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कल दिखा चांद तो सोमवार को होगा पहला रोजा, बच्चों और युवाओं में उत्साह

Sat, 04 May 2019 06:52 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमरोहा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमरोहा Published by: Vikas Kumar Updated Sat, 04 May 2019 06:52 AM IST
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if moon will be seen tomorrow then first roza on Monday
रमजान (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला

रमजान के आगाज को लेकर मुस्लिम इलाकों में हलचल बढ़ गई है। हर कोई तैयारी में जुटा है। मस्जिदों में रमजान के एहतराम के बारे में बताया जा रहा है। रोजा रखने को लेकर बच्चों और युवाओं में उत्साह है। पांच मई की शाम को चांद दिखा तो रमजान का आगाज छह मई से होगा। वरना सात मई से रहमत और बरकत का महीना शुरू होना तय है।

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पांच मई रविवार को इस्लामी कैलेंडर के शाबान की 29 तारीख है। ऐसे में रविवार की शाम लगभग सात बजे चांद को देखा जाएगा। लाखों लोगों की निगाहें आसमान में चांद को ढूढ़ेंगी। मस्जिद और घर की छतों से बच्चें, युवा और बुजुर्ग चांद को देखने की जद्दोजहद करेंगे। हालांकि अरबी की 29 तारीख होने से चांद कम समय के लिए नजर आएगा। आसमान में चांद नजर आया तो रमजान का आगाज छह मई से हो जाएगा। अन्यथा सात मई से रमजान के रोजे का आगाज तय है। शहर और देहात की मस्जिदों के पेशइमाम ने लोगों से चांद को देखने की अपील की है। उन्होंने चांद के नजर आने पर अवगत कराने को कहा है। 
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मौलाना मोहम्मद यामीन ने बताया कि रमजान का महीना तीन असरा में बंटा है। रहमत, मगफिरत और जहन्नुम से आजादी का महीना है। इस महीने में अल्लाह अपने बंदों पर बहुत मेहरबान रहता है। उसके हर नेक काम में बरकत देता है। उन्होंने बताया कि इसी महीने में अल्लाह ने अपने बंदों के लिए शबे कद्र अता की है। इस रात में इबादत की अहमियत अधिक है। ऐसा माना जाता है कि इसी रात को कुरआन शरीफ नाजिल हुआ हैं। ऐसे में इस महीना के हर लम्हें कीमती है। उन्होंने लोगों से इसका एहतराम करने की अपील की है। 
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नमाज-ए-तरावीह के साथ शुरू हो जाएगा रमजान
रमजान के महीने में तरावीह का एहतराम भी करना जरूरी है। ईशा की नमाज के बाद तरावीह पढ़ी जाती है। यह 20 रकअत की होती है। हाफिज ए कुरआन अमूमन कुरआन के एक पारा को रोजाना पढ़ते हैं। अन्य लोग उसे गौर से सुनते हैं। वहीं कारोबारी लोगों की सहूलियत के लिए पांच से 15 दिन की तरावीह भी कई जगहों पर होगी। इस साल भी शहर और आस पास के इलाकों में कुछ मस्जिदों के अलावा घरों में भी तरावीह पढ़ी जाएगी। इसके लिए हाफिज ए कुरआन मुकर्रर कर दिए गए हैं। पांच मई की शाम को चांद नजर आ गया या इसकी तस्दीक हो गई तो ईशा के बाद से तरावीह का दौर शुरू हो जाएगा।

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