{"_id":"609066198ebc3eb9222cc02d","slug":"haji-usman-loses-from-his-brother-in-law-in-panchayat-elections","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंचायत चुनाव परिणाम: अपने सगे साले से ही प्रधानी में मात खा गए प्रधान संघ के संरक्षक उस्मान, तीस साल से थे काबिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंचायत चुनाव परिणाम: अपने सगे साले से ही प्रधानी में मात खा गए प्रधान संघ के संरक्षक उस्मान, तीस साल से थे काबिज
Tue, 04 May 2021 02:37 AM IST
Vikas Kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलारी (मुरादाबाद)
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलारी (मुरादाबाद)
Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 04 May 2021 02:37 AM IST
सार
तीस साल से प्रधानी पर कब्जा जमाए और प्रधान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे और अब संरक्षक हाजी उस्मान को अपने ही सगे साले से हार का मुंह देखना पड़ा। अपनों के विरोध से शुरू हुई बगावत की राजनीति ने उनके किले को ढहा दिया।
विज्ञापन
यूपी पंचायत चुनाव रिजल्ट 2021
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
तीस साल से प्रधानी पर कब्जा जमाए और प्रधान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे और अब संरक्षक हाजी उस्मान को अपने ही सगे साले से हार का मुंह देखना पड़ा। अपनों के विरोध से शुरू हुई बगावत की राजनीति ने उनके किले को ढहा दिया। बिलारी विधायक मोहम्मद फहीम के सगे चाचा हाजी उस्मान अपनी हार की मुख्य वजह विरोधियों की लामबंदी को मान रहे हैं। जबकि प्रधानी जीतने वाले उनके साले साजिद हुसैन इसे बदलाव की राजनीति मान रहे हैं। उनका कहना है कि जनता ने विकास के नाम पर वोट दिया है।
विज्ञापन
1992 में मोहम्मद उस्मान अपने गांव के तत्कालीन निर्वाचित प्रधान इकबाल हुसैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाकर पहली बार इब्राहीमपुर के प्रधान बने थे। उसके बाद वर्ष 1995, 2000, 2005, 2010 और 2015 में वह स्वयं दो बार और उनकी पत्नी अफरोज खानम तीन बार इब्राहीमपुर की प्रधान रहीं। मोहम्मद उस्मान बीते कार्यकाल में जिला पंचायत मुरादाबाद के सदस्य भी रहे। पहले वह कई वर्षों तक अखिल भारतीय प्रधान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उसके बाद राष्ट्रीय संरक्षक रहे। सपा के मौजूदा जिला उपाध्यक्ष भी हैं।
विज्ञापन
इस बार उनके सगे साले साजिद हुसैन ने उनके खिलाफ ताल ठोंक दी। साजिद ने मजबूत जनसमर्थन के सहारे हाजी उस्मान को 539 वोटों के बड़े अंतर से पछाड़ दिया। साजिद को कुल 1077 मत मिले हैं। चुनाव आयोग के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक गांव में 75.55 फीसदी वोट पड़े थे। जिसमें से साजिद को 66.38 फीसदी वोट मिले। उस्मान को अपने ग्राम वाले जिला पंचायत वार्ड संख्या-27 से प्रत्याशी जहाना बेगम का समर्थन मिला था। लेकिन उन्हें भी भाजपा समर्थित गीता देवी के सामने बड़े अंतर से हार का मुंह देखना पड़ा।
विज्ञापन
जिला पंचायत सदस्य पद के चुनाव में मेरी पत्नी और बेटी का नामांकन पत्र सत्ता के दबाव में निरस्त होने के निर्णयों से विरोधियों का हौसला बढ़ा रहा। मेरे पुराने सियासी विरोधियों ने इस परिस्थिति का फायदा उठाते हुए मेरे सगे रिश्तेदार को मेरे खिलाफ चुनाव लड़ाया और सत्ता पक्ष के लोगों ने खुलकर उसका साथ दिया। मुझे अवाम का यह फैसला मंजूर है। मैं हक का साथ देने और पंचायतीराज की मजबूती के लिए लगातार संघर्ष करता रहूंगा।
- हाजी मोहम्मद उस्मान, पराजित प्रधान प्रत्याशी
मोहम्मद इब्राहीमपुर में परिवर्तन की लहर चली, वोटरों ने अचानक बदलाव का मन बनाया। गांव के युवा वर्ग ने परिवर्तन मोर्चा गठित कर एकजुट होकर मुझे प्रधानी के चुनाव में समर्थन दिया तथा गांव के हर वर्ग ने वोट दिया। मैं गांव में कोई पार्टीबंदी न करके सबको एक साथ लेकर गांव के विकास को गति प्रदान करूंगा।
- साजिद हुसैन, निर्वाचित प्रधान