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तिगरी में गंगा का चेतावनी बिंदु पार, बनने लगे मध्यम बाढ़ के आसार
ब्यूरो/अमर उजाला, मुरादाबाद
Updated Sun, 29 Jul 2018 02:54 AM IST
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गजरौला के ब्रजघाट में जलस्तर बढ़ने से उफान पर गंगा।
- फोटो : amar ujala
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तिगरी में गंगा चेतावनी बिंदु से 0.10 गेज मीटर ऊपर बहना शुरू हो गई है। हालांकि अभी प्रशासन ने मुनादी नहीं कराई है। लेकिन माना जा रहा है कि यह मध्यम बाढ़ के आसार हैं। प्रशासन का कहना है कि अभी एक लाख क्यूसेक से कुछ अधिक पानी छोड़ा गया है। डेढ़ लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ने पर बाढ़ की चेतावनी जारी कर मुनादी करा दी जाएगी।
शनिवार को तिगरी में गंगा के जलस्तर में 0.20 गेज मीटर की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। शुक्रवार को यह 199.80 गेज मीटर था जो शनिवार को 200.10 गेज मीटर पहुंच गया। जबकि ब्रजघाट में गंगा 198.40 गेज मीटर पर बह रही है। यहां चेतावनी बिंदु 199.03 गेज मीटर पर है। तिगरी में जलस्तर बढ़ने से खादर के कई गांवों में गंगा का पानी घुस गया है।
खेतों की ओर जाने वाले रास्तों पर पानी भरने से नाव का प्रयोग किया जाने लगा है। खाद के गांवों में महिलाओं ने गंगा की पूजा करके प्रकोप कम करने की प्रार्थनाएं शुरू कर दी है। शनिवार को बिजनौर से 82,700 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। बाढ़ खंड के जेई रणधीर सिंह का कहना है कि डेढ़ लाख क्यूसेक पानी जब छोड़ा जाएगा तो बाढ़ के हालात खादर में बन जाएंगे।
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एसडीएम धनौरा का कहना है कि टीमों को अलर्ट कर दिया गया है। हालांकि अभी मुनादी नहीं कराई गई है। डेढ़ लाख से दो लाख क्यूसेक पानी बिजनौर से छोड़े जाने पर बाढ़ के हालात बनेंगे। पल-पल की स्थिति पर हम निगाह बनाए हुए हैं।
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शनिवार को तिगरी में गंगा के जलस्तर में 0.20 गेज मीटर की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। शुक्रवार को यह 199.80 गेज मीटर था जो शनिवार को 200.10 गेज मीटर पहुंच गया। जबकि ब्रजघाट में गंगा 198.40 गेज मीटर पर बह रही है। यहां चेतावनी बिंदु 199.03 गेज मीटर पर है। तिगरी में जलस्तर बढ़ने से खादर के कई गांवों में गंगा का पानी घुस गया है।
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खेतों की ओर जाने वाले रास्तों पर पानी भरने से नाव का प्रयोग किया जाने लगा है। खाद के गांवों में महिलाओं ने गंगा की पूजा करके प्रकोप कम करने की प्रार्थनाएं शुरू कर दी है। शनिवार को बिजनौर से 82,700 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। बाढ़ खंड के जेई रणधीर सिंह का कहना है कि डेढ़ लाख क्यूसेक पानी जब छोड़ा जाएगा तो बाढ़ के हालात खादर में बन जाएंगे।
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एसडीएम धनौरा का कहना है कि टीमों को अलर्ट कर दिया गया है। हालांकि अभी मुनादी नहीं कराई गई है। डेढ़ लाख से दो लाख क्यूसेक पानी बिजनौर से छोड़े जाने पर बाढ़ के हालात बनेंगे। पल-पल की स्थिति पर हम निगाह बनाए हुए हैं।
रामगंगा में बढ़ा तीन फीट जलस्तर
कई दिन से लगातार हो रही बारिश का असर शनिवार को रामगंगा पर भी दिखाई दी। रामगंगा में जल स्तर में तीन फीट की बढ़ोतरी हो गई। इससे रामगंगा में पांच फीट पानी हो गया। सूखे से जूझ रही रामगंगा को बारिश से भरपूर पानी मिल गया। आसपास के गांवों के नालों से बारिश का पानी रामगंगा में पहुंच गया। इससे रामगंगा में पानी बढ़ने के साथ ही आसपास के खेतों तक फैल गया।
रामगंगा किनारे की कालोनी के लोगों को बाढ़ का डर सताने लगा है। रामगंगा ग्रामीण क्षेत्रों में कई गांवों तक फैल सकती है। पानी बढ़ने का प्रभाव यह रहा कि शनिवार दोपहर में रामगंगा में नाव चलाई गई। लोगों ने नांव से रामगंगा की सैर की और सामान एक ओर से दूसरी पार लेकर पहुंचे।
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रामगंगा किनारे की कालोनी के लोगों को बाढ़ का डर सताने लगा है। रामगंगा ग्रामीण क्षेत्रों में कई गांवों तक फैल सकती है। पानी बढ़ने का प्रभाव यह रहा कि शनिवार दोपहर में रामगंगा में नाव चलाई गई। लोगों ने नांव से रामगंगा की सैर की और सामान एक ओर से दूसरी पार लेकर पहुंचे।
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