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Moradabad News: यूपीआई बंद हुआ तो त्योहार में बढ़ेगी नकदी की चुनौती

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 04 Oct 2026 02:19 AM IST
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If UPI services are disrupted, the challenge of managing cash during the festive season will increase.
मुरादाबाद। एमडीआर (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) के विरोध में व्यापारियों ने 10 अक्तूबर से यूपीआई भुगतान लेना बंद करने की तैयारी शुरू कर दी है। ऐसे में करवाचौथ, नवरात्र और दिवाली के त्योहारों के बीच बाजार में नकदी की जरूरत बढ़ने की चिंता व्यापारियों को सताने लगी है। कारोबारियों का कहना है कि अभी ग्राहक खरीदारी के बाद तत्काल यूपीआई से भुगतान कर देते हैं, लेकिन यूपीआई स्वीकार नहीं होने पर उन्हें बैंक या एटीएम से नकदी निकालनी पड़ेगी। इससे व्यापारियों के साथ ग्राहकों के सामने भी नकदी जुटाने की चुनौती खड़ी हो जाएगी।
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बुध बाजार, बर्तन बाजार, चौमुखापुल, गंज बाजार और मंडी चौक के बर्तन, कपड़ा समेत अन्य थोक कारोबारियों का कहना है कि रोजाना बड़ी रकम का भुगतान यूपीआई से आता है। कारोबारियों का दावा है कि रोज कई प्रतिष्ठानों पर करीब डेढ़ से दो लाख रुपये तक का भुगतान डिजिटल माध्यम से किया है। यूपीआई से भुगतान लेना बंद करने की स्थिति में इतनी राशि नकद में लेने, सुरक्षित रखने और बाद में बैंक में जमा कराने की व्यवस्था करनी होगी। व्यापारियों का कहना है कि त्योहारों में बिक्री बढ़ने के साथ नकदी की जरूरत भी बढ़ जाएगी। ग्राहक खरीदारी के लिए बैंक या एटीएम से पैसा निकालेंगे तो नकदी की मांग बढ़ेगी। वहीं, व्यापारियों को भी रोजाना प्राप्त होने वाली डिजिटल रकम के बदले अधिक नकदी संभालनी होगी।
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एमडीआर का नियम

-व्यापारियों का कहना है कि नए नियम के अनुसार, 15 अक्तूबर से निर्धारित पात्र पर्सन-टू-मर्चेंट (पी2एम) यूपीआई लेनदेन में 2,000 रुपये से अधिक की राशि पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर लागू होगा। 75,000 रुपये या उससे अधिक के एक लेनदेन पर एमडीआर की अधिकतम सीमा 300 रुपये बताई गई है। 2,000 रुपये तक के पात्र व्यापारी यूपीआई भुगतान और पर्सन-टू-पर्सन (पी2पी) भुगतान इसके दायरे में नहीं होंगे।
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व्यापारी बोले...
-एमडीआर लागू होने के बाद व्यापारी यूपीआई से भुगतान लेना बंद करने पर विचार कर रहे हैं। छोटे रिटेलर भी रोजाना बड़ी राशि का यूपीआई भुगतान लेते हैं। यूपीआई बंद होने की स्थिति में नकदी की समस्या बढ़ सकती है।-राजन मुद्गल, अध्यक्ष, युवा बर्तन व्यापार मंडल
-हमारे यहां रोजाना करीब डेढ़ लाख रुपये तक का भुगतान यूपीआई से आता है। इसे बंद करने पर इतनी रकम के लिए नकदी की व्यवस्था करनी होगी। त्योहार के समय यह चुनौती और बढ़ सकती है।-मनोज अग्रवाल, कारोबारी
-त्योहारी सीजन में कारोबार बढ़ने वाला है। ऐसे समय में 10 अक्तूबर से यूपीआई भुगतान बंद करने पर व्यापारियों के साथ ग्राहकों के सामने भी नकदी की चुनौती खड़ी हो सकती है।-पवन अग्रवाल, कारोबारी


-आज ग्राहक खरीदारी के बाद तुरंत यूपीआई से भुगतान कर देता है। नकद व्यवस्था होने पर उसे पहले बैंक या एटीएम से पैसा निकालना पड़ेगा। इससे खरीदारी के लिए नकदी की जरूरत बढ़ेगी।-अजय अग्रवाल, प्रांतीय उपाध्यक्ष एवं महानगर अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल
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