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Moradabad News: झमाझम बारिश से सड़कें बनीं तालाब
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अमरोहा। शुक्रवार दोपहर तेज हवा और बिजली की कड़कड़ाहट के साथ हुई झमाझम बारिश से शहर की प्रमुख सड़कें जलमग्न हो गईं। आजाद रोड, बिजनौर रोड, बाजार बटवाल, बाजार कोट और स्टेशन रोड समेत कई इलाकों में दो से तीन फीट तक पानी भर गया। इससे शहर की रफ्तार थम गई और लोगों को आवागमन में परेशानी हुई।
आजाद रोड पर जेएस हिंदू पीजी कॉलेज के सामने कई फीट पानी भरने से बाइक और ई-रिक्शा बंद हो गए। लोग वाहनों को पैदल खींचकर जलभराव से बाहर निकालते नजर आए। कोट रोड स्थित सीएचसी परिसर में भी दो फीट से अधिक पानी भर गया। उपचार के लिए पहुंचे लोगों को जलभराव के बीच से होकर निकलना पड़ा। नगर पालिका परिसर और डाकखाने के सामने भी कई फीट पानी जमा रहा। कोट रोड से टीपी नगर पुलिस चौकी तक करीब तीन फीट पानी होने से यातायात प्रभावित रहा।
बारिश के दौरान कई बच्चे स्कूलों में रुक गए और अभिभावकों को उन्हें लेने पहुंचने में परेशानी हुई। शहरवासियों का कहना है कि तेज बारिश के बाद हर बार जलभराव होता है, लेकिन जलनिकासी का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है।
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खुले नाले बने हादसों का खतरा
नाला सफाई के बाद पालिका कर्मियों ने कई जगह नालों को खुला ही छोड़ दिया। बारिश के दौरान सड़कों का पानी नालों में भर गया, जिससे सड़क और नाले का अंतर ही नजर नहीं आया। ऐसे में राहगीरों के नाले में गिरने का खतरा बना रहा। कई लोग हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गए। छेबड़ा रोड पर बारिश के पानी के तेज बहाव में कुछ लोगों के पशु नालों में बह गए। हालांकि, समय रहते उन्हें बाहर निकाल लिया गया। खुले नाले लंबे समय से हादसों को दावत दे रहे हैं।
पानी में डूबे साइलेंसर, रास्ते में थम गए वाहन
झमाझम बारिश के बाद शहर की सड़कें पूरी तरह जलमग्न हो गईं। कई स्थानों पर पानी इतना भर गया कि बाइक और कार के साइलेंसर तक डूब गए। गहरे पानी में जाने के कारण बड़ी संख्या में बाइक, ई-रिक्शा और कारें बीच रास्ते में ही बंद हो गईं। वाहन चालकों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। कई जगह लोग अपने बंद पड़े ई-रिक्शा और बाइक को पानी के बीच धक्का लगाकर निकालते नजर आए। जलभराव के कारण कुछ मार्गों पर यातायात भी प्रभावित रहा और राहगीरों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा।
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आजाद रोड पर जेएस हिंदू पीजी कॉलेज के सामने कई फीट पानी भरने से बाइक और ई-रिक्शा बंद हो गए। लोग वाहनों को पैदल खींचकर जलभराव से बाहर निकालते नजर आए। कोट रोड स्थित सीएचसी परिसर में भी दो फीट से अधिक पानी भर गया। उपचार के लिए पहुंचे लोगों को जलभराव के बीच से होकर निकलना पड़ा। नगर पालिका परिसर और डाकखाने के सामने भी कई फीट पानी जमा रहा। कोट रोड से टीपी नगर पुलिस चौकी तक करीब तीन फीट पानी होने से यातायात प्रभावित रहा।
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बारिश के दौरान कई बच्चे स्कूलों में रुक गए और अभिभावकों को उन्हें लेने पहुंचने में परेशानी हुई। शहरवासियों का कहना है कि तेज बारिश के बाद हर बार जलभराव होता है, लेकिन जलनिकासी का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है।
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खुले नाले बने हादसों का खतरा
नाला सफाई के बाद पालिका कर्मियों ने कई जगह नालों को खुला ही छोड़ दिया। बारिश के दौरान सड़कों का पानी नालों में भर गया, जिससे सड़क और नाले का अंतर ही नजर नहीं आया। ऐसे में राहगीरों के नाले में गिरने का खतरा बना रहा। कई लोग हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गए। छेबड़ा रोड पर बारिश के पानी के तेज बहाव में कुछ लोगों के पशु नालों में बह गए। हालांकि, समय रहते उन्हें बाहर निकाल लिया गया। खुले नाले लंबे समय से हादसों को दावत दे रहे हैं।
पानी में डूबे साइलेंसर, रास्ते में थम गए वाहन
झमाझम बारिश के बाद शहर की सड़कें पूरी तरह जलमग्न हो गईं। कई स्थानों पर पानी इतना भर गया कि बाइक और कार के साइलेंसर तक डूब गए। गहरे पानी में जाने के कारण बड़ी संख्या में बाइक, ई-रिक्शा और कारें बीच रास्ते में ही बंद हो गईं। वाहन चालकों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। कई जगह लोग अपने बंद पड़े ई-रिक्शा और बाइक को पानी के बीच धक्का लगाकर निकालते नजर आए। जलभराव के कारण कुछ मार्गों पर यातायात भी प्रभावित रहा और राहगीरों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा।