मुरादाबाद। केंद्र सरकार की ओर से आयुर्वेद डाक्टरों को सर्जरी करने की अनुमति देने के विरोध में शुक्रवार को आईएमए से जुड़े डाक्टरों ने क्रमिक भूख हड़ताल की। कलक्ट्रेट गेट पर सुबह नौ बजे से रात नौ बजे तक 12 घंटे क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे रहे। डाक्टरों ने कहा कि सरकार का फैसला मरीजों के हित में नहीं है।
डाक्टरों ने कहा कि नेशनल एजूकेशन पालिसी व सीसीआईएम ने नवंबर 2020 में नोटिफिकेशन जारी किया है कि अन्य विधाओं के डाक्टर जैसे यूनानी, आयुर्वेद कुछ समय की ट्रेनिंग के बाद 58 तरह की सर्जरी कर सकते हैं, जोकि बिल्कुल गलत है। मिक्सोपैथी पद्धति से इलाज की गुणवत्ता पर फर्क पड़ेगा, क्योंकि एलोपैथी पद्धति अनुसंधानों पर आधारित होने के कारण पूरी तरह अलग है। आईएमए एक ही चिकित्सक को विभिन्न पद्धितिओं द्वारा इलाज का विरोध करती है। आईएमए सरकार से मांग करती है कि डाक्टरों की पीड़ा और आम जनता की सुरक्षा को समझे और इस नोटिफिकेशन को वापस लें। वरना डाक्टर आंदोलन को आगे बढ़ाने पर विवश होंगे। इस हड़ताल को वूमेन डाक्टर विंग ने भी अपना समर्थन दिया। इस दौरान प्रेसीडेंट डा. भगतराम राणा, सेक्रेटरी डा. प्रीति गुप्ता, डा. जेके शर्मा, डा. दीपक रस्तोगी, डा. डीके गुजराती, डा. विनय गुप्ता, डा. संगीता मदान, डा. सुदीप कौर, डा. समीर जैन, डा. अक्षत गोयल, डा. विनीत गर्ग, डा. पूनम सिंह, डा. राजेश सिंह, डा. बबीता गुप्ता, डा. अर्चना अग्रवाल, डा. दीपक शाह, डा. नीरज गुप्ता, डा. स्मिता गोयल आदि मौजूद रही।