डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम अतिथि गृह के नाम से जाना जाएगा जौहर यूनिवर्सिटी का गेस्ट हाउस
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रामपुर स्थित सांसद आजम खां की जौहर यूनिवर्सिटी के पास ग्राम सींगनखेड़ा में बने गेस्ट हाउस का नाम अब डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम अतिथि गृह होगा। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लखनऊ से इसका एलान किया। लखनऊ से जिला स्तरीय अधिकारियों को आदेश जारी किए गए, जिसके बाद अधिकारियों ने नाम लिखवाने की कवायद शुरु कर दी है।
भाजपा लघु उद्योग प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय संयोजक आकाश सक्सेना ने पिछले दिनों लखनऊ में उप मुख्यमंत्री और लोक निर्माण विभाग मंत्री केशव प्रसाद मौर्य से उनके आवास पर मुलाकात की थी। उन्होंने जौहर विश्वविद्यालय के पास स्थित लोक निर्माण विभाग के सरकारी गेस्ट हाउस के रखरखाव, मरम्मत व नामकरण का विषय रखा, जिसे उप मुख्यमंत्री ने अविलंब स्वीकार करते हुए जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह से तुरंत बात की।
विभाग के प्रबंध निदेशक राजन मित्तल को निर्देश देकर गेस्ट हाउस दुरुस्त कराने और उसका नाम डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम अतिथि गृह रखने को कहा। प्रबंध निदेशक ने इस संबंध में स्थानीय अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी किए, जिसके बाद अफसरों ने गेस्ट हाउस पर नया नाम लिखवाने की कवायद शुरु कर दी है। अधिशासी अभियंता एसके वर्मा ने बताया कि गेस्ट हाउस की मरम्मत और साफ सफाई करा दी गई है। शुक्रवार सुबह तक नाम भी लिखवा दिया जाएगा।
विवादित रहा है गेस्ट हाउस
रामपुर के सींगनखेड़ा में बना लोक निर्माण विभाग का गेस्ट हाउस पहले से ही काफी विवादित रहा है। दरअसल 2.28 करोड़ रुपये की लागत से बने इस गेस्ट हाउस का निर्माण 2015-16 में कराया गया था। तब समाजवादी पार्टी की सरकार थी। तब गेस्ट हाउस का रास्ता जौहर विश्वविद्यालय के भीतर से जाता था।
भाजपा सरकार बनने पर तत्कालीन जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी ने भाजपा नेता आकाश सक्सेना की शिकायत पर शासन को भेजी अपनी रिपोर्ट में कहा कि उक्त गेस्ट हाउस पीडब्ल्यूडी ने बनवाया था। यह गेस्ट हाउस जौहर विश्वविद्यालय की चारदीवारी के भीतर आता है, जबकि इसका रास्ता भी विश्वविद्यालय के प्रमुख द्वार से होकर जाता है, लेकिन इसके बाद उनका तबादला हो गया। जिसके बाद जिलाधिकारी आन्जनेय कुमार सिंह ने गेस्ट हाउस को विश्वविद्यालय से कब्जा मुक्त कराया और बाहर से ही इसका रास्ता बनवाने के निर्देश दिए।