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छेड़खानी के आरोपी को चार साल की सजा
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मुरादाबाद। छेड़खानी के आरोपी युवक को अदालत ने चार साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 30 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है। इसमें से आधी रकम पीड़ित युवती को देने का आदेश दिया है।
थाना मझोला में जून 2017 को पीड़ित ने मुकदमा दर्ज कराया था। इसके मुताबिक वह अपने खेत से चारा लेकर जंगल के रास्ते से घर लौट रही थी। इस दौरान रास्ते में गांव के ही रहने वाले दीपक ने उसे बुरी नीयत से पकड़ लिया । पीड़ित के अनुसार वह उससे बचकर बमुश्किल वहां से भाग निकली और अपने घर पहुंची जहां उसने परिजनों को सारे मामले की जानकारी दी। इस मुकदमे की विवेचना तत्कालीन खदाना पुलिस चौकी इंचार्ज सुभाष मावी ने की। एडीजे प्रथम विशेष न्यायाधीश पॉस्को कोर्ट रविन्द्र कुमार श्रीवास्तव की अदालत में यह मामला सुना गया। बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि आरोपी एक विद्यार्थी है और उसको गांव की रंजिश के चलते झूठा फंसाया गया है। वहीं सरकार की ओर से बहस करते हुए सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मनोज कुमार वर्मा ने दलील पेश की कि मौके के गवाहों ने आरोपी की इस हरकतों को उजागर किया है। गवाहों के बयानों ओर मुकदमे की परिस्थिति को देखते हुए अदालत ने आरोपी दीपक को घटना का दोषी करार पाया। आरोपी को चार वर्ष के कठोर कारावास की सजा के साथ साथ 30 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
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थाना मझोला में जून 2017 को पीड़ित ने मुकदमा दर्ज कराया था। इसके मुताबिक वह अपने खेत से चारा लेकर जंगल के रास्ते से घर लौट रही थी। इस दौरान रास्ते में गांव के ही रहने वाले दीपक ने उसे बुरी नीयत से पकड़ लिया । पीड़ित के अनुसार वह उससे बचकर बमुश्किल वहां से भाग निकली और अपने घर पहुंची जहां उसने परिजनों को सारे मामले की जानकारी दी। इस मुकदमे की विवेचना तत्कालीन खदाना पुलिस चौकी इंचार्ज सुभाष मावी ने की। एडीजे प्रथम विशेष न्यायाधीश पॉस्को कोर्ट रविन्द्र कुमार श्रीवास्तव की अदालत में यह मामला सुना गया। बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि आरोपी एक विद्यार्थी है और उसको गांव की रंजिश के चलते झूठा फंसाया गया है। वहीं सरकार की ओर से बहस करते हुए सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मनोज कुमार वर्मा ने दलील पेश की कि मौके के गवाहों ने आरोपी की इस हरकतों को उजागर किया है। गवाहों के बयानों ओर मुकदमे की परिस्थिति को देखते हुए अदालत ने आरोपी दीपक को घटना का दोषी करार पाया। आरोपी को चार वर्ष के कठोर कारावास की सजा के साथ साथ 30 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
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