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Moradabad News: हॉकी की प्रतिभाओं को एस्ट्रो टर्फ की दरकार
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मुरादाबाद। जिले में स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से हॉकी का खेलो इंडिया सेंटर दो साल से चल रहा है। इसके बाद भी सोनकपुर स्टेडियम में हॉकी खिलाड़ी घास व जीआईसी में कंक्रीट के मैदान पर खेलने को मजबूर हैं। यह स्थिति तब है जब जीआईसी के मैदान से दो खिलाड़ी जूनियर हॉकी इंडिया टीम का सफर तय कर चुके हैं।
पांच खिलाड़ी खेल छात्रावासों में अभ्यास कर रहे हैं। स्टेडियम में खेल विभाग व जीआईसी में जिला हॉकी संघ खिलाड़ियों को अभ्यास कराता है। दोनों में से किसी स्थान पर भी एस्ट्रो टर्फ नहीं है। खेल सुविधाओं के विस्तार की योजना के तहत जिला प्रशासन व खेल विभाग मिलकर पिछले डेढ़ साल से जमीन तलाश कर रहे हैं।
इस जमीन पर स्वीमिंग पूल, फुटबाल मैदान, एस्ट्रो टर्फ, शूटिंग रेंज आदि बनाने की योजना है। अब तक जमीन नहींं मिल पाई है। सोनकपुर स्टेडियम में पहले ही कम जगह थी। अब छात्रावास का निर्माण होने के कारण और कम हो गई है। ऐसे में क्रिकेट मैच होने की स्थिति में फुटबाल व हॉकी के खिलाड़ी अभ्यास नहीं कर पाते हैं।
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मुरादाबाद की बदौलत चैंपियन बनी यूपी की टीम
हाल ही में उत्तर प्रदेश की सब जूनियर हॉकी टीम नॉर्थ जोन की चैंपियन बनी है। फाइनल मैच में मुरादाबाद के गोलकीपर अवधेश कुमार के शानदार प्रदर्शन के कारण ही जीत मिली थी। गोलकीपर अवधेश ने फाइनल मुकाबले में हरियाणा की टीम को एक गोल भी नहीं करने दिया, जबकि यूपी की टीम ने पांच गोल दागे। नैनीताल में आयोजित हीरो कप में भी टीम का प्रदर्शन सराहनीय रहा।
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खिलाड़ी बोले
जीआईसी के मैदान में दीवारों पर मैंने ड्रैक फ्लिक का अभ्यास किया है। वहां से जूनियर हॉकी इंडिया टीम तक पहुंचा। आज 2028 ओलंपिक कोर ग्रुप का हिस्सा हूं। मुरादाबाद में प्रतिभाएं हैं, अच्छे कोच भी हैं। खिलाड़ियों को एस्ट्रो टर्फ व अन्य सुविधाएं मिलें तो वे चमकेंगे।
- मोहम्मद फराज खां, हॉकी खिलाड़ी
पारकर स्कूल व सोनकपुर स्टेडियम मैंने दोनों जगह हॉकी खेली है। ऊबड़-खाबड़ मैदान पर खेलने के बाद जब बड़े शहरों में खेलने जाते थे तो टर्फ पर परेशानी होती थी। कोच की मेहनत व मेरी लगन रही कि मैं जूनियर हॉकी टीम का हिस्सा बनी। मुरादाबाद में खिलाड़ी आज भी संसाधनों के अभाव में हैं।
- सिमरन सिंह, हॉकी खिलाड़ी
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हम लगातार जमीन की तलाश में जुटे हैं। दो जगह जमीन देखी थी, लेकिन बात नहीं बनी। जल्द से जल्द जमीन ढूंढकर खेल सुविधाओं को विकसित करने का प्रयास जारी है।
- प्रेम कुमार, क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी
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पांच खिलाड़ी खेल छात्रावासों में अभ्यास कर रहे हैं। स्टेडियम में खेल विभाग व जीआईसी में जिला हॉकी संघ खिलाड़ियों को अभ्यास कराता है। दोनों में से किसी स्थान पर भी एस्ट्रो टर्फ नहीं है। खेल सुविधाओं के विस्तार की योजना के तहत जिला प्रशासन व खेल विभाग मिलकर पिछले डेढ़ साल से जमीन तलाश कर रहे हैं।
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इस जमीन पर स्वीमिंग पूल, फुटबाल मैदान, एस्ट्रो टर्फ, शूटिंग रेंज आदि बनाने की योजना है। अब तक जमीन नहींं मिल पाई है। सोनकपुर स्टेडियम में पहले ही कम जगह थी। अब छात्रावास का निर्माण होने के कारण और कम हो गई है। ऐसे में क्रिकेट मैच होने की स्थिति में फुटबाल व हॉकी के खिलाड़ी अभ्यास नहीं कर पाते हैं।
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मुरादाबाद की बदौलत चैंपियन बनी यूपी की टीम
हाल ही में उत्तर प्रदेश की सब जूनियर हॉकी टीम नॉर्थ जोन की चैंपियन बनी है। फाइनल मैच में मुरादाबाद के गोलकीपर अवधेश कुमार के शानदार प्रदर्शन के कारण ही जीत मिली थी। गोलकीपर अवधेश ने फाइनल मुकाबले में हरियाणा की टीम को एक गोल भी नहीं करने दिया, जबकि यूपी की टीम ने पांच गोल दागे। नैनीताल में आयोजित हीरो कप में भी टीम का प्रदर्शन सराहनीय रहा।
खिलाड़ी बोले
जीआईसी के मैदान में दीवारों पर मैंने ड्रैक फ्लिक का अभ्यास किया है। वहां से जूनियर हॉकी इंडिया टीम तक पहुंचा। आज 2028 ओलंपिक कोर ग्रुप का हिस्सा हूं। मुरादाबाद में प्रतिभाएं हैं, अच्छे कोच भी हैं। खिलाड़ियों को एस्ट्रो टर्फ व अन्य सुविधाएं मिलें तो वे चमकेंगे।
- मोहम्मद फराज खां, हॉकी खिलाड़ी
पारकर स्कूल व सोनकपुर स्टेडियम मैंने दोनों जगह हॉकी खेली है। ऊबड़-खाबड़ मैदान पर खेलने के बाद जब बड़े शहरों में खेलने जाते थे तो टर्फ पर परेशानी होती थी। कोच की मेहनत व मेरी लगन रही कि मैं जूनियर हॉकी टीम का हिस्सा बनी। मुरादाबाद में खिलाड़ी आज भी संसाधनों के अभाव में हैं।
- सिमरन सिंह, हॉकी खिलाड़ी
हम लगातार जमीन की तलाश में जुटे हैं। दो जगह जमीन देखी थी, लेकिन बात नहीं बनी। जल्द से जल्द जमीन ढूंढकर खेल सुविधाओं को विकसित करने का प्रयास जारी है।
- प्रेम कुमार, क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी