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Moradabad: झूठी निकली सामूहिक दुष्कर्म की घटना, पुलिस ने रिपोर्ट लगाकर जेल से रिहा कराया आरोपी
Sat, 08 Oct 2022 02:59 PM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
Published by: विजय पुंडीर
Updated Sat, 08 Oct 2022 02:59 PM IST
सार
पुलिस ने पीड़िता, उसके बाप और ग्रामीणों के बयान दर्ज किए। जिन्होंने सामूहिक दुष्कर्म की घटना से इनकार किया। इसके अलावा मेडिकल रिपोर्ट में भी दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई थी। विवेचना में मामला झूठा साबित हुआ।
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विस्तार
भोजपुर का चर्चित सामूहिक दुष्कर्म मामला पुलिस की जांच में झूठा निकला। पुलिस ने इस मामले में कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल कर आरोपी को जेल से रिहा करा दिया है। झूठा केस दर्ज कराने वाले युवती के फोटो और पूर्व राशन डीलर की तलाश में पुलिस जुटी है।
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भोजपुर के गांव निवासी एक ग्रामीण ने 22 सितंबर को भोजपुर थाने में अपने बहनोई और इस्लामनगर के पूर्व राशन डीलर रईस व अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया था।। जिसमें वादी ने बताया कि उसकी 19 वर्षीय मानसिक रूप से कमजोर बेटी एक सितंबर की शाम सात बजे मेला देखने गई थी। हम उसकी तलाश करते हुए पहुंचे तो वह निर्वस्त्र हालत में मिली थी। उसे हम घर लेकर आ गए थे। इसके बाद मेरी गैर मौजूदगी में मेरा बहनोई घर आया और पूर्व राशन डीलर रईस व अन्य लोगों के साथ मिलकर मुझे और मेरी पत्नी को मंदबुद्घि बताकर भोजपुर थाने में पांच युवकों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म का झूठा केस दर्ज करा दिया था।
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इसके बाद आरोपियों ने बेटी का निर्वस्त्र हालत का वीडियो वायरल कर दिया था। जिससे मेरे परिवार की बहुत बदनामी हुई है। सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस पहले ही एक आरोपी नौशे को जेल भेज चुकी थी। इस ही मामले में दो केस दर्ज होने के बाद एसएसपी ने मामले की जांच कराई। पुलिस ने पीड़िता, उसके बाप और ग्रामीणों के बयान दर्ज किए। जिन्होंने सामूहिक दुष्कर्म की घटना से इनकार किया। इसके अलावा मेडिकल रिपोर्ट में भी दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई थी। विवेचना में मामला झूठा साबित हुआ। इसके बाद पुलिस ने कोर्ट में 169 की रिपोर्ट दाखिल की। जिसके आधार पर आरोपी जेल से रिहा हो गया। एसपी देहात संदीप कुमार मीणा ने बताया कि जांच में सामूहिक दुष्कर्म की घटना झूठी पाई गई है। झूठा केस दर्ज कराने वालों पर कार्रवाई की जा रही है।
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