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Moradabad News: कुंदरकी में डिप्थीरिया से चार वर्षीय बच्ची की मौत
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मुरादाबाद। कुंदरकी ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम अहमद नगर जैतवाड़ा में 15 दिन पहले मिले डिप्थीरिया पीड़ित दो बच्चों में से चार वर्षीय बच्ची सायरा की बृहस्पतिवार की रात मौत हो गई। सायरा का दिल्ली के महर्षि वाल्मीकि अस्पताल में इलाज चल रहा था। दूसरे बच्चे का भी दिल्ली में ही इलाज चल रहा है।
बुखार आने के बाद सायरा के गले में दर्द होने के साथ सूजन आ गई थी। जब बच्ची को सांस लेने में दिक्कत हुई तो 23 सितंबर को मुरादाबाद से दिल्ली के लिए रेफर किया गया था। पिता शहरोज ने बताया कि उनके चार बच्चों में सायरा तीसरे नंबर की थी। परिजनों ने बताया कि बच्ची को जानलेवा बीमारियों से बचाव का टीका नहीं लगा था।
चिंताजनक बात यह है कि इसी गांव निवासी हसन रजा (12) भी डिप्थीरिया से पीड़ित है। उसके पिता मोहम्मद ने बताया कि बच्चे का दिल्ली में इलाज चल रहा है। कुंदरकी सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सौरभ बरतरिया ने जैतवाड़ा जाकर ग्रामीणों को डिप्थीरिया से बचाव के प्रति जागरूक किया।
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अब तक स्वास्थ्य विभाग डिप्थीरिया से बचाव के लिए सिर्फ खोखले दावे कर रहा है। जिले में डिप्थीरिया से यह दूसरी मौत है। विभागीय अधिकारी मरीजों को बाहरी जिले का बताकर अपना पल्ला झाड़ने में लगे हैं। गांवों में टीकाकरण के लिए अभियान नहीं चलाया जा रहा है।
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जांच के लिए भेजे तीन बच्चों के सैंपल
चिकित्सा अधीक्षक का दावा है कि अहमद नगर जैतवाड़ा में 22 टीमों के माध्यम से 740 घरों में सर्वे कराया गया, जिसमें डिप्थीरिया के लक्षण वाले बच्चों को खोजा गया। इस दौरान तीन बच्चे ऐसे मिले हैं, जिन्हें बुखार आ रहा है और गले में खराश है। तीनों बच्चों के सैंपल लेकर जांच के लिए जिला अस्पताल भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। विभाग का दावा है कि शुक्रवार को कुंदरकी के 52 स्कूलों में शिविर लगाकर 2207 बच्चों को डिप्थीरिया का टीका लगाया गया।
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बुखार आने के बाद सायरा के गले में दर्द होने के साथ सूजन आ गई थी। जब बच्ची को सांस लेने में दिक्कत हुई तो 23 सितंबर को मुरादाबाद से दिल्ली के लिए रेफर किया गया था। पिता शहरोज ने बताया कि उनके चार बच्चों में सायरा तीसरे नंबर की थी। परिजनों ने बताया कि बच्ची को जानलेवा बीमारियों से बचाव का टीका नहीं लगा था।
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चिंताजनक बात यह है कि इसी गांव निवासी हसन रजा (12) भी डिप्थीरिया से पीड़ित है। उसके पिता मोहम्मद ने बताया कि बच्चे का दिल्ली में इलाज चल रहा है। कुंदरकी सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सौरभ बरतरिया ने जैतवाड़ा जाकर ग्रामीणों को डिप्थीरिया से बचाव के प्रति जागरूक किया।
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अब तक स्वास्थ्य विभाग डिप्थीरिया से बचाव के लिए सिर्फ खोखले दावे कर रहा है। जिले में डिप्थीरिया से यह दूसरी मौत है। विभागीय अधिकारी मरीजों को बाहरी जिले का बताकर अपना पल्ला झाड़ने में लगे हैं। गांवों में टीकाकरण के लिए अभियान नहीं चलाया जा रहा है।
जांच के लिए भेजे तीन बच्चों के सैंपल
चिकित्सा अधीक्षक का दावा है कि अहमद नगर जैतवाड़ा में 22 टीमों के माध्यम से 740 घरों में सर्वे कराया गया, जिसमें डिप्थीरिया के लक्षण वाले बच्चों को खोजा गया। इस दौरान तीन बच्चे ऐसे मिले हैं, जिन्हें बुखार आ रहा है और गले में खराश है। तीनों बच्चों के सैंपल लेकर जांच के लिए जिला अस्पताल भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। विभाग का दावा है कि शुक्रवार को कुंदरकी के 52 स्कूलों में शिविर लगाकर 2207 बच्चों को डिप्थीरिया का टीका लगाया गया।