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Moradabad News: मार्च में रखे जाएंगे गर्डर, जून तक बनेगा कपूर कंपनी पुल
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मुरादाबाद। चार दिसंबर 2022 से दोपहिया वाहनों के लिए बंद पुराना कपूर कंपनी पुल बहुत जल्द ध्वस्त कर दिया जाएगा। जून 2025 तक नया कपूर कंपनी पुल तैयार हो जाएगा। लखनऊ कार्यशाला से गर्डर मुरादाबाद पहुंचने लगे हैं। फरवरी के अंतिम सप्ताह में ब्लॉक लेकर मार्च की शुरुआत में गर्डर रखने का काम पूरा किया जाएगा।
वर्तमान में रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग की टीम ड्रिलिंग का काम कर रही है। पुराने पुल के बराबर में खड़े किए गए खंभों में छेद किए जा रहे हैं। गर्डर रखने के दौरान इनका प्रयोग किया जाएगा। इसके बाद पुल पर सड़क की तरह परत बिछाने का काम होगा। इसमें पूरा अप्रैल बीत जाएगा। इसके बाद मई में रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी पुल का निरीक्षण करेंगे और ब्रिज मुख्यालय की अनुमति मिलने के बाद जून तक पुल को दोपहिया वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा।
अब तक पुल निर्माण की कोई समय सीमा रेलवे की ओर से नहीं बताई गई थी। अब इंजीनियरिंग के अधिकारियों का दावा है कि निर्माण का कार्य अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है। अगले चार माह में यह पूरा हो जाएगा और पहले की तरह लोग आवागमन कर सकेंगे। एक आंकड़े के मुताबिक यह पुल पांच लाख की आबादी को प्रभावित करता है। लाइनपार से शहर की ओर आवागमन करने वाले लोग दो साल से लोकोशेड पुल का सहारा ले रहे हैं। बच्चों को स्कूल छोड़ने के लिए भी अभिभावकों को तीन किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है। सीनियर डीसीएम आदित्य गुप्ता ने बताया कि इंजीनियरिंग विभाग तेजी से कार्य कर रहा है। जून तक पुल के पूरा होने की उम्मीद है।
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वर्तमान में रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग की टीम ड्रिलिंग का काम कर रही है। पुराने पुल के बराबर में खड़े किए गए खंभों में छेद किए जा रहे हैं। गर्डर रखने के दौरान इनका प्रयोग किया जाएगा। इसके बाद पुल पर सड़क की तरह परत बिछाने का काम होगा। इसमें पूरा अप्रैल बीत जाएगा। इसके बाद मई में रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी पुल का निरीक्षण करेंगे और ब्रिज मुख्यालय की अनुमति मिलने के बाद जून तक पुल को दोपहिया वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा।
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अब तक पुल निर्माण की कोई समय सीमा रेलवे की ओर से नहीं बताई गई थी। अब इंजीनियरिंग के अधिकारियों का दावा है कि निर्माण का कार्य अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है। अगले चार माह में यह पूरा हो जाएगा और पहले की तरह लोग आवागमन कर सकेंगे। एक आंकड़े के मुताबिक यह पुल पांच लाख की आबादी को प्रभावित करता है। लाइनपार से शहर की ओर आवागमन करने वाले लोग दो साल से लोकोशेड पुल का सहारा ले रहे हैं। बच्चों को स्कूल छोड़ने के लिए भी अभिभावकों को तीन किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है। सीनियर डीसीएम आदित्य गुप्ता ने बताया कि इंजीनियरिंग विभाग तेजी से कार्य कर रहा है। जून तक पुल के पूरा होने की उम्मीद है।
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