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किताबें खरीदने को सौ रुपये न मिले तो छात्रा ने दी जान
मुरादाबाद/ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 16 Nov 2017 02:09 AM IST
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जहर खाया
- फोटो : image
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बदायूं में रहने वाली 11वीं कक्षा की छात्रा को किताबें खरीदने के लिए परिजनों ने रुपये न दिए तो उसने जहर खा लिया। उसे पाकबड़ा के टीएमयू अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां पर उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए बदायूं ले गए हैं।
बदायूं के इस्लामनगर थानाक्षेत्र के गांव रामनगर सैदपुर में किसान रामप्रसाद पत्नी रामबेटी, बेटे रतन सिंह, विनय सिंह, अमरपाल, बेटी बबीता के साथ रहते हैं। रामप्रसाद ने बताया कि उनकी इकलौती बेटी बबीता चौधरी (16) नेहरू इंटर कालेज में 11वीं कक्षा में पढ़ती थी। उन्होंने बताया कि बबीता को अर्द्धवार्षिक परीक्षा की तैयारी के लिए किताबें खरीदनी थी, जिसके लिए उसने सोमवार सुबह उनसे सौ रुपये मांगे थे।
रामप्रसाद के पास सौ रुपये नहीं थे, इसलिए उन्होंने रुपये देनेे से इंकार कर दिया। बताया कि सोमवार दोपहर को बबीता स्कूल से घर आई। इसके बाद उसने घर में रखा जहरीला पदार्थ खा लिया। घटना के वक्त रामप्रसाद खेत पर काम कर रहे थे, उनकी पत्नी रामबेटी दवा लेने गई थी। रामबेटी घर पहुंची तो उन्होंने बबीता की तबियत खराब देख मामले की सूचना रामप्रसाद को दी।
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बबीता को उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। हालत में सुधार न आने पर बबीता को उपचार के लिए पाकबड़ा स्थित टीएमयू अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां उपचार के दौरान मंगलवार देर रात उसकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर पाकबड़ा पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जहां से शव को अंतिम संस्कार के लिए बदायूं ले जाया गया।
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बदायूं के इस्लामनगर थानाक्षेत्र के गांव रामनगर सैदपुर में किसान रामप्रसाद पत्नी रामबेटी, बेटे रतन सिंह, विनय सिंह, अमरपाल, बेटी बबीता के साथ रहते हैं। रामप्रसाद ने बताया कि उनकी इकलौती बेटी बबीता चौधरी (16) नेहरू इंटर कालेज में 11वीं कक्षा में पढ़ती थी। उन्होंने बताया कि बबीता को अर्द्धवार्षिक परीक्षा की तैयारी के लिए किताबें खरीदनी थी, जिसके लिए उसने सोमवार सुबह उनसे सौ रुपये मांगे थे।
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रामप्रसाद के पास सौ रुपये नहीं थे, इसलिए उन्होंने रुपये देनेे से इंकार कर दिया। बताया कि सोमवार दोपहर को बबीता स्कूल से घर आई। इसके बाद उसने घर में रखा जहरीला पदार्थ खा लिया। घटना के वक्त रामप्रसाद खेत पर काम कर रहे थे, उनकी पत्नी रामबेटी दवा लेने गई थी। रामबेटी घर पहुंची तो उन्होंने बबीता की तबियत खराब देख मामले की सूचना रामप्रसाद को दी।
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बबीता को उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। हालत में सुधार न आने पर बबीता को उपचार के लिए पाकबड़ा स्थित टीएमयू अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां उपचार के दौरान मंगलवार देर रात उसकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर पाकबड़ा पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जहां से शव को अंतिम संस्कार के लिए बदायूं ले जाया गया।