फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   hindu-muslim-sikh-christ, alls term coming one by one

हिंदू-मुस्लिम-सिख-ईसाई, एक-एक करके सबकी बारी आई

Thu, 29 Sep 2016 01:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद (नगेश शर्मा)
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद (नगेश शर्मा) Updated Thu, 29 Sep 2016 01:35 AM IST
विज्ञापन
hindu-muslim-sikh-christ, alls term coming one by one
जैसे ही सभा संपन्न हुई, लोग खाट ले जाने लगे। - फोटो : अमर उजाला
लाइट-कैमरा-एक्शन...इन शब्दों को बोलने वाला डायरेक्टर भले ही रामपुर के केमरी कसबे में प्रत्यक्ष न दिखा हो लेकिन सब कुछ किसी फिल्म की लिखी-लिखाई स्क्रिप्ट के मुताबिक ही हुआ। टीम पीके का असर साफ दिखा। सभा भी शूटिंग के सेट से कम नहीं थी।
विज्ञापन


मीडियाकर्मी राहुल गांधी के हर ‘एक्शन’ को अपने कैमरों में कैद करते रहे। पब्लिक में चुने हुए लोगों के सवाल और मंच से राहुल गांधी के जवाब भी तय लग रहे थे। चूंकि मंच सियासी था इसलिए ‘सर्व धर्म-समभाव’ का भी ध्यान रखा गया। इसलिए तय सवाल पूछने वालों में हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सब शामिल रहे। 
विज्ञापन


यूपी के विधान सभा चुनाव को फतह करने के लिए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रशांत किशोर (पीके) जैसे पेशेवर चुनाव मैनेजर को लगाया। पीके ने ‘किसान यात्रा’ की स्क्रिप्ट लिखी, जिस पर राहुल गांधी ने काम शुरू किया और बीस दिन पहले देवरिया से किसान यात्रा की शुरुआत कर दी।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसी यात्रा के तहत रोड शो और खाट सभा के आयोजन तय हुए। बुधवार को रामपुर के कसबा केमरी की धान मिल में जब खाट सभा का सेट लगा तो सब कुछ फिल्मी ही नजर आया। मंच पर देहाती अंदाज में बिछी खाट और मूंढे़ थे। परिसर में भी चारों ओर खाटें बिछी थीं, जिन पर ग्रामीण बैठे थे। 

राहुल गांधी जब मंच पर पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों को भैया कहकर संबोधन किया तो तालियां बजने लगीं। सवाल करने के लिए कुछ लोगों को चयन किया गया, जिनमें पूर्व प्रधान जाकिर अली, सरदार बलदेव सिंह, पूरन लाल, रामेश्वर दयाल अवस्थी, नृपजीत, भोले, मधुव्रत राय बंगाली शामिल रहे।

सभी अलग-अलग धर्म और समाज के थे। निश्चित ही स्क्रिप्ट में पहले से ही तय रहा होगा के सभी समाज से सवाल आने चाहिए। हालांकि सभी सवाल बेरोजगारी, किसानों की दुर्दशा, कारोबार, आर्थिक नीतियां आदि जनता से जुडे़ महत्वपूर्ण पहलुओं पर आधारित थे।


राहुल गांधी के जवाब केंद्र की मोदी सरकार की खिंचाई, पूर्व में केंद्र में रह चुकी कांग्रेस की सरकारों की सफलता और यूपी की बदहाली पर ही केंद्रित रहे। इस तरह राहुल गांधी के राजनीतिक मंच की फिल्मी स्क्रिप्ट में पीके जैसे सुलझे हुए ‘डायरेक्टर’ का योगदान दिखाई दे रहा था। 

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed