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रोते हुए बोली पत्नी अनामिका: मुझे पुलिस में भर्ती करना चाहते थे हर्ष, अब मेरे मरने पर कौन देगा कंधा

Tue, 29 Jan 2019 04:52 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमरोहा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमरोहा Published by: Vikas Kumar Updated Tue, 29 Jan 2019 04:52 AM IST
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Harsh wanted to recruit me in police says anamika
हर्ष चौधरी को अंतिम विदाई देते हुए उनकी मां और पत्नी अनामिका - फोटो : अमर उजाला

पति के शहीद होने के बाद अनामिका बदहवास हो गई। अब अनामिका पुलिस में नौकरी कर पति हर्ष के सपने को साकार करेगी। हर्ष भी अनामिका को पुलिस में भर्ती कराना चाहता था। रविवार को बछरायूं थाना क्षेत्र के गांव इंदरपुर में हिस्ट्रीशीटर की गोली लगने से शहीद हुए सिपाही हर्ष चौधरी की शादी 17 अप्रैल 2017 को लखनऊ के गोमती नगर निवासी अनामिका से हुई थी। अनामिका ने स्नातक तक की पढ़ाई की है। 

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हर्ष चौधरी अनामिका को भी पुलिस में भर्ती करना चाहता था। हाल ही में हुई पुलिस भर्ती प्रक्रिया में भी उसने फार्म भरने की जिद की थी। लेकिन किसी कारण वह फार्म नहीं भरा जा सका था। इसी बीच रविवार की शाम बछरायूं के गांव इंरपुर में हिस्ट्रीशीटर शिवअवतार की गोली से हर्ष शहीद हो गए। पति की मौत पर पत्नी अनामिका का फफक-फफक कर रो रही थी। बार-बार वह इन्हीं अल्फाजों को दोहरा रही थी कि ऐसा क्यों कर दिया...महिला पुलिस कर्मियों ने हर्ष के शहीद होने की संवेदनाएं देकर अनामिका को ढांढ़स बंधाया।
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भावभीनी विदाई के दौरान घर जाते समय एडीजी प्रेम प्रकाश, आईजी रमित शर्मा, एसपी डॉ विपिन ताडा और डीएम हेमंत कुमार हर्ष के माता-पिता और पत्नी अनामिका से मिले और सभी ने उनको सांत्वना दी। एडीजी ने अनामिका से उनकी शिक्षा के बारे में पूछा। इस पर अनामिका ने ग्रेजुएशन होने की बात कही और यह भी बताया ही हर्ष उसे पुलिस में भर्ती कराना चाहते थे। लिहाजा वह पुलिस विभाग में नौकरी करेंगी।
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‘अब मेरे मरने पर कौन देगा कंधा’
इकलौते सिपाही बेटे हर्ष चौधरी को याद कर मां मंजू देवी फूट-फूटकर रोईं। पिता प्रेम सिंह पूरी तरह से बेबस और लाचार दिखे। उनके भी आंखों से आंसू नहीं रुक रहे थे। सरकार से मिली आर्थिक सहायता स्वीकृति पत्र को देखकर मां बोली क्या इन कागजों से मेरा बेटा वापस आ जाएगा। मेरे मरने पर कौन कंधा देगा? यह सुनकर सभी की आखें नम हो गई। एडीजी ने भावुक लफ्जों से संवेदनाएं व्यक्त की।


मूलरूप से हाथरस के कस्बा मुरसान निवासी प्रेम सिंह आगरा कलक्ट्रेट में बाबू थे। वर्ष 1998 में वह रिटायर्ड हो गए। अब वह पत्नी अंजू देवी और बेटी नेहा के साथ मुरसान में ही रहते हैं। परिवार में हर्ष चौधरी घर का इकलौता चिराग था। वर्ष 2016 बैच में यूपी पुलिस कांस्टेबल के रूप में भर्ती हो गया। करीब डेढ़ वर्ष पहले हर्ष की अनामिका से शादी हो गई थी। हर्ष की अमरोहा जनपद में दूसरी पोस्टिंग थी। रविवार को बछरायूं थाना क्षेत्र के इंदरपुर गांव में हिस्ट्रीशीटरों के सत्यापन के लिए गई पुलिस टीम में हर्ष भी शामिल था। जहां हिस्ट्रीशीटर की गोली लगने से हर्ष शहीद हो गए।

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