मुरादाबाद। होमगार्डोें को एमडीए के नया मुरादाबाद के सेक्टर एक से नौ तक हुई लाखों की चोरी में क्लीन चिट तो मिल गई लेकिन इस आरोप में काटे गए उनके वेतन की रकम वापस नहीं मिली है।
एमडीए के विस्तार के समय नवंबर 2011 में नया मुरादाबाद के निर्माणाधीन सेक्टर एक से लेकर नौ में 87 हजार रुपये का सामान चोरी होने का आरोप लगा था। एमडीए ने उस समय तैनात होमगार्डों को चोरी के लिए दोषी करार देते हुए उनका वेतन काट कर 87 हजार रुपये वसूल किए थे। होमगार्ड कमांडेंट ने किसी एजेंसी से जांच कराने की मांग की थी लेकिन एमडीए अधिकारियों ने नहीं सुना। 2014 में भी निर्माणाधीन सेक्टर 6 के मकानों से 11,89,222 रुपये मूल्य का सामान चोरी होने का दावा किया। एमडीए ने इस मामले में भी 159 होमगार्डों पर चोरी का आरोप मढ़ा और उनके वेतन से पूरा पैसा काट लिया था। दबाव पड़ने पर घटना के तीन साल बाद एमडीए ने मझोला थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस की जांच में चोरी के साक्ष्य नहीं मिले। इस मामले में मंडलायुक्त ने सीडीओ से जांच कराई। तीन सदस्यीय कमेटी ने की जांच में एमडीए के क्षेत्र में चोरी होना सही नहीं पाया। कमेटी ने आशंका जताई कि तत्कालीन अधिकारियों ने सामान या पैसे का गबन किया था। दोनों मामलों में होमगार्डों का दोष नहीं पाया गया। सीडीओ ने रिपोर्ट में होमगार्डों के वेतन से काटे गए रुपये को वापस करने के सुझाव दिया था।