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Moradabad News: सोनकपुर स्टेडियम में जिम बंद, जूडो व टीटी का अभ्यास ठप
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मुरादाबाद। सोनकपुर स्टेडियम में निर्माण व विकास कार्य तो स्मार्ट सिटी के तहत हुआ है, लेकिन इसकी सुस्ती का जवाब नहीं। डेढ़ साल से अधिक समय में हुए कार्य के बाद जिम अब तक बंद पड़ा है। स्मार्ट सिटी ने इसे खेल कार्यालय को हैंडओवर नहीं किया है। खिलाड़ियों की ओर से लगातार शिकायत के बाद प्रशासन से जिम को खोलने की अनुमति खेल कार्यालय को जरूर मिल गई है।
इसके बाद भी जिम ट्रेनर न होने से जिम बंद है और खिलाड़ी इसका लाभ नहीं ले पा रहे हैं। जबकि एथलेटिक्स के खिलाड़ियों को सप्ताह में तीन में इसकी आवश्यकता होती है। इसके अलावा टेबल टेनिस ल व जूडो का अभ्यास कोच न होने के कारण ठप है। जूडो के फटे मैट भी किसी से छिपे नहीं हैं। जूडो कोच के इस्तीफे के बाद खिलाड़ियों की संख्या भी शून्य पर पहुंच गई है। खेल विभाग की ओर से नए कोच की नियुक्ति अब तक नहीं हुई है। यह स्थिति तब है जबकि अभिषेक चौधरी जैसे तमाम खिलाड़ी जूडो में राष्ट्रीय पदक लेकर सरकारी नौकरी पा चुके हैं। खिलाड़ी निजी अकेडमी में मोटी फीस देकर सीख रहे हैं।
टेबल टेनिस की स्थिति सोनकपुर स्टेडियम में शुरू से खराब रही है। तत्कालीन उप क्रीड़ाधिकारी अश्विनी कुमार के तबादले के बाद टेबल टेनिस का अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों ने भी स्टेडियम में आना बंद कर दिया है। रेलवे स्टेडियम व निजी स्कूलों की अकेडमी में खिलाड़ी अभ्यास करते हैं। वहीं बैंडमिंटन हॉल लगातार शिकायतों के बाद डेढ़ साल बाद खुला है। इसमें अब पहले की अपेक्षा बहुत कम खिलाड़ी आ रहे हैं। इसके अलावा बॉक्सिंग, कबड्डी, खो-खो में भी अभ्यास करने वालों की संख्या कम हुई है।
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छात्रावास का निर्माण भी पड़ा धीमा
स्मार्ट सिटी के तहत सोनकपुर स्टेडियम में छात्रावास का निर्माण हो रहा है। इसमें 50 खिलाड़ी रहकर अभ्यास खेलों का अभ्यास कर सकेंगे। इसका निर्माण भी बेहद धीमी गति से चल रहा है। क्रीड़ाधिकारी प्रेम कुमार के मुताबिक अब तक छात्रावास का 25 प्रतिशत काम हो जाना चाहिए था, लेकिन 15 प्रतिशत ही हुआ है। ठेकेदारों का कहना है कि किश्त की राशि नहीं मिली है। जिस गति से काम चल रहा है, उससे छात्रावास का निर्माण पूरा होने में एक साल से ज्यादा का समय लग जाएगा।
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इसके बाद भी जिम ट्रेनर न होने से जिम बंद है और खिलाड़ी इसका लाभ नहीं ले पा रहे हैं। जबकि एथलेटिक्स के खिलाड़ियों को सप्ताह में तीन में इसकी आवश्यकता होती है। इसके अलावा टेबल टेनिस ल व जूडो का अभ्यास कोच न होने के कारण ठप है। जूडो के फटे मैट भी किसी से छिपे नहीं हैं। जूडो कोच के इस्तीफे के बाद खिलाड़ियों की संख्या भी शून्य पर पहुंच गई है। खेल विभाग की ओर से नए कोच की नियुक्ति अब तक नहीं हुई है। यह स्थिति तब है जबकि अभिषेक चौधरी जैसे तमाम खिलाड़ी जूडो में राष्ट्रीय पदक लेकर सरकारी नौकरी पा चुके हैं। खिलाड़ी निजी अकेडमी में मोटी फीस देकर सीख रहे हैं।
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टेबल टेनिस की स्थिति सोनकपुर स्टेडियम में शुरू से खराब रही है। तत्कालीन उप क्रीड़ाधिकारी अश्विनी कुमार के तबादले के बाद टेबल टेनिस का अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों ने भी स्टेडियम में आना बंद कर दिया है। रेलवे स्टेडियम व निजी स्कूलों की अकेडमी में खिलाड़ी अभ्यास करते हैं। वहीं बैंडमिंटन हॉल लगातार शिकायतों के बाद डेढ़ साल बाद खुला है। इसमें अब पहले की अपेक्षा बहुत कम खिलाड़ी आ रहे हैं। इसके अलावा बॉक्सिंग, कबड्डी, खो-खो में भी अभ्यास करने वालों की संख्या कम हुई है।
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छात्रावास का निर्माण भी पड़ा धीमा
स्मार्ट सिटी के तहत सोनकपुर स्टेडियम में छात्रावास का निर्माण हो रहा है। इसमें 50 खिलाड़ी रहकर अभ्यास खेलों का अभ्यास कर सकेंगे। इसका निर्माण भी बेहद धीमी गति से चल रहा है। क्रीड़ाधिकारी प्रेम कुमार के मुताबिक अब तक छात्रावास का 25 प्रतिशत काम हो जाना चाहिए था, लेकिन 15 प्रतिशत ही हुआ है। ठेकेदारों का कहना है कि किश्त की राशि नहीं मिली है। जिस गति से काम चल रहा है, उससे छात्रावास का निर्माण पूरा होने में एक साल से ज्यादा का समय लग जाएगा।