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कृषि कानून के विरोध में किसान संगठनों ने प्रदर्शन कर सौंपे ज्ञापन
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रामपुर। कृषि कानूनों के विरोध में किसान संगठनों ने पंचायत कर कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा।
भारतीय किसान यूनियन टिकैत के कार्यकर्ताओं ने कृषि कानूनों के विरोध में सिविल लाइंस स्थित कार्यालय पर पंचायत कर प्रदर्शन किया। इस दौरान जिलाध्यक्ष हसीब अहमद ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं हैं तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इसके बाद किसानों ने सिटी मजिस्ट्रेट से फोन पर वार्ता की। सिटी मजिस्ट्रेट रामजी मिश्रा ने भाकियू कार्यालय पहुंचकर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन लिया। ज्ञापन में किसानों ने कहा है कि केंद्र सरकार द्वारा लागू कृषि कानूनों का किसान विरोध कर रहे हैं। क्योंकि किसानों को इन कानूनों से कंपनी की बंधुआ बनाए जाने का खतरा सता रहा है। इस दौरान चौधरी राजपाल सिंह, राहत खान, अमृतपाल भंडार, सुभाष चंद शर्मा, राकेश शर्मा, वीरेंद्र गंगवार, महेश बाबू, मोहम्मद अहसान, सिराज अहमद, खुशीराम यादव, तंजील अहमद, हरवीर सिंह,रामवीर सिंह गुर्जर,गुरबख्श सिंह, खेमकरन, श्यामलाल, पूरन सिंह, विनोद यादव, विरेंद्र सिंह, होरीलाल आदि मौजूद रहे।
इसके साथ ही भारतीय किसान यूनियन अंबावता के कार्यकर्ताओं ने आंबेडकर पार्क में पंचायत कर कृषि कानूनों का विरोध जताया। इसके बाद राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। इस दौरान राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष मोहम्मद हनीफ वारसी ने कहा कि केंद्र सरकार तानाशाही रवैया छोड़कर किसानों का दर्द समझते हुए कृषि कानूनों को रद्द करें। उन्होंने आंदोलन के दौरान मरने वाले किसानों को शहीद का दर्जा देने और मृतक के परिवार को 5 करोड़ रुपये और एक परिजन को सरकारी नौकरी देने की भी मांग की। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने अभिनेत्री कंगना राणौत का पोस्टर भी जलाया। इस दौरान अतीक खां, कामरान खान, फैसल खान, करीमुद्दीन, नजराना बेगम, रईस अहमद, रामकुमार, रिजवान, मुबारक हसन, दयाशंकर, जुल्फिकार अली, लतीफ अहमद, मक्खन सिंह, सलीम, जाकिर खां, शाहिद अली, हड़ताल सिंह यादव, राम अवतार, भूकन लाल, अदनान खान आदि मौजूद रहे।
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वहीं दूसरी ओर भारतीय किसान यूनियन अन्नदाता के कार्यकर्ताओं ने कृषि कानूनों को रद्द करने समेत पांच मांगों को लेकर कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान संगठन के युवा प्रदेश अध्यक्ष उस्मान अली पाशा ने कहा कि सरकार ने शायद अन्य पार्टियों के अंजाम से सबक नहीं लिया है। इसलिए हठधर्मिता दिखा रही है और देश को उद्योगपतियों के हाथों गुलाम बनाना चाह रही है। प्रदर्शन कर ज्ञापन देने वालों में जिला अध्यक्ष मुशाहिद हुसैन, शादाब हुसैन, मुकीम खान, शमशाद खान, फरहीन खान, गुड़िया, सुभान अली, नाजिम अली, संजीव राजपूत, विनोद कुमार आदि मौजूद रहे। इसके साथ ही भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति ने भी कृषि कानूनों के विरोध में आंबेडकर पार्क में पंचायत कर विरोध जताया और सिटी मजिस्ट्रेट रामजी मिश्रा को ज्ञापन सौंपा।
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भारतीय किसान यूनियन टिकैत के कार्यकर्ताओं ने कृषि कानूनों के विरोध में सिविल लाइंस स्थित कार्यालय पर पंचायत कर प्रदर्शन किया। इस दौरान जिलाध्यक्ष हसीब अहमद ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं हैं तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इसके बाद किसानों ने सिटी मजिस्ट्रेट से फोन पर वार्ता की। सिटी मजिस्ट्रेट रामजी मिश्रा ने भाकियू कार्यालय पहुंचकर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन लिया। ज्ञापन में किसानों ने कहा है कि केंद्र सरकार द्वारा लागू कृषि कानूनों का किसान विरोध कर रहे हैं। क्योंकि किसानों को इन कानूनों से कंपनी की बंधुआ बनाए जाने का खतरा सता रहा है। इस दौरान चौधरी राजपाल सिंह, राहत खान, अमृतपाल भंडार, सुभाष चंद शर्मा, राकेश शर्मा, वीरेंद्र गंगवार, महेश बाबू, मोहम्मद अहसान, सिराज अहमद, खुशीराम यादव, तंजील अहमद, हरवीर सिंह,रामवीर सिंह गुर्जर,गुरबख्श सिंह, खेमकरन, श्यामलाल, पूरन सिंह, विनोद यादव, विरेंद्र सिंह, होरीलाल आदि मौजूद रहे।
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इसके साथ ही भारतीय किसान यूनियन अंबावता के कार्यकर्ताओं ने आंबेडकर पार्क में पंचायत कर कृषि कानूनों का विरोध जताया। इसके बाद राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। इस दौरान राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष मोहम्मद हनीफ वारसी ने कहा कि केंद्र सरकार तानाशाही रवैया छोड़कर किसानों का दर्द समझते हुए कृषि कानूनों को रद्द करें। उन्होंने आंदोलन के दौरान मरने वाले किसानों को शहीद का दर्जा देने और मृतक के परिवार को 5 करोड़ रुपये और एक परिजन को सरकारी नौकरी देने की भी मांग की। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने अभिनेत्री कंगना राणौत का पोस्टर भी जलाया। इस दौरान अतीक खां, कामरान खान, फैसल खान, करीमुद्दीन, नजराना बेगम, रईस अहमद, रामकुमार, रिजवान, मुबारक हसन, दयाशंकर, जुल्फिकार अली, लतीफ अहमद, मक्खन सिंह, सलीम, जाकिर खां, शाहिद अली, हड़ताल सिंह यादव, राम अवतार, भूकन लाल, अदनान खान आदि मौजूद रहे।
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वहीं दूसरी ओर भारतीय किसान यूनियन अन्नदाता के कार्यकर्ताओं ने कृषि कानूनों को रद्द करने समेत पांच मांगों को लेकर कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान संगठन के युवा प्रदेश अध्यक्ष उस्मान अली पाशा ने कहा कि सरकार ने शायद अन्य पार्टियों के अंजाम से सबक नहीं लिया है। इसलिए हठधर्मिता दिखा रही है और देश को उद्योगपतियों के हाथों गुलाम बनाना चाह रही है। प्रदर्शन कर ज्ञापन देने वालों में जिला अध्यक्ष मुशाहिद हुसैन, शादाब हुसैन, मुकीम खान, शमशाद खान, फरहीन खान, गुड़िया, सुभान अली, नाजिम अली, संजीव राजपूत, विनोद कुमार आदि मौजूद रहे। इसके साथ ही भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति ने भी कृषि कानूनों के विरोध में आंबेडकर पार्क में पंचायत कर विरोध जताया और सिटी मजिस्ट्रेट रामजी मिश्रा को ज्ञापन सौंपा।