुकावट के बाद स्टेंट तक लगाना पड़ रहा है। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. आशीष सिंह के पास भी ऐसे युवा पहुंच रहे हैं जिन्हें दौड़ने या खेलते समय अचानक चक्कर आता है और वे बेहोश होकर गिर जाते हैं। कुछ में धड़कन तेज होने और सांस फूलने की शिकायत रहती है। ईसीजी असामान्य मिलने के बाद आगे की जांच कराई जाती है। कई मरीजों में बीपी और कॉलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ मिलता है। डॉक्टर का कहना है कि ऐसी परेशानी को सामान्य कमजोरी मानकर छोड़ना ठीक नहीं है।
विज्ञापन



12 साल में ही दिल का वाल्व कमजोर

हृदय रोग का सबसे कम उम्र का मरीज करीब 12 साल का बच्चा है। क्रिकेट खेलते समय अचानक बेहोश होने के बाद उसकी जांच कराई गई थी। दिल का एक वाल्व कमजोर मिला। इसके बाद उसे ज्यादा दौड़ने-भागने से बचने की सलाह दी गई। बच्चों में भी बढ़ते वजन और खराब कॉलेस्ट्रॉल के मामले चिकित्सकों के सामने आ रहे हैं। हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुराग मेहरोत्रा के मुताबिक 45 से कम उम्र में हृदय की नसों में रुकावट वाले मरीज भी सामने आ रहे हैं। कुछ को एंजियोग्राफी के बाद स्टेंट डालने की जरूरत पड़ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


रोज देर तक जागे तो जल्दी सो जाएगा दिल
हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. विवेक गोयल बताते हैं कि युवाओं में रोजाना देर रात तक जागना भी शुगर, बीपी और हृदय रोग की वजह बन सकता है। मोबाइल-कंप्यूटर पर लंबे समय तक बैठे रहना, पैदल चलने या खेलकूद के लिए समय नहीं निकालना और नियमित व्यायाम न करना वजन, बीपी, शुगर और कॉलेस्ट्रॉल को प्रभावित कर सकता है। अध्ययनों में शारीरिक निष्क्रियता को हृदय रोग के महत्वपूर्ण जोखिम कारकों में शामिल किया गया है। कारणों में हाई बीपी, खराब कॉलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड बढ़ना, एचडीएल यानी अच्छे कॉलेस्ट्रॉल का कम होना, बढ़ी शुगर, तंबाकू और शराब का सेवन इनमें प्रमुख हैं। इसके अलावा ज्यादा नमक, चीनी और वसा वाला भोजन, फल-सब्जियों का कम सेवन, तंबाकू और शराब भी हृदय रोग के जोखिम से जुड़े हैं।

---------------------------
इस तरह हुईं घटनाएं
अप्रैल 2025: कटघर के पचपेड़ा में करीब 20 वर्षीय हंजला की चलती बाइक पर अचानक तबीयत बिगड़ गई। वह सड़क पर गिर पड़े। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने मौत की वजह हार्ट अटैक बताई।
जून 2025: ठाकुरद्वारा क्षेत्र के पृथ्वीपुर गांवड़ी में 16 वर्षीय किशोरी घर में काम करते समय अचानक बेहोश होकर गिर गई। स्थानीय डॉक्टर ने उसकी मौत हार्ट अटैक से होने की बात कही।
दिसंबर 2025: बिलारी क्षेत्र के नगलिया जट निवासी 25 वर्षीय उवैश अली को रात में अचानक सीने में तेज दर्द हुआ। बेहोश होने के बाद परिजन अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने हार्ट अटैक से मौत की बात कही।
फरवरी 2025: 42 वर्षीय आबकारी विभाग के हेड कांस्टेबल संदीप सिंह की भी मुरादाबाद रेलवे स्टेशन के पास हार्ट अटैक से मौत हुई थी। पोस्टमार्टम में इसकी पुष्टि हुई थी।
सितंबर 2024: 45 वर्षीय निर्यातक करन दुग्गल की मुरादाबाद क्लब में टेनिस खेलते समय अचानक तबीयत बिगड़ गई। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में मौत हो गई। मौत की वजह हार्ट अटैक बताई गई।

----------------------------
डॉक्टरों के कोट्स
45 वर्ष से कम उम्र वाले काफी मरीज ओपीडी में आते हैं। बीमारी वजन, कॉलेस्ट्रॉल और फिर बीपी बढ़ने से शुरू होती है। जो लोग अपनी दिनचर्या को व्यवस्थित कर लेते हैं, वह ठीक हो जाते हैं। हर दिन कम से कम से 30 मिनट जरूर टहलें। खानें में चीनी, नमक, मैदा और वसा सीमित कर दें।
- डॉ. अनुराग मेहरोत्रा, कार्डियोलॉजिस्ट

परिवार में हृदय रोग का इतिहास है कि हर छह माह पर जांच जरूर कराएं। कॉलेस्ट्रॉल, शुगर और बीपी लगातार चेक करते रहें। यह तीनों ऐसे फैक्टर हैं जिनके बढ़ने का जल्द पता नहीं चलता। रोजाना व्यायाम और घर का बना खाना यही फिट रहने के मूल मंत्र हैं।
- डॉ. विवेक गोयल, कार्डियोलॉजिस्ट
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed