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मुशायरों का बादशाह चला गया : इमरान
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imran pratapgarhi remembering rahat indori
- फोटो : CITY
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मुरादाबाद। राहत इंदौरी के निधन पर मुरादाबाद के साहित्यप्रेमियों ने उन्हें याद किया। जहां एक ओर शायरों ने उनके साथ बिताए पलों को याद किया। वहीं, प्रशंसकों ने भी उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दी।
मुरादाबाद से कांग्रेस प्रत्याशी रहे शायर इमरान प्रतापगढ़ी ने राहत इंदौरी के निधन को उर्दू जगत के लिए बड़ी क्षति बताया है। उन्होंने कहा कि सैकड़ों शामें राहत इंदौरी के साथ अलग-अलग शहरों की महफ़िलों में आबाद रहीं। इमरान ने बताया कि अपनी जिंदगी का पहला मुशायरा पढ़ा तो उस वक्त भी सदारत राहत साहब ने ही की थी। राहत इंदौरी के 35 साल मुशायरों में बादशाहत रही। आज उनका साया सर से उठा तो यक़ीन करना मुश्किल है। इमरान ने बताया कि सउदी अरब के मुशायरे में उनके साथ थे। मुशायरे के बाद साथ में उमरा करने गए। वह जितने बेहतरीन शायर थे उतने ही बेहतरीन इंसान भी थे।
शायरा डॉ. मीना ने बताया कि राहत इंदौरी सबके प्रिय शायर थे। वह जनता के शायर थे। इसलिए उन्हें बहुत ज्यादा पसंद किया जाता था। कई बार उनके साथ मंच साझा किया है। जितने अच्छे शायर थे, उतने ही अच्छे इंसान थे। मानवता को समझने वाले थे। उनकी आवाज में जो ललकार थी, वो किसी अन्य शायर में दिखाई नहीं पड़ती है। साहित्य का बहुत बड़ा नुकसान हुआ है।
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साहित्यकार डॉ. अजय अनुपम ने बताया कि राहत इंदौरी साहब को मुरादाबाद में ही तीन-चार बार सुना है। राहत इंदौरी समकालीन सामाजिक जीवन के शायर थे। इनकी रचनाओं में कड़वी बात भी मीठी ढंग से कह दी जाती थी। कड़वाहट को भी मिठास के साथ कहता है तो उसकी सच्चाई शायरी में बोलती है।
मुरादाबाद ने दी श्रद्धांजलि
मुरादाबाद। शहर के साहित्यिक संगठनों ने राहत इंदौरी को श्रद्धांजलि दी। मुरादाबाद लिटरेरी क्लब की ओर से शायर जिया जमीर, अजय अनुपम, मयंक शर्मा, कृष्ण कुमार नाज़, योगेंद्र वर्मा व्योम, राजीव प्रखर आदि ने श्रद्धांजलि दी। लाल मस्जिद पर नासिर खान के निवास पर शोक सभा हुई। मरहूम को खिराजे अक़ीदत पेश करते हुए वक्ताओं ने कहा के राहत इंदौरी ऐसे शायर थे जिन्होंने पूरी दुनियां में अपनी शायरी से हिन्दुस्तान का नाम रोशन किया। इस दौरान नासिर खान, शकील सरवर हाशमी, तारिक़ खान, नवनीत मिश्रा, तंजीलुरहमांन मो कलीम अंसारी, मो वसी अंसारी शामिल रहे। गजल अकादमी के सचिव कशिश वारसी ने कहा कि राहत इंदौरी देश के चोटी के शायरों में सर्वश्रेष्ठ थे। मुरादाबाद के मुशायरों में जब भी मैंने उन्हें बुलाया वह आ गए। उन्होंने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि गजल का एक बड़ा नाम आज हमारे बीच से चला गया है।
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मुरादाबाद से कांग्रेस प्रत्याशी रहे शायर इमरान प्रतापगढ़ी ने राहत इंदौरी के निधन को उर्दू जगत के लिए बड़ी क्षति बताया है। उन्होंने कहा कि सैकड़ों शामें राहत इंदौरी के साथ अलग-अलग शहरों की महफ़िलों में आबाद रहीं। इमरान ने बताया कि अपनी जिंदगी का पहला मुशायरा पढ़ा तो उस वक्त भी सदारत राहत साहब ने ही की थी। राहत इंदौरी के 35 साल मुशायरों में बादशाहत रही। आज उनका साया सर से उठा तो यक़ीन करना मुश्किल है। इमरान ने बताया कि सउदी अरब के मुशायरे में उनके साथ थे। मुशायरे के बाद साथ में उमरा करने गए। वह जितने बेहतरीन शायर थे उतने ही बेहतरीन इंसान भी थे।
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शायरा डॉ. मीना ने बताया कि राहत इंदौरी सबके प्रिय शायर थे। वह जनता के शायर थे। इसलिए उन्हें बहुत ज्यादा पसंद किया जाता था। कई बार उनके साथ मंच साझा किया है। जितने अच्छे शायर थे, उतने ही अच्छे इंसान थे। मानवता को समझने वाले थे। उनकी आवाज में जो ललकार थी, वो किसी अन्य शायर में दिखाई नहीं पड़ती है। साहित्य का बहुत बड़ा नुकसान हुआ है।
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साहित्यकार डॉ. अजय अनुपम ने बताया कि राहत इंदौरी साहब को मुरादाबाद में ही तीन-चार बार सुना है। राहत इंदौरी समकालीन सामाजिक जीवन के शायर थे। इनकी रचनाओं में कड़वी बात भी मीठी ढंग से कह दी जाती थी। कड़वाहट को भी मिठास के साथ कहता है तो उसकी सच्चाई शायरी में बोलती है।
मुरादाबाद ने दी श्रद्धांजलि
मुरादाबाद। शहर के साहित्यिक संगठनों ने राहत इंदौरी को श्रद्धांजलि दी। मुरादाबाद लिटरेरी क्लब की ओर से शायर जिया जमीर, अजय अनुपम, मयंक शर्मा, कृष्ण कुमार नाज़, योगेंद्र वर्मा व्योम, राजीव प्रखर आदि ने श्रद्धांजलि दी। लाल मस्जिद पर नासिर खान के निवास पर शोक सभा हुई। मरहूम को खिराजे अक़ीदत पेश करते हुए वक्ताओं ने कहा के राहत इंदौरी ऐसे शायर थे जिन्होंने पूरी दुनियां में अपनी शायरी से हिन्दुस्तान का नाम रोशन किया। इस दौरान नासिर खान, शकील सरवर हाशमी, तारिक़ खान, नवनीत मिश्रा, तंजीलुरहमांन मो कलीम अंसारी, मो वसी अंसारी शामिल रहे। गजल अकादमी के सचिव कशिश वारसी ने कहा कि राहत इंदौरी देश के चोटी के शायरों में सर्वश्रेष्ठ थे। मुरादाबाद के मुशायरों में जब भी मैंने उन्हें बुलाया वह आ गए। उन्होंने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि गजल का एक बड़ा नाम आज हमारे बीच से चला गया है।