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अमरनाथ एक्सप्रेस के पहिये में हुआ हॉट एक्सेल, हादसा टला
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मुरादाबाद। अमरनाथ (जम्मू) से भागलपुर (बिहार) जा रही ट्रेन संख्या (05098) में बुधवार को हॉट एक्सेल के कारण हादसा हो सकता था। हॉट एक्सेल की घटना के वक्त ट्रेन कांठ रेलवे स्टेशन के पास थी। ट्रेन के कोचों में बैठे यात्रियों को जब काफी बदबू आने लगी, तो उन्होंने टीटीई को समस्या से अवगत कराया। सूचना ट्रेन के गार्ड और लोको पायलट तक पहुंची तो पता चला कि पहिया गर्म होने के कारण उसकी परत जलने लगी थी। अंतत: ट्रेन को मुरादाबाद स्टेशन पर रोककर बी-6 कोच को ट्रेन से अलग किया गया।
घटना बुधवार सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे की है। हॉट एक्सेल की जानकारी होने पर गार्ड ने फौरन कंट्रोल को सूचना दी। कंट्रोल ने मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर कैरिज एंड वैगन की टीम को अलर्ट कर दिया। ट्रेन 11 बजकर 48 मिनट पर मुरादाबाद स्टेशन पर पहुंची। यहां कैरिज एंड वैगन की टीम ने बी-6 कोच को ट्रेन से अलग किया। इसमें सवार 69 यात्रियों को दूसरे कोचों में शिफ्ट किया गया। इसके चलते ट्रेन काफी लेट हो गई। स्टेशन अधीक्षक ने बताया कि समय रहते हॉट एक्सेल की जानकारी मिलने से हादसा टल गया।
यह होता हॉट एक्सेल
ट्रेन का पहिया लोहे के ही एक एक्सेल (धुरी) से जुड़ा होता है। ट्रेन चलने पर पहिया और एक्सेल के घर्षण से पहिया गर्म होने लगता है। ज्यादा गर्म होने से लोहा न पिघले इसके लिए पहिये और एक्सेल पर कठोर लोहे की परत चढ़ी होती है। यह परत जब हट जाती है तो लोहा पिघलने लगता है। यह अक्सर ट्रेन दुर्घटना का कारण बनता है।
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घटना बुधवार सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे की है। हॉट एक्सेल की जानकारी होने पर गार्ड ने फौरन कंट्रोल को सूचना दी। कंट्रोल ने मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर कैरिज एंड वैगन की टीम को अलर्ट कर दिया। ट्रेन 11 बजकर 48 मिनट पर मुरादाबाद स्टेशन पर पहुंची। यहां कैरिज एंड वैगन की टीम ने बी-6 कोच को ट्रेन से अलग किया। इसमें सवार 69 यात्रियों को दूसरे कोचों में शिफ्ट किया गया। इसके चलते ट्रेन काफी लेट हो गई। स्टेशन अधीक्षक ने बताया कि समय रहते हॉट एक्सेल की जानकारी मिलने से हादसा टल गया।
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यह होता हॉट एक्सेल
ट्रेन का पहिया लोहे के ही एक एक्सेल (धुरी) से जुड़ा होता है। ट्रेन चलने पर पहिया और एक्सेल के घर्षण से पहिया गर्म होने लगता है। ज्यादा गर्म होने से लोहा न पिघले इसके लिए पहिये और एक्सेल पर कठोर लोहे की परत चढ़ी होती है। यह परत जब हट जाती है तो लोहा पिघलने लगता है। यह अक्सर ट्रेन दुर्घटना का कारण बनता है।
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