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बनारस और हरिद्वार की तर्ज पर गंगा आरती का शुभारंभ

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 23 Jul 2019 02:18 AM IST
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ganga arti in chandausi rajghat like as haridwar
बबराला में राजघाट गंगा पर आरती करते काशी से आए विद्वान - फोटो : CHANDAUSI
चंदौसी/गुन्नौर। सावन के सोमवार की बाइस जुलाई इतिहास में दर्ज हो जाएगी। क्योंकि संभल जिले में यह पहला मौका है, जिले ने बुलंदशहर की सीमा से अलग अपना गंगा घाट विकसित करने के साथ ही वाराणसी और हरिद्वार की भांति ही राजघाट पर मां गंगा की दैनिक महाआरती की परंपरा की शुरुआत की है। जिसके प्रणेता जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह बने हैं।
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सदियां बीत गई, जब से गंगा इस क्षेत्र में बहती है। हालांकि आजादी के बाद से बुलंदशहर जिले के नरौरा घाट पर गंगा मेला लगता आ रहा है। गंगा नदी का एक किनारा और आधी से अधिक धारा बुलंदशहर में बहती है लेकिन दूसरा किनारे संभल जिले में लगता है।
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गंगा दोनों जिलों की सीमा से गुजरती है या यूं कहें कि यहां गंगा ही दोनों जिलों की सीमा को निर्धारित करती हैं। संभल जिला तो आठ साल पहले सृजित हो गया लेकिन मेला नरौरा घाट पर ही लगता रहा लेकिन जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने जब बाढ़ की आशंका के मद्देनजर गंगा का दौरा किया तो विचार आया कि गंगा पर तो आधा अधिकार संभल जिले का भी है। क्योंकि गंगा का एक किनारे तो हमारी सीमा में है तो क्यों न अपनी सीमा वाले राजघाट को विकसित करके यहीं पर गंगा का मेला लगाया जाए।
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इसी सोच ने विस्तार लिया तो जिलाधिकारी की खास रुचि को स्थानीय अधिकारियों व नागरिकों ने भी समझ लिया। राजघाट को पर्यटन स्थल बनाने की दिशा पर काम शुरू हो गया। आईएएस अधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह का नदी प्रेम और गहराया तो नरौरा घाट को पीछे छोड़ते हुए यहां बनारस और हरिद्वार की तरह मां गंगा की नियमित महाआरती की रूपरेखा तैयार हो गई। जिसे सावन के पहले सोमवार को अमली जामा पहनाते हुए आस्था की एक नई इबारत लिख दी गई। गंगा जन कल्याण समिति का गठन किया गया। अध्यक्ष अतुल गोयल की देखरेख में तैयारियां की गईं।
सोमवार की शाम को राजघाट का नजारा अद्भुत दिखा। साफ सफाई के साथ ही घाट को फूलों से सजाया गया था। हर तरफ रंग बिरंगी रोशनी थी। राजघाट पर इतिहास रचे जाने के गवाह बनने के लिए क्षेत्र के दर्जनों गांवों के हजारों की संख्या में लोग जुटे थे। जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह, पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद, एसडीएम गुन्नौर ओमवीर सिंह, चंदौसी के महेश प्रसाद दीक्षित व संभल के दीपेंद्र यादव के साथ साथ भाजपा जिलाध्यक्ष ओमवीर खड़गवंशी, पूर्व जिलाध्यक्ष राजेश सिंघल, भुवनेश वार्ष्णेय, सतीश अरोरा आदि बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। पूजन के बाद जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने विशेष मंत्रोच्चार के बीच मां गंगा का महाआरती करके एक नई पंरपरा की शुरुआत की।

बनारस के विद्वानों ने कराई गंगा महाआरती
गुन्नौर। बनारस गंगा घाट से विशेष तौर बुलाए गए सत्यम शास्त्री, अनुराग शास्त्री, पुष्पेंद्र शास्त्री, रोहित शास्त्री व राज शास्त्री पांच विद्वानों ने सोमवार की शाम को सबसे पहले विशेष मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ किया। जिसमें जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक समेत विभिन्न अधिकारियों, गंगा कल्याण समिति के सदस्यों के साथ अन्य लोगों ने भी आहुतियां दी। मां गंगा को आमंत्रित किया गया। बनारस से आए विद्वानों ने बताया कि आज यहां बनारस में होने वाली विश्व प्रसिद्ध गंगा महाआरती की तर्ज पर ही वहीं आरती की गई। यह आरती अब यहां हर शाम को अनवरत जारी रहेगी।
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